Tuesday, 1 October 2013

News in Hindi: Medical scam - sentence for Rasheed Masood today


Medical scam

नई दिल्ली। एमबीबीएस सीट आवंटन घोटाला मामले में दोषी करार दिए गए कांग्रेस नेता रशीद मसूद की सजा पर बहस पूरी हो गई है। अदालत ढाई बजे सजा का करेगी ऐलान। मसूद के वकील ने मंगलवार को कोर्ट में इस आग्रह के साथ बहस शुरू किया कि उन्हें एक मौका दे दिया जाए, क्योंकि वह काफी उम्रदराज हैं। उनकी उम्र 68 साल की है और वे बहुत सारी बीमारियों से ग्रसित हैं। वकील ने बताया कि उनकी दो बार एंजियोप्लास्टी भी कराई जा चुकी है और उन्हें 20 साल से डायबिटीज भी है तथा वे दिन में दो बार इंसुलिन का इंजेक्शन भी लेते हैं। वकील ने मसूद के स्वास्थ्य से संबंधित मूलचंद हॉस्पिटल की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश कीं। कोर्ट में पेश होने के बाद मसूद काफी नर्वस दिख रहे थे और खड़े नहीं हो पा रहे थे। इसके बाद उनके सहयोगी ने उन्हें कुर्सी पर बैठाया।

गौरतलब है कि यह मामला 1990-91 का है, जब रशीद मसूद वीपी सिंह सरकार में स्वास्थ मंत्री थे। मसूद को सेंट्रल पूल से त्रिपुरा के लिए आवंटित की गई सीटों पर अयोग्य उम्मीदवार को नामित करने का दोषी 19 सितंबर, को ही ठहराया दिया गया था।

सजायाफ्ता सांसदों और विधायकों की सदस्यता निरस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पहली गाज रशीद मसूद पर गिर सकती है। दो साल से अधिक की सजा होने की स्थिति में रशीद मसूद की संसद की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाएगी। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उस कानून को खत्म कर दिया था जिसमें सांसदों और विधायकों को तत्काल अयोग्य ठहराए जाने के नियम में इम्यूनिटी हासिल थी।

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dengue

जागरण संवाददाता, इलाहाबाद : लगभग तीन साल की मासूम पलक मौत की दहलीज से वापस लौट आई है। डॉक्टरों के साथ मां बीना और पिता प्रकाश भी उसके बचने की उम्मीद छोड़ चुके थे। उसे सिविल लाइंस के एक नर्सिंग होम से वापस घर ले जाया जा रहा था। रास्ते में अचानक उसे खांसी आई और मासूम ने आंखें खोल दी। पिता ने दुलार में उसके माथे पर हाथ फेरा तो उसके चेहरे पर हंसी तैर गई। बस फिर क्या था, दम तोड़ रही उम्मीदों को तो जैसे पंख लग गए। प्रकाश उसे घर ले आने की बजाय सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय ले गए। मौत को मात देकर पलक वापस लौट चुकी थी। उसकी मासूम हंसी ने परिजनों की खोई खुशियां लौटा दी हैं। यूं लग रहा है जैसे उन्हें मंझधार में साहिल मिल गया हो। 

प्रतापगढ़ जिले की कुंडा तहसील से 15 किलोमीटर के फासले पर है हीरागंज क्षेत्र। यहीं के ननका शुक्ला का पुरवा गांव में रहने वाले प्रकाश शुक्ला खेती-बाड़ी करते हैं। उनकी दो औलादें हैं। चार साल का बेटा अंबुज और तीन साल की बेटी पलक। कुछ दिनों पहले पलक को अचानक तेज बुखार आया। प्रकाश और उनकी पत्‍‌नी बीना उसे लेकर गांव के एक डॉक्टर के पास गए। उसने बच्ची को शहर ले जाने की सलाह दी। प्रकाश 24 सितंबर को उसे लेकर सिविल लाइंस स्थित एक नर्सिंग होम आए। मिश्रा भवन चौराहे पर स्थित इस नर्सिंग होम में बच्ची को भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों ने बताया उसे डेंगू है। कुछ ही घंटों बाद उसे वेंटीलेटर पर ले लिया गया। चार दिनों में उसकी हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती गई। 

