Tuesday, 2 September 2014

Modi play drum in sacred heart university after fluit in elementry school

जापान के उद्योगपतियों के साथ बैठक में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि व्यापार के लिए भारत से बढ़कर अनुकूल जगह कहीं और नहीं है। उन्होंने इस मंच से उद्योगपतियों को डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डिमांड का मूल मंत्र भी दिया। उन्होंने एलान किया कि भारत की नई सरकार ने उद्योगपतियों के लिए परेशानी खड़ी करने वाली पुरानी रेड टेप व्यवस्था को खत्म कर रेड कार्पेट बिछा दिया है, जिसका लाभ उद्योगपतियों को जरूर होगा। मोदी ने कहा कि भारत के पचास शहर अब मेट्रो की कतार में हैं।

प्रधानमंत्री ने जापान के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापार के लिए भारत की भौगोलिक स्थिति मुफीद है। वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए भारत में क्षमता है। 2007 से 2012 के बीच हमने जापान के दौरे से बहुत कुछ सीखा। भारत की नीति लुक ईस्ट, जापान की लुक इंडिया है। हमने मेक इन इंडिया का नारा दिया है। भारत-जापान एक दूसरे के बिना अंधूरे हैं। भारत की पहचान सॉफ्टवेयर से है और जापान की हार्डवेयर से है। अब वक्त है कि यह दोनों ही एक हो जाएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान यात्रा के चौथे दिन मंगलवार की शुरुआत सैक्रेड हार्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों के बीच की। छात्रों से चर्चा के बाद यहां पर उन्होंने ड्रम बजाकर अपनी एक ओर छवि भी दुनिया के सामने पेश की। सोमवार को भी उन्होंने एलिमेंट्री स्कूल में बच्चों के बीच बांसुरी बजाई थी। इस मौके पर उन्होंने जापान और भारत के बीच मजबूत रिश्ता बनाने पर भी चर्चा की। साथ ही उन्होंने जापान के छात्रों को भारत भ्रमण का न्यौता भी दिया।

उन्होंने कहा कि भारत एक अनूठा और बेहद प्राचीनतम देश है जहां धर्म है, संस्कृति है और भिन्नता है। पीएम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आप भारत में हर रोज एक नई डिश खाना चाहते हैं तो हमारे यहां यह संभव है। उन्हें यहां पर एक स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। मोदी ने कहा कि शिक्षा जब तक व्यर्थ है जब तक हम समाज में महिलाओं को कदम से कदम मिलाकर साथ चलने का मौका नहीं देते हैं।

परमाणु समझौते पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत के डीएनए में ही अहिंसा है, लिहाजा हम विश्व शांति के पक्षधर हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की धरती है, जिन्होंने शांति के संदेश को पूरी दुनिया में फैलाया। छात्रों से चर्चा के दौरान उन्होंने भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम में बिना कोई बदलाव किए विश्व में परमाणु अप्रसार संधि की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्व में केवल जापान ने ही एटम बम की विनाशलीला देखी है। लिहाजा विश्व को इससे सबक लेते हुए इसका उपयोग लोगों की भलाई के लिए करना चाहिए।

आज मोदी जापान के सम्राट से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा एक बार फिर आज उनकी मुलाकात जापान के उद्योगपतियों से होगी। शाम को मोदी विवेकानंद सेंटर भी जाएंगे। दौरे के चौथे दिन मोदी जापान में रह रहे भारतीयों से भी रूबरू होंगे। कल मोदी और जापान के पीएम बीच हुई विभिन्न चरणों की मुलाकात में दोनों देशों के बीच करीब 35 अरब डालर की राशि के समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसमें बुलेट ट्रेन समेत कई अहम समझौते शामिल हैं। 

