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Thursday, 19 June 2014

Both Houses of UP Assembly adjourned amid din

File photo: Akhilesh Yadav in UP Assembly
Making its intention clear, BJP started protests in the Legislative assembly even before the start of the proceedings. Its members staged a dharna in front of the gallery leading toward the chair of Speaker Mata Prasad Pandey blocking his way to the House.
  
When the House assembled, the entire opposition parties including BSP, Congress, BJP and RLD members, stormed into the Well of the House, raising slogans against the Akhilesh Yadav government and demanding its dismissal by the President.
  
They were demanding immediate debate on the law and order situation of the state and other issues like power crisis and outstanding payment of sugarcane farmers.
  
The BSP members waved placards with slogans like "murder, rape and dacoity...dismiss the Akhilesh government" and "Akhilesh government has failed on power front" and wore caps with slogans printed on them.
  
Speaker Pandey requested the members to ensure order, saying since they have already moved notices on these issues, they should raise them at the appropriate time.
  
The Speaker also expressed his displeasure over BJP members' attempt to block his entry to the House, terming it "undemocratic".
  
"You have closed the door and stopped me from entering. I cannot put the House to ransom in your hands. This is undemocratic. Whatever issue you want to raise, you should have raised inside the House," Pandey said.
  
But with the House continuing to be in disorder, the Speaker adjourned the entire question hour till 12.20 pm.
  
However, there was no change in the situation even after that. BSP members continued with their protest by standing on seats and displaying banners. BJP members also continued to disturb the proceedings by shouting slogans in the well.
  
As the Speaker rushed through the agenda, women MLAs of BJP tried to push through the marshals and reach the chair despite the Speaker repeatedly saying that their behaviour was not right.
  
Parliamentary Affairs Minister and senior SP leader Azam Khan was heard saying that such a behaviour by BJP, both inside and outside the House, was wrong and aimed at throwing the country in disarray. He called for taking strict steps to check it.

When the Speaker called for taking up the adjournment notice on law and order, Leader of Opposition BSP leader Swami Prasad Maurya requested him to restore order in the House.
  
He alleged that BJP was in the well at Azam Khan's behest to help the SP government avoid facing questions from the opposition. Khan retaliated by saying that it was BSP which had helped BJP in the Lok Sabha polls.
  
Finding it hard to speak amid the din, BSP MLAs led by Maurya staged a walkout and the Speaker adjourned the House for the day after finishing off the agenda.
  
The scene was no different in the Legislative Council where opposition members stormed into the well and raised slogans as soon as the proceedings started.
  
They were also demanding a debate on law and order, power crisis and issues related to farmers.
  
Chairman Ganesh Shanker Pandey adjourned the House for entire question hour. Later, when it reassembled, he rushed through the agenda and adjourned the House for the entire day.


Source: State News

Thursday, 26 December 2013

Beni Prasad flays UP govt for conditions at riot-relief camps


नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। मुजफ्फरनगर के दंगा राहत शिविरों में अखिलेश सरकार के खिलाफ साजिश के बयान पर मौलाना-मौलवियों के निशाने पर आए मुलायम सिंह यादव पर कांग्रेस भी बरस पड़ी है। केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि एक तरफ दंगा राहत शिविरों में भूख और ठंड से जूझते हुए बच्चों की मौतें हो रही हैं, दूसरी तरंफ मुलायम सिंह अपने गांव में सैफई महोत्सव में विदेशी डांसरों से डांस करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम में जरा भी शर्म हो तो उन्हें सैफई महोत्सव को तुरंत बंद कर राहत शिविरों में साजिशकर्ताओं के बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

