जागरण संवाददाता, धनबाद। आयकर विभाग के एसरीआर (सस्पीसियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट) में एक पांच वर्ष पुराना मामला आया है। जिसे लेकर विभाग तो विभाग इससे संबंधित व्यक्ति भी सकते में है।
दरअसल शास्त्री नगर के झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले शंकर शर्मा के करंट अकाउंट से एक निजी बैंक के वरीय अधिकारी ने 25 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन किया और खाताधारक को पता ही नहीं चला। एसटीआर में ट्रांजेक्शन की रिपोर्ट आने पर आयकर पता चला तो खाताधारक और संबंधित अधिकारी की खोजबीन शुरू हुई। फिलहाल बैंक अधिकारी अपने पद से इस्तीफा देकर फरार चल रहे हैं। यह मामला वर्ष 2007 का है।
Source: Hindi News
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