Pakistan political crisis: nawaz denied to give resignation

पाकिस्तान में बढ़ते राजनीतिक गतिरोध और उग्र होते आंदोलन को खत्म करने के मकसद से प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी प्रदर्शनकारी नेताओं से बातचीत की प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने पर काम करेगी। इससे पूर्व उन्होंने साफ किया था कि वह न तो इस्तीफा देंगे न छुट्टी पर ही जाएंगे। उन्होंने मंगलवार को सदन का संयुक्त सत्र बुलाया है। उनका कहना है कि इसमें वह पीटीआई नेता इमरान खान और आवामी तहरीक के प्रमुख मौलाना ताहिर उल कादरी की सच्चाई को उजागर करेंगे। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी देश के बिगड़ते हालातों पर चिंता व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से आज सभी जजों को उपस्थित रहने की हिदायत दी गई है। पाक के बिगड़ते हालातों पर अमेरिका ने भी चिंता जताई है।

इस राजनीतिक गतिरोध के चलते इस्लामाबाद में जन-जीवन ठप हो गया है। रेड जोन में पिछले 72 घंटों के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि सौ से अधिक लोग घायल हो गए हैं। पीटीआई के अध्यक्ष जावेद हाशमी ने इमरान खान के हवाले से आरोप लगाया है कि देश पर छाया मौजूदा संकट पाक सेना की देन है और यह सब पाकिस्तान की फौज करवा रही है।

देश में जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए पाक सेनाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कुछ समय के लिए पद छोड़ने की सलाह दी थी। हालांकि नवाज के इस्तीफा देने से मना करने पर इस संकट के सुलझने के फिलहाल कोई आसार दिखाई देते नजर नहीं आ रहे हैं। 

100 days of modi government: 10 decisions which will change fate of country

दो सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली नई सरकार के सौ दिन पूरे हो रहे हैं। इस दौरान कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जो आने वाले दिनों देश की तस्वीर बदलकर रख देगा। आइए जानते हैं वो कौन से ऐसे फैसले हैं जिनका दूरगामी असर होगा।

1. काले धन पर एसआइटी

एनडीए सरकार बनने के साथ ही मोदी ने विदेशों में जमा काले धन की वापसी के लिए एसआइटी के गठन का फैसला लिया। हालांकि कोर्ट ने इसके लिए पिछली सरकार को ही आदेश दिया था लेकिन इस पर फैसला टलता रहा और आखिरकार सत्ता संभालने के बाद ही मोदी ने इसकी मंजूरी दे दी।

2. नियुक्ति आयोग के गठन को मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण के लिए मौजूदा कोलिजियम व्यवस्था को बदलकर नई व्यवस्था के तहत नियुक्ति आयोग के गठन को मंजूरी दी गई। इसमें जजों का एक पैनल होगा, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश, सरकार के नुमाइंदे और जाने-माने नागरिक होंगे। कोलिजियम व्यवस्था के तहत न्यायाधीशों की नियुक्ति और स्थानांतरण में धांधली के आरोप लगते रहे हैं।

3. योजना आयोग भंग करने का फैसला

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से अपने संबोधन में 64 साल पुराने योजना आयोग को खत्म कर उसकी जगह नई व्यवस्था लाने का ऐलान किया। इसके लिए लोगों से ऑनलाइन सुझाव मांगे। मोदी का तर्क यह है कि योजना आयोग राज्यों के साथ न्याय नहीं कर पा रहा है।

4. महंगाई पर रोक के लिए कदम

महंगाई रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने जरूरी खाद्य उत्पादों के लिए राष्ट्रीय खाद्य ग्रिड बनाने ऐलान किया है ताकि महंगाई को लेकर अनियंत्रित अटकलों को बढ़ने से रोका जा सके।

5. गंगा सफाई अभियान

गंगा सफाई को राष्ट्रीय मिशन का बनाने का मोदी ने केवल ऐलान किया बल्कि इसके लिए बजट भी आवंटित कर दिए हैं। अगले कुछ महीनों में इस पर काम शुरू हो जाएगा।