केंद्रीय इस्पात मंत्री वर्मा ने बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में सपा प्रमुख मुलायम के पूरे व्यक्तित्व व कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। कहा, फर्क देखिए, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दक्षिण अफ्रीका के 'गांधी' नेल्सन मंडेला के निधन के बाद अपना जन्मदिन नहीं मनाया। जबकि, मुजफ्फरनगर व शामली में हुए दंगों के महीनों बाद भी वहां के राहत शिविरों में ठंड व भूख से बच्चों की लगातार मौत हो रही है। फिर भी मुलायम सिंह सैफई महोत्सव करा रहे हैं। उसमें डांस के लिए विदेश से डांसर बुलाई गई हैं। इतना ही नहीं, उलटे वह दंगा राहत शिविरों में साजिशकर्ताओं के होने की बात कह रहे हैं। कोई समाजवादी ऐसा नहीं होता। लिहाजा, उन्हें सैफई महोत्सव तुरंत बंद करने के साथ ही अपने बयान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

तीन दशक से ज्यादा समय तक मुलायम के दोस्त रहे बेनी ने कहा कि किसी प्रदेश सरकार की साजिश के बिना कोई दंगा लंबा नहीं चल सकता, जबकि मुजफ्फरनगर का चल रहा है। उप्र में 18 से 20 प्रतिशत मुसलमान हैं। इस बार हिंदू-मुस्लिम वोटों को अपने-अपने पक्ष में कराने के लिए नरेंद्र मोदी और मुलायम मिल गए हैं। इसीलिए मुलायम सिंह बार-बार भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं की खुले मंच से तारीफ कर रहे हैं। अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा से सीखने की नसीहत दे रहे हैं।

वर्मा ने कहा कि मुलायम को नहीं भूलना चाहिए कि आय से अधिक संपत्ति मामले में वह भले ही छूट गए हों, लेकिन उनके भ्रष्टाचार के कई मामले अब भी सीबीआइ के पास हैं। लोकपाल कानून बन गया है। उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा। वह सपा कार्यकर्ताओं से गुंडई न करने की बात करते हैं। जबकि, उनके सत्ता में आने पर यह और बढ़ जाती है। उनके संसदीय क्षेत्र गोंडा में जब ऐसे लोग पकड़े जाते हैं तो सपा नेता उन्हें छुड़वा देते हैं।
खाली पतीली पर टिकीं पनीली निगाहें

शामली, [मनीष शर्मा]। 85 साल की मकसूदी भूख नहीं होने का बहाना कर बच्चों को कुछ खिला देने की बात कहती है तो उसके बहू-बेटे की आंखें नम हो जाती हैं। एक माह की रिजवाना भूख से बिलख रही है, क्योंकि खुराक की कमी से मां मोहसीना के आंचल में दूध नहीं उतर रहा। शामली के शिविरों में रह रहीं हजारों जिंदगियों का यही हाल है। दाने-दाने को मोहताज हुए दंगा पीड़ितों से हुकूमत ने आंखें फेर ली हैं। शिविरों का अस्तित्व मानने से इन्कार कर रहे हुक्मरानों ने राशन तक भेजना बंद कर दिया, दूध भी बेहद कम भेजा जा रहा है। भूख से बिलखते बच्चों को दिखाने के लिए चूल्हे पर पानी भरी पतीली चढ़ाई जाती है तो समझने वालों की आंखों में उबाल आ जाता है। शामली के दंगा राहत शिविरों की व्यथा व्यवस्था से जवाब मांग रही हैं। मलकपुर, खुरगान, बरनावी, कांधला, मन्ना माजरा के राहत कैंपों में रह रहे परिवारों का हाल भी ऐसा ही है। मलकपुर कैंप में तकरीबन 700 परिवार शरण पाए हैं। शिविर को छह वार्डो में बांटकर करीब 5500 लोगों की खिदमत की जा रही है। इनमें पांच साल से कम उम्र के करीब 1200 बच्चे भी हैं। यहां सिर्फ ढाई कुंतल दूध की सप्लाई है, यानी एक व्यक्ति को औसतन 50 ग्राम से भी कम और परिवार को 200 ग्राम दूध मिल रहा है। यही मात्रा खुरगान राहत कैंप में दिए जाने वाले दूध की भी है।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दावों के विपरीत तकरीबन एक माह से सरकारी राशन नहीं आया है। शिविर में रह रहे अहमद, दिलशाद, रहमत आदि के मुताबिक उन्हें व उनके बच्चों को भूखे पेट सोना पड़ रहा है। शिविर के खिदमतगारों के मुताबिक लोग कंबल और गर्म कपड़े तो भेज रहे हैं, लेकिन राशन नहीं।