रविवार को डॉक्टरों ने बताया कि उसकी बचने की उम्मीद खत्म हो चुकी है। वेंटिलेटर के सहारे उसे जिंदा रखा गया है। यह सुनकर प्रकाश और बीना फूट-फूटकर रोने लगे। पलक को अस्पताल से निकाल कर घर ले जाने की तैयारी की जाने लगी मगर ऊपर वाला अभी शायद इतना पत्थर दिल नहीं हुआ था। उसने पलक के लिए कुछ और ही सोच रखा था। परिजन जैसे ही उसे लेकर अस्पताल से बाहर निकले, उसे खांसी आई फिर उसने आंखें खोल दी। अब वह एलनगंज स्थित सरोजनी नायडू बाल चिकित्सालय के आपातकालीन कक्ष में है। उसका इलाज कर रहीं डॉक्टर रुचि राय ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताया। प्रकाश और बीना के चेहरे की रंगत बदल चुकी है। वह कभी प्यार से बेटी की पेशानी को चूम लेते हैं तो कभी हाथ उठाकर ऊपर वाले का शुक्त्रिया अदा करने में जुट जाते हैं।

News in Hindi: Kheda Mahapanchayat guided by Lucknow


Kheda

मेरठ [जासं]। खेड़ा में हुई महापंचायत का रिमोट लखनऊ बैठे पुलिस व प्रशासन के आला अफसरों के हाथ में था। उन्हीं के इशारे पर आला अफसरों ने आंदोलनकारियों का ज्ञापन नहीं लिया, जो बवाल की वजह बना।
केंद्रीय गुप्तचर विभाग ने भी खेड़ा महापंचायत को लेकर गृह विभाग को रिपोर्ट भेजी है। उस रिपोर्ट के मुताबिक महापंचायत को डीएम ने प्रतिबंधित कर दिया था। 2509 लोगों को निजी मुचलके में पांबद कर दिया। ठाकुर बहुल 29 गांव में एक-एक सेक्टर मजिस्ट्रेट की स्थायी रूप से तैनाती कर दी। पुलिस ने भी व्यवस्था कायम रखने के लिए मेरठ के अलावा आगरा व बरेली जोन से भारी संख्या में फोर्स बुलाने का दावा किया। शनिवार को डीआइजी, डीएम व एसएसपी ने खेड़ा में जाकर आयोजकों से बात करके महापंचायत को स्थगित होने का भी दावा किया। इन सभी के बावजूद न सिर्फ पंचायत हुई, बल्कि बवाल भी हुआ।

सूत्रों के मुताबिक रविवार को खेड़ा के जनता इंटर कालेज में प्रधानाचार्य के कक्ष में बैठे अफसर लखनऊ में लगातार किसी से बात कर रहे थे। बताया गया है कि उन्हीं के इशारे पर यह ज्ञापन नहीं लिया गया। सपा सरकार के एक मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी नेताजी को दे दी गई है। उनसे कहा है कि मुजफ्फरनगर हिंसा से पहले शहीद चौक पर हुई सभा के दौरान अफसरों ने ज्ञापन लिया तो उस मामले में कुछ अफसरों पर कार्रवाई भी हुई। इससे सहमे आला अफसरों ने खेड़ा महापंचायत में ज्ञापन नहीं लिया। 

सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि जब डीएम ने इस महापंचायत को पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया था तो फिर भीड़ कैसे जुटी? एक सवाल यह भी उठ रहा है कि महापंचायत के आयोजन को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में कहीं आपसी मनमुटाव तो नहीं था? 

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Mohit Sharma

(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। सभी का बचपन इस सवाल के साथ जरूर गुजरता है कि आखिर आसमान में तारा टूटता कैसे है, कैसे एक चमचमाती चीज आकाश से टपक कर अचानक गुम सी हो जाती है, फिर धीरे-धीरे हम इस सवाल को भूल जाते हैं और कुछ ही लोग जीवन में ये जान पाते हैं कि आखिर तारा टूटना होता क्या है.. ऐसा ही कुछ हमारे देश के क्रिकेट की दास्तां है, यहां प्रतिभा आती हैं, चमचमाती हैं, और एक दिन कहीं ओझल हो जाती है, हम देखते तो हैं लेकिन बस उन्हीं टूटते तारों की कहानी की तरह इसको भी भूल जाते हैं, अभी कुछ ही दिन पहले हमनें आपको अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि कैसे प्रवीण तांबे, वसीम जाफर और अमोल मजूमदार जैसे खिलाड़ियों को बूढ़ा होने के लिए छोड़ दिया गया, लेकिन यह सफर अभी थमा नहीं हैं, कल फिर कुछ ऐसा ही हुआ..