6. निर्मल भारत अभियान का ऐलान

मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में दो अक्टूबर से निर्मल भारत अभियान के शुरुआत की घोषणा की। इस अभियान के तहत लोगों को शौचालय के प्रयोग और खुले में शौच से होने वाले नुकसान के साथ ही सफाई से होने वाले फायदों के प्रति प्रेरित किया जाएगा।

7. जन धन योजना

प्रधानमंत्री मोदी ने महात्वाकांक्षी जन धन योजना की शुरुआत की। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से पिछड़े जिन परिवारों के पास बैंक खाता नहीं है उनके बैंक खाते खोले जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार में दो बैंक खातों के साथ कुल 15 करोड़ खाते खोलने का लक्ष्य है। इस योजना के तहत खाता खुलवाने पर व्यक्ति को एक लाख रुपये की दुर्घटना बीमा मिलेगी और आधार कार्ड से खुले खातों में छह महीने बाद ग्राहक आवेदन देने पर जमा राशि से पांच हजार रुपये की अधिक राशि निकाल सकेगा।

8. पर्यावरण की मंजूरी को ऑनलाइन सेवा

मोदी सरकार ने पर्यावरण मंजूरी के लिए ऑनलाइन सेवा शुरू की है ताकि मंत्रालयों के बीच आपसी लड़ाई खत्म हो और लोगों को इधर-उधर भटकना न पड़े। यूपीए सरकार के दौरान पर्यावरण मंजूरी को लेकर कई तरह की बातें सामने आई थीं।

9. अफसरशाही पर नकेल

शपथ ग्रहण करने के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नौकरशाहों को साफ संदेश दे दिया था कि अब किसी भी कीमत पर अफसरशाही नहीं चलने वाली है। उन्होंने पीएमओ के अधिकारियों को समय पर कार्यालय आने, दफ्तर में साफ-सफाई आदि का पाठ पढ़ाया। अब मंत्री और वरिष्ठ नौकरशाह सीधे प्रधानमंत्री से निर्देश लेते हैं। मोदी ना सिर्फ मंत्रियों से बल्कि वरिष्ठ अफसरों से भी नियमित सीधे बात करते हैं।

10. विदेश नीति

मोदी ने अपने शपथ ग्रहण में सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रण भेजकर संदेह दे दिया कि वह किस तरह के विदेश नीति के हिमायती हैं। उन्होंने सबसे पहले पाकिस्तान को दोस्ती का संदेश देने की कोशिश की। फिर उन्होंने पहले विदेश दौरे के लिए भूटान जैसे छोटे देश को चुना और वहां से वह नेपाल गए। मोदी का नेपाल दौरा ऐतिहासिक रहा। कोई भारतीय प्रधानमंत्री 17 साल बाद द्विपक्षीय बातचीत के लिए नेपाल पहुंचा था।

प्रधानमंत्री मोदी का ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए ब्राजील जाना और सौ अरब डॉलर के ब्रिक्स बैंक की स्थापना का फैसला भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उधर, चीन भी नई सरकार से रिश्ते बनाने को उत्सुक है। मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद चीन ने अपने विदेशमंत्री को विशेष दूत बतौर भारत भेजा। चीन के राष्ट्रपति भी सितंबर में भारत का दौरा करेंगे। अभी मोदी जापान के दौरे पर गए हैं जहां उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती को नई ऊंचाई देने के लिए कई करारों में पर हस्ताक्षर किए।

Blue film clip instead of songs played at 'Desi Kattey' music launch

सुनील शेट्टी, जय भानुशाली और आशुतोष राणा स्टारर फिल्म 'देसी कट्टे' के म्यूजिक लॉन्च पर कुछ ऐसा हुआ, जिसकी वजह से वहां मौजूद सभी लोग शर्म से पानी-पानी हो गए।

दिल्ली में आयोजित इस फिल्म के म्यूजिक लॉन्च पर फिल्म के गानों के बीच स्क्रीन पर पॉर्न फिल्म की क्लिप चल गई। हालांकि ये क्लिप कुछ सेकेंडों के लिए चली, लेकिन इसकी वजह से आयोजक शर्मसार हो गए और वहां मौजूद लोग झेंप गए।

