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Friday, 5 September 2014

Nawaz use mango diplomacy to restrain relation with India

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने दोनों देशों के बीच चल रही कड़वाहट को दूर करने के लिए अब मैंगो डिप्लोमेसी का सहारा लिया है। इसके तहत पाक पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चौसा और सिंधरी आम भेज कर दोनों देशों के बीच दोस्ती कायम रख बातचीत जारी रखने का संदेश भेजा है।

एक अग्रेंजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने यह आम एक राजनयिक के हाथों भिजवाएं थे। जिन्हें प्रधानमंत्री तक पहुंचा दिया गया है। नवाज शरीफ की इस मैंगो डिप्लोमेसी को मोदी और पाक पीएम की इस माह होने वाली अमेरिकी यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। यहां पर इन दोनों नेताओं की मुलाकात का फिलहाल कोई प्रोग्राम नहीं है। सीमा पर हो रही पाक सेना की गोलीबारी से दोनों देशों के बीच खराब हुए रिश्तों के बाद इसको संबंध सुधारने की कवायद के तौर पर भी जोड़कर देखा जा रहा है।

Kalbe Jawad rally stop in Lucknow

कैबिनेट मंत्री आजम खां के धुर विरोधी माने जाने वाले शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जवाद की लखनऊ में होने वाली रैली पर रोक लगा दी गई है। शनिवार को होने वाली इस रैली को लखनऊ के जिलाधिकारी राजशेखर ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया है। इस आयोजन की रोक पर मौलाना कल्बे जवाद आज अपनी प्रतिक्रिया देंगे।

जिला प्रशासन ने कल देर शाम को एक आदेश जारी कर रैली को अनुमति नहीं देने का फैसला किया। वहीं कल्बे जवाद ने जिला प्रशासन के इस फैसले पर आज प्रतिक्रिया देने की बात कही है। उनका कहना है कि कल बैठक के बाद फैसला होगा कि रैली होगी या नहीं। अपर नगर मजिस्ट्रेट एसपी शाही ने बताया कानून-व्यवस्था को देखते हुए कल्बे जवाद की रैली को अनुमति नहीं देने का निर्णय किया गया है।

शिया धर्म गुरू मौलाना कल्बे जवाद ने प्रदेश में लगातार बढ़ रही दहशतगर्दी के विरोध में छह सितंबर को बड़े इमामबाड़े में एक रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया था। इसमें कई अन्य धर्मगुरुओं को भी आमंत्रित किया गया था। जब से इस रैली के आयोजन की घोषणा की गई थी तब से ही प्रशासन में इसको अनुमति देने और नहीं देने पर विचार-विमर्श चल रहा था। वहीं रैली के समर्थकों का कहना है कि प्रशासन ने यह फैसला सपा सरकार के वरिष्ठ मंत्री के दबाव में लिया है।

Today Narendra Modi will addresses school student

देशभर के स्कूलों में शुक्रवार को 'एक्स्ट्रा क्लास' होगी। इस अनूठी कक्षा में देशभर के विद्यार्थी अपने-अपने स्कूलों में, एक ही वक्त पर, एक ही शिक्षक से, एक साथ पढ़ेंगे और उनके माता-पिता घर बैठकर अपने नौनिहालों की इस 'एक्स्ट्रा क्लास' को लाइव देखेंगे। इस कक्षा में विद्यालय के गुरुजी नहीं बल्कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्र-छात्राओं से रूबरू होंगे।

शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री राजधानी दिल्ली के मानेकशॉ ऑडिटोरियम में 1,000 स्कूली बच्चों से बातचीत करेंगे और वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये देशभर से बच्चों से सवाल-जवाब करेंगे। इस विशेष कार्यक्रम का देशभर में स्कूलों में टेलीविजन, रेडियो और इंटरनेट पर प्रसारण किया जाएगा। यह प्रसारण अपराह्न तीन बजे से शाम पौने पांच बजे तक होगा।

देशभर में अलग-अलग राज्यों ने पीएम के भाषण को स्कूलों में दिखाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। जिन स्कूलों में बिजली उपलब्ध नहीं है वहां जनरेटर की व्यवस्था की गई है। जिन स्कूलों के पास टीवी नहीं है, उन्होंने किराए पर लिए हैं। इसके अलावा दूर दराज के क्षेत्रों में जहां स्कूलों में टीवी की सुविधा नहीं है, वहां रेडियो पर इसका प्रसारण किया जाएगा। जिनके पास इंटरनेट की सुविधा है, वह पीएम और विद्यार्थियों की इस बातचीत को यू ट्यूब पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के चैनल तथा प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर देख सकेंगे। शिक्षक दिवस पर पहली बार हो रहे इस तरह के आयोजन को लेकर स्कूलों में भी उत्साह दिखने लगा है। कुछ स्कूलों ने तो विद्यार्थियों को इस भाषण के आधार पर भी आकलन करने का मन बना लिया है। उन्हें प्रधानमंत्री के भाषण के मुख्य अंश नोट करने को कहा गया है जिसके आधार पर उनकी समीक्षा होगी। अपने राजनीतिक भाषणों के लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले मोदी के इस भाषण को लेकर काफी उत्सुकता है। ध्यान रहे कि सीबीएसई के स्कूलों की संख्या ही 15 हजार से ज्यादा है। उन स्कूलों में मोदी के भाषण को आवश्यक कर दिया गया है। मोदी पोर्ट ब्लेयर, इंफाल, दंतेवाड़ा, सिलचर जैसे दूर दराज के क्षेत्रों के कुछ बच्चों से भी बात करेंगे।