यह भारतीय क्रिकेट की वो दास्तां है जो शायद आने वाले समय में युवा क्रिकेट खिलाड़ियों को इस खेल से मुंह मोड़कर डॉक्टर, इंजीनियर या कुछ और बनने के लिए मजबूर कर दे क्योंकि ऐसा भविष्य भला कौन प्रतिभावान खिलाड़ी पचा पाएगा। जब भारतीय चयनकर्ताओं ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच जल्द शुरू होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया तो पूरे देश में एक ही चीज का जश्न मना कि युवराज सिंह को टीम में दोबारा जगह मिल गई, जाहिर है कि युवी जैसे खिलाड़ी का लौटना किसी भी भारतीय के लिए खुशी का लम्हा होगा लेकिन उनका क्या, जो अच्छा प्रदर्शन करके भी सिर्फ टकटकी लगाए चयनकर्ताओं की तरफ उम्मीद लगाए देख रहे थे। हम बात कर रहे हैं परवेज रसूल और मोहित शर्मा की। दोनों ही खिलाड़ियों को ऐसे नजरअंदाज किया गया मानों चयनकर्ताओं ने हर बार कुछ अलग और हैरतअंगेज करने की कसम खा ली है। अपनी पिछली रिपोर्ट में हमनें आपको बताया था कि कैसे प्रवीण तांबे (42 वर्ष), वसीम जाफर (35 वर्ष) और अमोल मजूमदार (38 वर्ष) जैसे शानदार खिलाड़ियों को चयनकर्ताओं ने सिर्फ घरेलू मैदान पर बूढ़ा होने के लिए छोड़ दिया है, आइए अब इस फेहरिस्त के दो नए खिलाड़ियों पर भी नजर डाल लीजिए, जो शायद आने वाले समय में विलुप्त खिलाड़ियों की श्रेणी में आ जाएंगे, क्योंकि भारतीय क्रिकेट अधिकारियों ने तो जैसे कसम खा ली है कि प्रतिभा नष्ट करने का रिकॉर्ड बनाए बिना वे दम नहीं लेंगे। 

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Shut Down

वाशिंगटन। अमेरिका को जिसका डर था आखिर वही हुआ। अमेरिकी सरकार ने आज शटडाउन का ऐलान कर दिया। अब अमेरिका की अर्थव्यवस्था एक बार फिर संकट के भंवर में फंसती दिखाई दे रही है। इस शटडाउन की घोषणा 1995-96 यानी 17 साल बाद की गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण अमेरिकी संसद से तय समयसीमा 30 सितंबर की रात तक बजट बिल पास नहीं हो पाया। इसकी वजह से अमेरिका में 17 साल बाद एक बार फिर शटडाउन यानी गैर-जरूरी सरकारी कामकाज बंद कर दिए गए हैं। कई सरकारी दफ्तर, म्यूजियम और नैशनल पार्क बंद कर दिए गए हैं और करीब 7 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को जबरन बिना वेतन की छुट्टी पर भेजा जा रहा है।

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muzaffarnagar riots

जागरण ब्यूरो, लखनऊ। मुजफ्फरनगर में दंगा फैलाने के नामजद आरोपी और मदरसा संचालक मौलाना नजीर शनिवार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के मेहमान थे। उन्हें कुछ अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक नेताओं के साथ विशेष हवाई जहाज से लखनऊ लाया गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मुलायम सिंह ने उनसे मुलाकात करके पश्चिम उत्तार प्रदेश में शांति कायम करने में सहयोग मांगा। सरकार के सद्भाव अभियान का यह चेहरा सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत और गरमा गई है। भाजपा आंदोलन के मूड में है और मामला कोर्ट में ले जाने की तैयारी है।

