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Thursday, 26 December 2013

West bengal: mothers killed newborn babies


बैरकपुरं/हुगली, जागरण संवाददाता। गरीबी से जूझ रही माताओं द्वारा नवजातों की हत्या करने की दिल दहलाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में घटी जहां एक मां ने अपनी पांचवीं संतान को मार डाला। मां ने दम घोटकर मारने के बाद शव को बोरी में बांध कर अपने घर की चौकी के नीचे रख छोड़ा था। उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए उसने उस पर सिलबट्टा रख दिया था। आरोप है कि बोरी में बंद नवजात को सिलबट्टे से कुचला गया है। नवजात की नृशंस तरीके से हत्या किए जाने की यह घटना मध्यमग्राम थानांतर्गत वार्ड नं 12 के नतुनपल्ली में बृहस्पतिवार प्रात: घटी।

बृहस्पतिवार को इस घटना का खुलासा होते ही स्थानीय बाशिंदों ने पुलिस को बुला कर शव समेत हत्यारिन मां को उनके हवाले कर दिया। इस दौरान उसका पति घर में उपस्थित नहीं था। पेशे से वैन चालक रामपद पाल और उसकी पत्नी शंकरी पाल को पहले से चार बच्चे हैं। देर रात शंकरी ने बच्चे को जना। प्रत्यक्षदर्शी 11 वर्षीय आशीष राय ने बताया कि जिस समय शंकरी पाल नवजात की हत्या कर रही थी, उस समय वह उसके घर के बेढ़े की फांक से देख रहा था। उसने आस पड़ोस के लोगों को इस घटना की जानकारी दी। पड़ोसियों ने कड़ाई से जब शंकरी से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी चार वर्षीय बेटी रमा पाल ने मां का कुकृत्य मीडिया के सामने बयां किया। बच्चे की हत्या से पूर्व शंकरी नहीं जानती थी कि उसने जिस नवजात को जना है वह बेटा है या बेटी।


दूसरी ओर नवजात की मौत के सिलसिले में पुलिस ने हुगली जिले के रवींद्र नगर इलाके से बच्चे की मां को गिरफ्तार किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी मां कल्पना बछार ने ही अपने एक दिन के बच्चे को मार कर बाहर नाले के समीप फेंक दिया। बृहस्पतिवार सुबह स्थानीय लोगों ने नवजात का शव देखा। इससे गुस्साए लोगों ने आरोपी महिला की जमकर पिटाई की। आरोप है कि कल्पना ने ही कल रात इस बच्चे को अपने घर में जन्म दिया था। उसके बाद उसे मारकर बाहर फेंक दिया। बताया गया है कि पहले से कल्पना के एक बेटा और तीन बेटियां है। कुछ लोगों का कहना है कि गरीबी के कारण ही उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने जनता के बीच से निकालकर आरोपी मां को गिरफ्तार करके थाने ले गई। कल्पना का पति दैनिक मजदूरी का काम करता है। घटना के पीछे क्या सच्चाई है, इसके लिए पुलिस कल्पना से पूछताछ कर रही है।