सूत्रों के मुताबिक, इस पॉर्न क्लिप को तुरंत रोक दिया गया, लेकिन फिल्म के सितारे और दर्शक इसकी वजह से सन्न रह गए। इस मौके पर फिल्म के कलाकार सुनील शेट्टी, जय भानुशाली, आशुतोष राणा, टिया बाजपेई, साशा आगा और अखिल कपूर समेत देसी कट्टे के निर्माता-निर्देशक आंनद कुमार मौजूद थे। फिल्म के संगीत निर्देशक कैलाश खेर भी इन सब के साथ वहां थे।

आनंद कुमार ने कहा, 'भले ही यह चंद सेकेंड के लिए हुआ, लेकिन इसकी वजह से हम शर्मसार हो गए क्योंकि हमारे परिवार वहां मौजूद थे। हमने उस इवेंट के लिए एक स्थानीय व्यक्ति को बुलाया था और उसने अपने कंप्यूटर में मौजूद क्लिप को चला दिया। वो अपनी गलती के लिए माफी मांग चुका है।'

Three youth gang rape teen in Muzaffarnagar

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के ककरौली थाना क्षेत्र में एक किशोरी को अगवा कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। सिखेड़ा पुलिस ने युवती को बरामद कर ककरौली पुलिस को सौंप दिया।

ककरौली थानाक्षेत्र के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी अपनी भाभी व मां के साथ रविवार रात घर के आंगन में सो रही थी। इसी दौरान गांव के ही संप्रदाय विशेष के पांच युवक वहां पहुंचे और किशोरी का अपहरण कर ले गए। सोमवार को युवती बदहवास हालत में सिखेड़ा के गांव मिर्जा टिल्ला के बाहर बाग में पड़ी मिली। खेत पर जाते लोगों की नजर पीड़िता पर पड़ी तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने किशोरी से पूछताछ के बाद ककरौली थाना पुलिस के हवाले कर दिया। उधर, किशोरी के परिजन थाने पहुंच गए। पीड़िता के मुताबिक, कार में सवार पांच लोग उसे अगवा कर बाग में ले गए, जहां तीन युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि दो लोग पहरा देते रहे।

घटना की सूचना पाकर ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र कुमार, प्रधान कादीपुर हरेंद्र सिंह व प्रधानपति बेलड़ा नरेश कुमार थाने पहुंच गए और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। पीड़िता के भाई की तहरीर पर तीन युवकों समेत पांच के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

आरोपियों के घर की लड़की से भी हुआ था दुष्कर्म

सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में नामजद हुए आरोपियों के परिवार की नाबालिग लड़की से भी एक सप्ताह पूर्व दुष्कर्म हुआ था। बताया जाता है कि आरोपियों के परिवार की लड़की को 25 अगस्त को घर से बुलाकर एक ट्यूबवेल पर दुष्कर्म करने के बाद नहर में धक्का देकर हत्या का प्रयास किया गया था। उस दौरान गंगनहर से रेत निकाल रहे लोगों ने पीड़िता को बाहर निकाला था। इस बाबत दर्ज मुकदमे में पीड़िता और उसके भाई समेत तीन के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस मामले में सोमवार को युवती के धारा-164 के बयान दर्ज होने थे।

बदले की खातिर तो नहीं की वारदात?

एक सप्ताह पूर्व आरोपियों के परिवार की लड़की से दुष्कर्म हुआ था। ऐसे में चर्चा है कि कहीं आरोपियों ने उस घटना का बदला लेने के लिए तो वारदात को अंजाम नहीं दिया? हालांकि पुलिस जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कह रही है।

पीड़िता के बयान और भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद ही कुछ कहना सही होगा।

-एचएन सिंह, एसएसपी

मुकदमा दर्ज कर लड़की को मेडिकल के लिए भेज दिया है। पीड़िता व उसके भाई के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच की जा रही है।

-कुलदीप सिंह, एसओ ककरौली

Monday, 1 September 2014

Rice bucket challenge: India’s answer to ice-water version of ALS

Manju Latha; Image courtesy Facebook
In line with the mantra of 'charity begins at home', this campaign titled 'Rice Bucket Challenge' is a brain child of Manju Latha Kalanidhi, a Hyderabad-based journalist, who aims to save water and feed the hungry.

