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Sunday, 29 December 2013

Kallis strokes 45th ton and leaves Dravid behind in run getters




डरबन। जैक्स कैलिस ने आखिरकार जाते-जाते भी ये साबित कर ही दिया है कि क्यों उन्हें महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है। डरबन में भारत के खिलाफ अपने टेस्ट करियर का आखिरी टेस्ट खेलने उतरे इस महानतम ऑलराउंडर ने विदाई से पहले करियर का 45वां शतक जड़कर दिखा दिया कि उनका जज्बा आज भी उतना ही है जितना पहले हुआ करता था। कैलिस ने इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में राहुल द्रविड़ के 13,288 रनों के आंकड़े को पार करते हुए सर्वाधिक टेस्ट रनों की सूची में तीसरे स्थान पर भी जगह बना ली है।
शांत, सौम्य और ठंडे दिमाग वाले इस खिलाड़ी ने डरबन टेस्ट में 273 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और उन आलोचकों को करारा जवाब दिया जिन्होंने उन्हें ढला हुआ मान लिया था। चौथे नंबर पर कैलिस तब खेलने उतरे जब पीटरसन 62 रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद शुरुआत से ही कैलिस के शॉट्स में वो रंग दिखाई दिया जिसके लिए वो जाने जाते हैं। कैलिस ने इसके साथ ही सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वालों की सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद राहुल द्रविड़ (13,288 रन) को एक पायदान नीचे खिसका कर जाते-जाते तीसरे स्थान पर कब्जा जमा लिया है।

गौरतलब है कि जैक्स कैलिस ने इसी मैच की पहली पारी में अपने टेस्ट करियर का 200वां कैच भी लपका था जिसके साथ ही वो सर्वाधिक कैच लेने वालों की सूची में भी दूसरे स्थान पर आ गए थे। इस मामले में द्रविड़ शीर्ष पर हैं। वहीं शतक जड़ने के मामले में कैलिस (45 शतक) सचिन तेंदुलकर (51 शतक) के बाद अब भी दूसरे स्थान पर बरकरार हैं।

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Duban test: Kallis farewell ton boosts Proteas innings

डरबन। भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच किंग्समीड (डरबन) में जारी सीरीज के दूसरे व अंतिम टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत के पहली पारी में बनाए गए 334 रनों के जवाब में चौथे दिन समाचार लिखे जाने तक 8 विकेट के नुकसान पर 497 बना लिए हैं और अब वो अपनी बढ़त को मजबूत बनाने में जुटे हैं। इसी बीच अपना आखिरी टेस्ट मैच खेल रहे दिग्गज ऑलराउंडर जैक्स कैलिस ने अपना 45वां टेस्ट शतक भी पूरा किया। फिलहाल बारिश की वजह से खेल रुका हुआ है.

तीसरे दिन का खेल खत्म होते वक्त स्थिति के मुताबिक पांचवां विकेट गिरने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने नाइटवॉचमैन के तौर पर डेल स्टेन को पिच पर कैलिस का साथ देने भेजा था, लेकिन चौथे दिन के खेल में डेल स्टेन ने दक्षिण अफ्रीकी फैंस को निराश नहीं किया और उन्होंने अपना आखिरी मैच खेल रहे जैक्स कैलिस का भरपूर साथ दिया और काफी हद तक भारतीय गेंदबाजों को बेबस किया। वो एक छोर पर टिके रहे जिसके दम पर कैलिस को अपने आखिरी टेस्ट में एतिहासिक शतक लगाने में सफलता हासिल हुई। ये जैक्स कैलिस का 45वां टेस्ट शतक रहा। दोनों बल्लेबाजों ने आसानी से अर्धशतकीय साझेदारी को अंजाम भी दिया और दक्षिण अफ्रीका को बढ़त की ओर अग्रसर किया। इसके बाद कैलिस (115) रवींद्र जडेजा का पांचवां शिकार बने और पूरे मैदान पर फैंस और खिलाड़ियों ने खड़े होकर तालियों के साथ कैलिस का अभिवादन किया। कुछ देर तक टिक कर खेल रहे डेल स्टेन ने 44 रन बनाकर बढि़या योगदान जरूर दिया लेकिन वो भी कैलिस के बाद जहीर खान की गेंद पर धौनी को विकेट के पीछे कैच दे बैठे और दक्षिण अफ्रीका को सातवां झटका लगा। और पीटरसन के रूप में 8वां झटका लगा।