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Friday, 29 November 2013

Shocked, shattered by sexual harassment allegations: Ganguly

Shocked
जागरण ब्यूरो, कोलकाता। लॉ की इंटर्न छात्रा के शारीरिक शोषण का आरोप झेल रहे सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके गांगुली स्वयं को निर्दोष मानते हैं। तमाम आरोपों से इन्कार करते हुए उन्होंने खुद को परिस्थिति का शिकार बताया और कहा कि वे मामले को लेकर शर्मिदा नहीं हैं। एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में खुद का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपों से मुझे गहरा धक्का लगा है और मैं लगभग टूट चुका हूं। पीड़ित इंटर्न को उन्होंने अपनी बेटी की तरह बताया और कहा कि वह बच्ची मेरे घर कई बार आ चुकी है। वह मेरे साथ काम कर चुकी है, लेकिन उसने कभी मुझसे इस बारे में बात नहीं की।
न्यायाधीश गांगुली ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने कभी उससे घर आने के लिए दबाव नहीं डाला। पूरे मामले में मैं परिस्थितियों का शिकार हुआ हूं। लेकिन अगर यह परंपरा आगे भी जारी रही तो सुप्रीम कोर्ट में ईमानदार न्यायाधीशों का काम करना मुश्किल हो जाएगा। वह प्रकरण की जांच कर रहे सुप्रीम कोर्ट के पैनल के रवैये से भी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि पैनल के सामने उन्हें सफाई का मौका नहीं दिया गया। उस इंटर्न से उसके ब्लॉग के विषय में भी बात करने का मौका नहीं दिया। एक सवाल के जवाब में न्यायाधीश ने कहा कि 'इस मामले की तुलना तरुण तेजपाल प्रकरण के साथ न की जाए।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या आप इस आरोप के बाद पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे तो उन्होंने कहा कि यह किस तरह का सवाल है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।
गौरतलब है कि पीड़ित महिला वकील ने अपने ब्लॉग में इंटर्नशिप के दौरान 2012 में सुप्रीम कोर्ट के एक जज द्वारा उसका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुडिसियल साइंस, कोलकाता से लॉ की डिग्री हासिल करने वाली महिला वकील ने दिल्ली में इंटर्नशिप की थी। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने न्यायाधीश एके गांगुली का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि अपने इंटर्न द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद न्यायाधीश को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसा पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश इस तरह के आरोप में फंसा है।---
'हम दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया है, लेकिन मैंने उसे कभी अपने साथ काम करने के लिए मजबूर नहीं किया। वह जाने के लिए हमेशा स्वतंत्र थी।'
-एके गांगुली, पूर्व न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट
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Shocked, shattered by sexual harassment allegations: Ganguly

Shocked
जागरण ब्यूरो, कोलकाता। लॉ की इंटर्न छात्रा के शारीरिक शोषण का आरोप झेल रहे सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एके गांगुली स्वयं को निर्दोष मानते हैं। तमाम आरोपों से इन्कार करते हुए उन्होंने खुद को परिस्थिति का शिकार बताया और कहा कि वे मामले को लेकर शर्मिदा नहीं हैं। एक निजी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में खुद का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि आरोपों से मुझे गहरा धक्का लगा है और मैं लगभग टूट चुका हूं। पीड़ित इंटर्न को उन्होंने अपनी बेटी की तरह बताया और कहा कि वह बच्ची मेरे घर कई बार आ चुकी है। वह मेरे साथ काम कर चुकी है, लेकिन उसने कभी मुझसे इस बारे में बात नहीं की।
न्यायाधीश गांगुली ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने कभी उससे घर आने के लिए दबाव नहीं डाला। पूरे मामले में मैं परिस्थितियों का शिकार हुआ हूं। लेकिन अगर यह परंपरा आगे भी जारी रही तो सुप्रीम कोर्ट में ईमानदार न्यायाधीशों का काम करना मुश्किल हो जाएगा। वह प्रकरण की जांच कर रहे सुप्रीम कोर्ट के पैनल के रवैये से भी दुखी हैं। उन्होंने कहा कि पैनल के सामने उन्हें सफाई का मौका नहीं दिया गया। उस इंटर्न से उसके ब्लॉग के विषय में भी बात करने का मौका नहीं दिया। एक सवाल के जवाब में न्यायाधीश ने कहा कि 'इस मामले की तुलना तरुण तेजपाल प्रकरण के साथ न की जाए।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या आप इस आरोप के बाद पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे तो उन्होंने कहा कि यह किस तरह का सवाल है। मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता।
गौरतलब है कि पीड़ित महिला वकील ने अपने ब्लॉग में इंटर्नशिप के दौरान 2012 में सुप्रीम कोर्ट के एक जज द्वारा उसका शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुडिसियल साइंस, कोलकाता से लॉ की डिग्री हासिल करने वाली महिला वकील ने दिल्ली में इंटर्नशिप की थी। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बंद्योपाध्याय ने न्यायाधीश एके गांगुली का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि अपने इंटर्न द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाए जाने के बाद न्यायाधीश को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसा पहली बार हुआ है कि सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश इस तरह के आरोप में फंसा है।---
'हम दोनों ने साथ बैठकर खाना खाया है, लेकिन मैंने उसे कभी अपने साथ काम करने के लिए मजबूर नहीं किया। वह जाने के लिए हमेशा स्वतंत्र थी।'
-एके गांगुली, पूर्व न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट
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Tuesday, 12 November 2013