शनिवार को मुख्यमंत्री से मिले पश्चिम उप्र के मुस्लिम धार्मिक नेताओं में मुजफ्फरनगर जिले में जानसठ के मदरसा संचालक मौलाना नजीर भी शामिल थे। मौलाना नजीर के विरुद्ध जानसठ थाने में निषेधाज्ञा के उल्लंघन, भीड़ जुटाने, सरकारी अधिकारी से हाथापाई और धार्मिक उन्माद भड़काने की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। इन्ही धाराओं में भाजपा के विधायकों सुरेश राणा और संगीत सोम पर भी केस दर्ज है। राणा और सोम को जेल भेज उन पर रासुका लगाने की कार्रवाई की जा चुकी है। मौलाना को शांतिदूत बनाए जाने पर भाजपा भड़की हुई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सरकार की एकपक्षीय कार्रवाई और बहुसंख्यक वर्ग के उत्पीड़न दो अक्टूबर से आंदोलन की चेतावनी दी है। सपा नेता राशिद सिद्दीकी को लेकर सरकार पहले ही सवालों में घिरी है। मुजफ्फरनगर की विवादित पंचायत में वह भी मौजूद थे, लेकिन कार्रवाई के बजाय सरकार ने उनकी सुरक्षा में लगे गनर की संख्या बढ़ा दी है।

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narendra modi

जागरण संवाददाता, मुंबई। अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आश्वस्त किया है कि महंगाई और भ्रष्टाचार से जूझ रहे देश में नौवें महीने सुराज आ जाएगा। मोदी का स्पष्ट संकेत लोकसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन की ओर था। कांग्रेस नीत संप्रग सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें निशाना बनाने के लिए वह सीबीआइ का दुरुपयोग कर रही है। वह हमारे अभियान को रोकना चाहती है। मुझे डराने के लिए सीबीआइ को मैदान में उतारा है, लेकिन वह ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। केंद्रीय एजेंसी मुलायम सिंह यादव और मायावती को खामोश कर सकती है, उन्हें नहीं।

लगभग आधे दिन के तूफानी दौरे पर मुंबई आए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आड़े हाथों लिया। भारत डायमंड बोर्स में डायमंड हॉल का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि अमेरिका गए प्रधानमंत्री के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से आतंकवाद रोकने के लिए कड़े शब्दों में बात की है। लेकिन देशवासियों का उनके ऊपर से भरोसा इतना उठ गया है कि उन्हें शक होता है कि उन्होंने नवाज शरीफ से बात की भी होगी या नहीं। मनमोहन सिंह ने यह भरोसा इसलिए खो दिया है, क्योंकि उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले आश्वासन दिया था कि सत्ता में आए तो महंगाई 100 दिन में कम हो जाएगी। लेकिन महंगाई बढ़ती ही गई। मोदी ने इसी कड़ी में मई 2014 में गठित होने वाली नई लोकसभा की ओर संकेत करते हुए कहा कि महंगाई और भ्रष्टाचार के दुर्दिन आठ महीनों में खत्म हो जाएंगे और नौवें महीने देश में सुराज आ जाएगा। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी को चांदी से तौला भी गया।

इससे पहले पीएम उम्मीदवार घोषित होने के बाद पहली बार मुंबई आए मोदी का मुंबई भाजपा द्वारा विमानतल पर ही गाजे-बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर मोदी ने कहा कि कांग्रेस पिछले 10 साल से हमें खत्म करने की कोशिश करती आ रही है। लेकिन उसे इसमें सफलता नहीं मिल सकी। क्योंकि मैं उस मिंट्टी का बना हूं, जिससे महात्मा गांधी और सरदार पटेल बने थे। मोदी गांधी जयंती के दो दिन पहले इंटरनेशनल एडवरटाइजिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित ग्लोबल मार्केटिंग सम्मेलन में भी अपने भाषण को गांधीमय बनाने से नहीं चूके। दुनिया भर की शीर्ष विज्ञापन कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच मोदी को ब्रांड इंडिया पर बोलने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने कहा कि किसी चीज के प्रति खुद का भरोसा जमे बगैर उसकी ब्रांडिंग नहीं की जा सकती। इसी क्रम में मोदी ने गांधी को एक अच्छा संदेशवाहक बताते हुए कहा कि उस दौर में अपनी बात बिना किसी संसाधन के दुनिया के छोर तक पहुंचा देते थे। विज्ञापन की दुनिया से जुड़े लोगों को महात्मा गांधी की इस कला पर शोध करके एक पुस्तक का प्रकाशन करना चाहिए। जब विदेशी छात्र उस पुस्तक को पढ़ेंगे तो भारत के इस महान नेता की ब्रांडिंग होगी। 

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