The challenge involves donating rice to a needy person.

"Cook or buy one bucket of rice or biryani and feed the poor in your locality. If you cannot take this challenge, donate medicines worth Rs 100 to the nearest government," Kalanidhi wrote on her Facebook page.

"Within 24 hours of posting this, I managed to begin charity at home...the recipient is Sathibabu, a daily labourer who sells idli dosas," says Kalanidhi.

Since then, the campaign has gained popularity among Indian netizens, who are posting pictures and videos while donating rice to those in need and challenging their friends to do the same.

The localised version 'Rice Bucket Challenge. Are you up for the desi challenge?' came up days after the original ALS ice bucket challenge had gone viral, as many users could not get used to the idea of wasting water and encouraging it.

Subsequently, this led to the creation of the Indianized version of the challenge.

The biggest mass donation so far, in one of the posts shared by Kalanidhi on her Facebook page, is by 2,000 students of a college who have pledged to donate 2,200 kilograms of rice.

Like many internet users, Divya Das, a professional says she readily took the 'Rice Bucket challenge' when she was challenged.

"Although the popular ALS ice bucket is creating awareness about the disease yet, it comes with its own catch of wasting water," she says adding, donating a rice bucket instead is more viable in India where at every traffic signal one can spot needy people.

Upon being challenged, Divya also added her own twist to it by donating rice to a girl and also feeding a stray dog.

"Since the idea was to reach out to as many people who are in need, then why not feed animals too? I love dogs and I thought I should take a step further by feeding a stray dog," she says.

After completing the challenge, Divya posted photographs on Facebook and challenged other friends to do the same.

The original ice bucket challenge has been designed to raise funds for amyotrophic lateral sclerosis (ALS) also known as Lou Gehrig's Disease and motor neurone disease (MND), which is a global viral phenomenon.

People took the challenge and nominated their friends to pour a bucket of ice water on their head, make a video and upload it on social networking websites such as Facebook or donate money to the ALS Association within a day.

The campaign gained such popularity that within seven days, donations skyrocketed totaling over USD 100 million, a statement by ALS Association said.

As several Hollywood celebrites including Oprah Winfrey and Leonardo DiCaprio took part in the ice-bucket challenge, their Bollywood counterparts also took the challenge.

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Protesters storm PTV office in Islamabad, stop transmission

Protestors enter PTV office
Protesters barged into the Pakistan Television (PTV) network office smashing cameras and entered the control room, a media outlet reported.
  
The protesters seemed to have faced no security obstacles. Over 800 protesters entered the building.
  
Army personnel reached the headquarters of the TV station and asked the protesters to leave the building immediately.
  
Later, protesters responded to the calls by army personnel and started to leave the PTV headquarters.
  
Thousands of supporters of Pakistan Tehreek-i-Insaf (PTI) chairman Imran Khan and Pakistan Awami Tehreek (PAT) chief Tahir-ul-Qadiri are battling with the police since Saturday night to reach the front of the Prime Minister's House.
  
The clashes started when both Khan and Qadri asked their followers, camping in front of the Parliament, to shift the venue of protest to lawns of Premier's House.
  
Khan immediately denied that his party men were part of the protesters that had stormed the TV station.
  
"Whoever has entered the PTV headquarters are not our workers. I have not told any worker to proceed towards PM House or enter any building, the PTI chief said.
  
Khan added that whoever from his party entered the PTV headquarters will be removed from the party.
  
The protesters who stormed the PTV building were chanting slogans in favour of the Pakistan Army.
  
The demonstrators wrote Qadri's name on the walls of the PTV headquarters, a news channel reported.
  
Qadri asked his followers to vacate the building.

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