Is Kallis even greater than Sachin Tendulkar




(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। जब भी क्रिकेट इतिहास के बारे में चर्चा होगी तो 2013 को शायद ही कोई कभी भूल सकेगा। आखिर ये वो साल जो रहा जब क्रिकेट के दो महानतम खिलाड़ियों ने मैदान को अपने-अपने अंदाज में अलविदा कह दिया। एक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा तो दूसरे ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहकर अपने पूर्ण संन्यास की राह को तय कर दिया। हम बात कर रहे हैं दक्षिण अफ्रीका के महानतम ऑलराउंडर जैक्स कैलिस और क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज सचिन रमेश तेंदुलकर की। दोनों ने विदाई के लिए यही साल चुना, ऐसे में ये सवाल अब हमेशा जिंदा रहेगा कि सचिन और कैलिस में कौन था ज्यादा महान क्रिकेटर...?

आमतौर पर जब किसी से ये सवाल पूछा जाता है तो जवाब यही मिलता है कि दोनों की अपनी खूबियां रही, और दोनों ही अपनी-अपनी टीम के लिए क्रिकेट के बादशाह रहे..लेकिन फिर भी सवाल जगजाहिर है कि इन दोनों की टक्कर में आखिर कौन था सर्वश्रेष्ठ? आइए दोनों खिलाड़ियों के कुछ खास पहलुओं पर गौर फरमाते हैं जो काफी हद तक ये स्पष्ट करने जरूर हो जाएगा कि महान जरूर दोनों थे लेकिन कहीं ना कहीं ये क्रिकेट की सबसे बड़ी बहस बन सकती है।

1. सचिन तेंदुलकर (भारत): 

इस महान क्रिकेटर ने अपने करियर में बल्ले से वो सभी चीजें हासिल की जिसकी कामना कोई भी क्रिकेटर रखता होगा। कागजों पर शायद उनसे बेहतर ना तो कोई था और ना ही आगे कोई हो सकेगा। 24 सालों के करियर के रिकॉर्ड 200 टेस्ट मैचों में रिकॉर्ड 15,921 रन और रिकॉर्ड 51 शतक, वनडे में रिकॉर्ड 463 मैचों में रिकॉर्ड 18,426 रन और रिकॉर्ड 49 शतक। ये वो विशालकाय आंकड़े हैं जो एक बेहतरीन क्रिकेटर, एक महानतम क्रिकेटर का स्तर बयां करते हैं। शांत स्वभाव और बल्ले से बोलने वाले इस खिलाड़ी ने जितनी लोकप्रियता मैदान में रहकर कमाई उतना ही विवादों से दूर रहकर, मैदान से बाहर भी। भारतीय क्रिकेट के साथ-साथ दुनिया के करोड़ों क्रिकेट फैंस ने उन्हें इस खेल के भगवान का दर्जा दिया और वो ऐसी विदाई लेकर गए जिसका सपना देखते-देखते खिलाड़ियों के करियर समाप्त हो गए। 

2. जैक्स कैलिस (दक्षिण अफ्रीका): 