Next year King Khan will Welcomes Bengal People in Bengali Language

kolkata International film festival
मुंबई। ..तो भाई शाहरुख खान बंगाली सीखेंगे। दरअसल, बॉलीवुड के किंग खान को यह अफसोस है कि उन्हें अभी तक बंगाली बोलना नहीं आता। उनका कहना है कि तीन साल से उनका कोलकाता आना जाना है, लेकिन वे आज तक बांग्ला नहीं बोल पाते हैं। पर अब उन्होंने ये भाषा सीखने की ठान ली है। वह बांग्ला के लिए जया बच्चन को अपना गुरु बनाना चाहते हैं।

कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में शिरकत करने पहुंचे किंग खान ने रविवार को जया बच्चन के संदर्भ में ये बाते कहीं। उन्होंने कहा कि अगले साल तक वे अच्छी तरह से बांग्ला भाषा सीख लेंगे और स्टेज पर सबको इसी भाषा से संबोधित करेंगे। उन्होंने ये बातें तब कहीं जब जया बच्चन ने कमल हसन, अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान को असली बंगालियों के सामने नकली बंगाली कहा।
गौरतलब है कि किंग खान पश्चिम बंगाल के ब्रैंड अंबेसडर हैं। फेस्टिवल के उदघाटन समारोह में अमिताभ बच्चन,बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कमल हसन भी मौजूद थें। आठ दिनों तक चलने वाला इस फिल्म फेस्टिवल में 63 देशों की 189 फिल्में दिखाई जाएंगी। समारोह में टॉलीवुड के कई बड़े स्टार भी मौजूद थें।

Source- Entertainment News in Hindi

Wednesday, 6 November 2013

Sebi Begins Attachment Proceedings Against 200 Defaulters

defaulters

अब तक करीब 1,550 करोड़ रुपये की रकम वसूली के लिए खाते जब्त किए गए हैं। इसमें से 1,520 करोड़ रुपये की रकम केवल एक मामले से संबंधित है। यह मामला पश्चिम बंगाल की एमपीएस ग्रीनरी डेवलपर्स की अवैध सामूहिक निवेश योजना का है।
पिछले करीब एक महीने में शुरू की गई इस कार्रवाई के तहत सेबी अपने नए अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है। इनमें बैंक खाते जब्त करने, संपत्तियां जब्त करने और वसूली के लिए छापेमारी के अधिकार शामिल हैं। इसके अलावा नियामक इस काम में मदद के लिए सीबीआइ, टैक्स डिपार्टमेंट और अन्य जांच एवं प्रवर्तन एजेंसियों से भी विचार-विमर्श कर रहा है। इस काम को अंजाम देने के लिए सेबी ने अपने कर्मचारियों की संख्या में भी खासा इजाफा किया है। नियामक ने हाल ही में 75 नए अधिकारियों की नियुक्ति की है।
37 कंपनियों पर कार्रवाई
फर्जी एसएमएस संदेशों के जरिये निवेशकों को लुभाने वाली 37 कंपनियां सेबी के हत्थे चढ़ी हैं। नियामक ने इन कंपनियों को बाजार में कारोबार से प्रतिबंधित कर दिया है। इनमें एक सूचीबद्ध कंपनी भी शामिल हैं। सेबी ने इन कंपनियों के निदेशकों और प्रमोटरों पर भी प्रतिबंध लगाया है। सेबी ने फरवरी-मार्च 2013 के दौरान अचानक निवेश सलाह देने वाले एसएमएस में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए इस मामले की जांच शुरू की थी। बड़ी संख्या में इन संदेशों में निवेशकों को एसएमएस टेकसॉफ्ट (इंडिया) लिमिटेड नाम की कंपनी के शेयर खरीदने के लिए लुभाया जा रहा था।
नियामक ने अब इन कंपनियों को छह करोड़ रुपये की रकम एस्क्रो अकाउंट में जमा करने को कहा है। इन संदेशों के कारण एसएमएस टेकसॉफ्ट के शेयरों में आई तेजी से इन कंपनियों ने यह लाभ कमाया था। इसके अलावा एसएमएस टेकसॉफ्ट ने इन कंपनियों को तरजीही आधार पर जो शेयर जारी किए थे उन्हें बेचकर भी इन कंपनियों ने लाभ कमाया।

Source- News in Hindi