Monday, 11 November 2013

Dispute in Congress on Modi

narendra modi

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस का असमंजस सतह पर आ गया है। पार्टी में खास मुकाम रखने वाले सरकार के मंत्री मोदी पर आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस कोर ग्रुप के सदस्य और वित्त मंत्री पी चिदंबरम मोदी को अगले आम चुनाव के लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं तो गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान ने भी चिदंबरम के बयान को काटते हुए कहा कि मोदी को मसीहा के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो वे हैं नहीं।
सूत्रों के मुताबिक पीएम पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद मोदी को लेकर देश में बन रहे माहौल के चलते अंदरूनी तौर पर कांग्रेस भी उन्हें चुनौती मान रही है, लेकिन वह इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती। चिदंबरम के उन्हें चुनौती मानने और एक पार्टी के तौर पर नजरअंदाज न करने की नसीहत से कांग्रेस का यह असमंजस सामने आ गया है। इतना ही नहीं, वित्त मंत्री के यह कहने से कि भाजपा नेताओं को एकजुट करने में मोदी कामयाब रहे हैं, कांग्रेस मोदी की इस तारीफ से खुद को असहज महसूस कर रही है। लिहाजा, सोमवार को पार्टी ने चिदंबरम के बयान से नुकसान की भरपाई की भरपूर कोशिश की। 

पत्रकारों से रू-ब-रू शिंदे ने स्पष्ट लफ्जों में कहा, 'कांग्रेस के लिए मोदी कोई चुनौती नहीं है।' यह कहने पर कि चिदंबरम ने तो उन्हें चुनौती माना है, शिंदे ने कहा, 'मैं दूसरों के बारे में नहीं कह सकता, लेकिन अपनी और पार्टी की तरफ से यह बात कह रहा हूं।' इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, कांग्रेस बहुत बड़ी और पुरानी पार्टी है। 120 साल की इस पार्टी के सामने बहुत बड़ी-बड़ी चुनौतियां आती रही हैं। वह हर बार उनसे पार पाती रही है। 2004 में राजग का 'इंडिया शाइनिंग' भी बड़ी चुनौती थी, फिर भी कांग्रेस जीती और नौ साल से सरकार में है।
मोदी पर कांग्रेस की इस दुविधा ने पार्टी में पहली बार खुली बहस का रूप नहीं लिया है। इससे पहले गत जून में केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी प्रबंधन क्षमता और विचारधारा को लेकर मोदी को कांग्रेस के लिए चुनौती माना था। जिसे पार्टी महासचिव शकील अहमद ने खारिज किया था। वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने तो जयराम को गुजरात जाकर भाजपा में शामिल होने की नसीहत तक दे दी दी थी। पिछले दिनों कानून मंत्री कपिल सिब्बल भी मोदी को राहुल गांधी के बजाय उनसे बहस की चुनौती दे चुके हैं।
''कांग्रेस के लिए मोदी कोई चुनौती नहीं हैं। मैं दूसरों की नहीं कहता, लेकिन यह मेरी और पार्टी की राय है।''
- सुशील कुमार शिंदे (गृह मंत्री)
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''मोदी चुनौती हैं क्योंकि वह देश को भ्रमित कर रहे हैं और हमें उनकी झूठी बातों के बारे में लोगों को सजग करना है।''
-के. रहमान खान (अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री)
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''कांग्रेस ने पहले भी नरेंद्र मोदी जैसे कई महानुभावों को धूल चटाई है। ऐसे लोगों से कांग्रेस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।''
-मनीष तिवारी (सूचना एवं प्रसारण मंत्री)

Source- News in Hindi

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