सचिन तेंदुलकर ने बेशक बल्ले से कई कीर्तिमान बनाए हों, बेशक कई बार उन्होंने ऐसे इतिहास रचे जिससे भारत और दुनिया के तमाम खेल प्रेमियों ने उन्हें सलाम किया, लेकिन दक्षिण अफ्रीकी टीम में एक खिलाड़ी ऐसा था जो बिना ज्यादा फोकस, बिना ज्यादा लाइम लाइट के हमेशा फैंस के दिल में जगह बनाता गया और जाते-जाते भी महानता का अहसास करा गया। नाम है जैक्स कैलिस। इस 38 वर्षीय खिलाड़ी ने भारत के खिलाफ डरबन टेस्ट से जब संन्यास का ऐलान किया तब भी वो ढलते नहीं दिखे और तकरीबन 20 साल के करियर के बाद भी जाते-जाते अपना 45वां शतक लगाकर पवेलियन लौटे। कुछ लोग कैलिस को सबसे महान क्रिकेटर के तौर पर इसलिए तरजीह देते हैं क्योंकि उन्होंने मैदान के हर डिपार्टमेंट में अपना योगदान दिया और सर्वश्रेष्ठ स्तर पर दिया। उन्होंने 166 टेस्ट मैचों में 13,289 रन बनाए, डरबन टेस्ट की पहली पारी तक उन्होंने 292 विकेट भी लिए, यही नहीं, फील्डिंग में भी वो अव्वल रहे और 200 कैच लेकर कैच लेने के मामले में दुनिया के दूसरे नंबर के टेस्ट खिलाड़ी बने। इसके अलावा 325 वनडे मैचों में 17 शतक के साथ 11,574 रन तो बनाए ही, साथ ही यहां भी 273 विकेट लिए और 129 कैच लपके, वहीं उनका वनडे का करियर अब भी बाकी है और 2015 विश्व कप खेलना उनका लक्ष्य है। ना जाने तब तक ये खिलाड़ी और क्या-क्या रिकॉर्ड अपने नाम करेगा। जो भी हो लेकिन हर डिपार्टमेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना और लगातार ऐसा करना हर खिलाड़ी के बस की बात नहीं होती।

Thursday, 26 December 2013

jacques kallis to retire from test


डरबन। दक्षिण अफ्रीका के सर्वकालिक महान हरफनमौला खिलाड़ी जैक कैलिस ने भारत के साथ 26 दिसंबर से किंग्समीड मैदान पर होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया है। कैलिस ने कहा है कि वह 2015 विश्व कप में हिस्सा लेना चाहते हैं।

कैलिस ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि डरबन टेस्ट उनका अंतिम टेस्ट मैच होगा। कैलिस के मुताबिक वह वनडे और टी-20 क्रिकेट में सक्रिय रहेंगे। कैलिस ने कहा कि वह 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले विश्व कप में खेलने की इच्छा रखते हैं।

38 साल के कैलिस ने अपने फैसले को लेकर कहा, '18 साल पहले पर्दापण के बाद से लगातार दक्षिण अफ्रीकी टीम के ड्रेसिंग रूम का सदस्य बने रहना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है। मैंने मैदान में बिताए गए हर पल का आनंद लिया और अब मेरे लिए टेस्ट मैचों से संन्यास लेने का वक्त आ गया है। मेरे लिए यह फैसला आसान नहीं था, खासतौर पर ऐसे में जब ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच होने वाले हैं और टीम सफलता का जमकर लुत्फ ले रही है। लेकिन मेरा मानना है कि मैंने टेस्ट मैचो में अपने हिस्से का योगदान अपनी टीम को दे दिया है।'

कैलिस ने दक्षिण अफ्रीका के लिए अब तक 165 टेस्ट मैचों में 13174 रन बनाए हैं। उनके नाम 44 शतक और 58 अर्धशतक हैं। कैलिस ने 32.53 के औसत से 292 विकेट भी लिए हैं। वह टेस्ट और वनडे मैचों में 10 हजार रन पूरे करने वाले पहले दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी हैं।

कैलिस ने 20 साल की उम्र में पहला टेस्ट मैच खेला था। कैलिस मानते हैं कि कोलकाता नाइटराइर्डस (केकेआर) टीम के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (आइपीएल) खिताब जीतना उनके करियर के अहम मुकामों में से एक है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए) ने भी कैलिस के योगदान को याद किया। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने कहा कि कैलिस का संन्यास लेना तय था और वह इसे लेकर हैरान नहीं हैं। कैलिस का दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट में योगदान अतुलनीय रहेगा। हमारे लिए यह दुख की बात है कि हमारे देश का महानतम खिलाड़ी 2013 के अंतिम हफ्ते में अपने करियर का अंतिम टेस्ट मैच खेलेगा।

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जैक कैलिस (टेस्ट करियर) :::
टेस्ट मैच, रन, नाबाद, उच्चतम, औसत, स्ट्राइक रेट, 100/50, कैच, विकेट, सर्वश्रेष्ठ
165, 13174, 40, 224, 55.12, 46.08, 44/58, 199, 292, 6/54

Source : Cricket Ranking