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Monday, 13 January 2014

Shinde shielded businessman close to Dawood

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पिछले महीने भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व गृह सचिव आरके सिंह ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे पर सनसनीखेज आरोप लगाया है। सिंह के मुताबिक शिंदे ने दिल्ली पुलिस को अंडरव‌र्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी माने जाने वाले मुंबई के उद्योगपति से पूछताछ करने से रोक दिया था। दिल्ली पुलिस आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में इस उद्योगपति से पूछताछ करना चाहती थी। यही नहीं, उन्होंने शिंदे के करीबियों पर पैसे लेकर दिल्ली पुलिस में नियुक्तियों की सिफारिश करने का भी आरोप लगाया है। गृह सचिव रहते हुए सिंह ने हालांकि ऐसी कोई शिकायत नहीं की थी। 

कुछ चैनलों को दिए साक्षात्कार में आरके सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस आइपीएल स्पॉट फिक्िसग मामले में मुंबई के एक उद्योगपति के दाऊद से संबंधों के बारे में पूछताछ करना चाहती थी। लेकिन, शिंदे ने दिल्ली पुलिस को ऐसा करने से रोक दिया। यह उद्योगपति पहले से 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले का आरोपी है और सीबीआइ उसे गिरफ्तार भी कर चुकी है। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में स्पॉट फिक्सिंग के लिए दाऊद को भी आरोपी बनाया है और इस सिलसिले में उसने सटोरियों से दाऊद की बातचीत के टेप भी पेश किए हैं।

पूर्व गृह सचिव ने इसके अलावा शिंदे के करीबियों पर दिल्ली पुलिस के थाने स्तर की पोस्टिंग में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है। उनके अनुसार शिंदे के कार्यालय से दिल्ली पुलिस को थानेदारों की नियुक्ति के लिए लगातार चिट भेजी जाती थीं। उनके लिए इसके एवज में पैसे लिए जाने की चर्चा भी सुनी गई थी। 

सिंह ने शिंदे के दाऊद को भारत लाने के दावे की भी हवा निकाल दी है। शिंदे पिछले छह महीने में चार बार दाऊद के पाकिस्तान में छिपे होने और अमेरिका की मदद से जल्द भारत लाने का बयान दे चुके हैं। सिंह के अनुसार गृह मंत्री के साथ अमेरिका गए प्रतिनिधिमंडल में वे खुद भी शामिल थे, जिसमें एफबीआइ के साथ दाऊद के बारे में बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ ने दाऊद को भारत लाने में मदद का कोई भरोसा नहीं दिया था। 

पिछले महीने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद सिंह गृह मंत्री के साथ अपने मतभेदों पर कई बार बोल चुके हैं। बीते शुक्रवार को मासिक प्रेसवार्ता के दौरान शिंदे ने भी सिंह के साथ मतभेदों को स्वीकार किया था। लेकिन, सिंह ने पहली बार शिंदे पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं।

Monday, 11 November 2013

Dispute in Congress on Modi

narendra modi

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस का असमंजस सतह पर आ गया है। पार्टी में खास मुकाम रखने वाले सरकार के मंत्री मोदी पर आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस कोर ग्रुप के सदस्य और वित्त मंत्री पी चिदंबरम मोदी को अगले आम चुनाव के लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं तो गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान ने भी चिदंबरम के बयान को काटते हुए कहा कि मोदी को मसीहा के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो वे हैं नहीं।
सूत्रों के मुताबिक पीएम पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद मोदी को लेकर देश में बन रहे माहौल के चलते अंदरूनी तौर पर कांग्रेस भी उन्हें चुनौती मान रही है, लेकिन वह इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती। चिदंबरम के उन्हें चुनौती मानने और एक पार्टी के तौर पर नजरअंदाज न करने की नसीहत से कांग्रेस का यह असमंजस सामने आ गया है। इतना ही नहीं, वित्त मंत्री के यह कहने से कि भाजपा नेताओं को एकजुट करने में मोदी कामयाब रहे हैं, कांग्रेस मोदी की इस तारीफ से खुद को असहज महसूस कर रही है। लिहाजा, सोमवार को पार्टी ने चिदंबरम के बयान से नुकसान की भरपाई की भरपूर कोशिश की। 

पत्रकारों से रू-ब-रू शिंदे ने स्पष्ट लफ्जों में कहा, 'कांग्रेस के लिए मोदी कोई चुनौती नहीं है।' यह कहने पर कि चिदंबरम ने तो उन्हें चुनौती माना है, शिंदे ने कहा, 'मैं दूसरों के बारे में नहीं कह सकता, लेकिन अपनी और पार्टी की तरफ से यह बात कह रहा हूं।' इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, कांग्रेस बहुत बड़ी और पुरानी पार्टी है। 120 साल की इस पार्टी के सामने बहुत बड़ी-बड़ी चुनौतियां आती रही हैं। वह हर बार उनसे पार पाती रही है। 2004 में राजग का 'इंडिया शाइनिंग' भी बड़ी चुनौती थी, फिर भी कांग्रेस जीती और नौ साल से सरकार में है।
मोदी पर कांग्रेस की इस दुविधा ने पार्टी में पहली बार खुली बहस का रूप नहीं लिया है। इससे पहले गत जून में केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी प्रबंधन क्षमता और विचारधारा को लेकर मोदी को कांग्रेस के लिए चुनौती माना था। जिसे पार्टी महासचिव शकील अहमद ने खारिज किया था। वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने तो जयराम को गुजरात जाकर भाजपा में शामिल होने की नसीहत तक दे दी दी थी। पिछले दिनों कानून मंत्री कपिल सिब्बल भी मोदी को राहुल गांधी के बजाय उनसे बहस की चुनौती दे चुके हैं।
''कांग्रेस के लिए मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। मैं दूसरों की नहीं कहता, लेकिन यह मेरी और पार्टी की राय है।''
- सुशील कुमार शिंदे (गृह मंत्री)
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''मोदी चुनौती हैं क्योंकि वह देश को भ्रमित कर रहे हैं और हमें उनकी झूठी बातों के बारे में लोगों को सजग करना है।''
-के. रहमान खान (अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री)
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''कांग्रेस ने पहले भी नरेंद्र मोदी जैसे कई महानुभावों को धूल चटाई है। ऐसे लोगों से कांग्रेस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।''
-मनीष तिवारी (सूचना एवं प्रसारण मंत्री)

Source- News in Hindi