Monday, 12 August 2013

Ponted Nose Is A Criteria For Success


uttar pradesh cm akhilesh yadav

लखनऊ, जागरण ब्यूरो। बात चल निकली 'प्वाइंटेड नोज' (नुकीली नाक) की तो फिर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यह बताने से नहीं चूके कि प्वाइंटेड नोज वाले लोग जिस भी क्षेत्र में सक्रिय होते हैं वहां वे सफलता के शिखर तक पहुंचते हैं। दरअसल हुआ यूं कि सोमवार को एक कार्टून पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री से पहले बोलने खड़े हुए एक वरिष्ठ पत्रकार ने कार्टून के विषय में अपने अनुभव की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री की ओर इशारा करके कहा कि प्वाइंटेड नोज वाले व्यक्ति कार्टूनिस्ट के लिए अच्छा 'सब्जेक्ट' होते हैं और आप पर भी यह बात लागू होती है। 

जब मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री के बोलने की बारी आई तो उन्होंने कहा कि जिनकी प्वाइंटेड नोज होती है उनका कार्टून तो अच्छा बनता ही है और साथ ही वे अपनी फील्ड में कामयाबी के शिखर तक भी पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे इसे और स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि एक बार उनकी नाक पर चोट लग गई और वह एक प्रसिद्ध चिकित्सक (जो राष्ट्रपति के भी डॉक्टर थे) को दिखाने गए। डॉक्टर साहब ने कुर्सी पर बैठाने के बाद पूछा कि आपकी शादी हो गई। जवाब में मैंने कहा, हां हो गई। तो डॉक्टर साहब ने फौरन कहा कि तब इलाज की कोई जरूरत नहीं है।

अखिलेश ने कहा कि डॉक्टर साहब ने अपने अनुभव के आधार पर बताया कि प्वाइंटेड नोज वालों के साथ-साथ वे लोग भी बहुत आगे तक जाते हैं जिनकी नाक में चोट लगती है।

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-ponted-nose-is-a-criteria-for-success-10643340.html

Tuesday, 6 August 2013

Durga Nagpal Should Apologise, Says SP Minister

जागरण ब्यूरो, लखनऊ। मौका था पांच सौ नब्बे करोड़ रुपये की डेरी व पशुधन विकास की योजनाएं लागू किए जाने का, लेकिन यहां भी निलंबित आइएएस दुर्गा शक्ति नागपाल का मसला उभर आया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की मौजूदगी में दुर्गा प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन बुरी तरह बिफर पड़े। 

दुर्गा नागपाल के अलावा केंद्र सरकार, आइएएस एसोसिएशन और मीडिया को निशाने पर ले लिया। मुद्दे से भटक कर कहने लगे कि उन्होंने नागपाल के परिवार का सच बता दिया तो सभी हैरान रह जाएंगे। अहमद हसन ने मस्जिद की दीवार गिराए जाने के लिए दुर्गा नागपाल से माफी मांगने को कहा। 
Source.. http://www.jagran.com/news/national-durga-nagpal-should-apologise-says-sp-minister-10628358.html

Monday, 5 August 2013

गलती करेंगे तो अधिकारियों को भुगतनी होगी सजा: अखिलेश

Durga shakti Nagpal, suspension of durga shakti, IAS officer, uttar pradesh government
लखनऊ। अगर कोई बच्चा गलती करता है तो उसे सजा मिलती है, वैसे ही अगर किसी अधिकारी से कोई गलती होती है तो उसे सजा तो मिलनी ही चाहिए। ये बातें किसी और नहीं बल्कि यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही हैं। कहीं न कहीं उन्होंने अपनी इन बातों से ये इशारा दे दिया कि वे दुर्गा शक्ति के निलंबन को सही मानते हैं। उनकी नजर में अगर दुर्गा शक्ति ने गलती है तो उन्हें सजा भी मिल गई है।