Source: Source: News in Hindi and Newspaper

Sahara chief Subrata Roy seeks ten more days' time to

सुप्रीम कोर्ट ने सहारा प्रमुख सुब्रतो रॉय को न्यूयार्क और लंदन स्थित तीन होटल बेचने के लिए दस दिन का अतिरिक्त समय दिया है। कोर्ट ने यह समय सहारा के वकील की उस दलील के बाद दिया है, जिसमें कहा गया था कि यदि और समय नहीं मिला तो अभी तक इस बाबत की गई सभी कोशिशों पर पानी फिर जाएगा।

इस बाबत रॉय ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि होटल को बेचने की प्रक्रिया के तहत तीन-चार खरीददारों से बातचीत चल रही है। ऐसे में यदि अतिरिक्त समय नहीं मिला तो पूरी डील बर्बाद हो जाएगी। गौरतलब है इन संपत्तियों को बेचकर तिहाड़ जेल से रिहाई के लिए जमानत राशि का इंतजाम करना है। निवेशकों के पैसे नहीं लौटाने के चलते चार मार्च से जेल में बंद सुब्रत राय को जमानत पर रिहा करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये जमा कराने की शर्त लगाई है। इसमें से 5,000 करोड़ रुपये नकद और इतनी ही राशि की बैंक गारंटी पूंजी बाजार नियामक सेबी के पास जमा करानी है।

P Sathasivam sworn in as Kerala Governor

विरोध के बीच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी. सतशिवम ने शनिवार को केरल के राज्यपाल के पद की शपथ ली। हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अशोक भूषण राजभवन में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति का विपक्षी दलों के अलावा न्यायिक हलकों में काफी विरोध हुआ। तमाम विरोधों के बावजूद केंद्र सरकार ने उन्हें केरल का नया राज्यपाल नियुक्त कर दिया था। वह शीला दीक्षित की जगह केरल के राज्यपाल बनाए गए हैं।

जस्टिस सतशिवम के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री ओमन चांडी अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ उपस्थित थे। पहली बार भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल बनाने से कानूनी व राजनीतिक गलियारों में नई बहस शुरू हो गई थी।

कांग्रेस के अलावा दूसरे दलों ने उनकी नियुक्ति पर सवाल खड़े किए थे। पिछले सप्ताह शीला दीक्षित के इस्तीफा देने के कारण केरल में राज्यपाल का पद खाली हुआ था। केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद संप्रग सरकार द्वारा नियुक्त किए गए कई राज्यपाल अब तक अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सतशिवम को राज्यपाल बनाए जाने के खिलाफ दायर एक जनहित याचिका में याचिकाकर्ता ने उनकी नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका में सतशिवम की नियुक्ति को असंवैधानिक बताते हुए इसको संविधान की धारा 124 [7] का उल्लंघन बताया है। याचिकाकर्ता ने इस बाबत कैग के एक फैसले का भी उल्लेख किया है। 

Heavy landslide in vaishno devi route in jammu kashmir

बारिश और भूस्खलन के चलते बृहस्पतिवार शाम माता वैष्णो देवी की यात्रा रोक दी गई। यात्रा के दोनों मार्गो पर भूस्खलन से भवन में करीब दस हजार यात्री फंस गए हैं। इसके अलवा कटड़ा से निकले हजारों श्रद्धालुओं को भी अ‌र्द्धकुंवारी में रोक लिया गया है। यात्रा मार्ग को खोलने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। वहीं पहाड़ी से पत्थर गिरने से तीन श्रद्धालु भी घायल हो गए हैं।

तीन दिन से जारी बारिश के कारण बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे नए मार्ग पर हिमकोटि, देवी द्वार, पंक्षी मार्ग तथा माता का बाग में भूस्खलन से मार्ग को यात्रा के लिए बंद कर दिया गया। वहीं खराब मौसम को देखते हुए कटड़ा से भी यात्रा पंजीकरण रोककर यात्रा बंद कर दी गई, जबकि चार बजे से पहले रवाना हो चुके 13500 यात्रियों की पुराने मार्ग से आवाजाही जारी रही। इस बीच, रात करीब आठ बजे पुराने मार्ग पर सांझी छत्त के पास पंछी व्यू प्वांइट के पास भारी भूस्खलन से यह मार्ग भी बंद हो गया। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। आनन-फानन श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें भवन पर ही रोक लिया, जबकि रास्ते में फंसे श्रद्धानुओं को अ‌र्द्धकुंवारी ठहराया गया। इस बीच, श्राइन बोर्ड के कर्मी व आपदा प्रबंधन दल के सदस्य यात्रा मार्ग से मलबा हटाने में जुट गए। वहीं सीआरपीएफ व पुलिस के जवान भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जगह-जगह मुस्तैद कर दिए गए। रात करीब एक बजे यात्रा मार्ग पर बिजली तो बहाल हो गई, लेकिन भारी बारिश से पहाड़ से लगातार भूस्खलन से रास्ता साफ करने में काफी परेशानी पेश आ रही थी। वहीं यात्रा स्थगित होने से कटड़ा में भी करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालु रुके हुए हैं।

इससे पूर्व बुधवार देर रात वैष्णो देवी के पुराने मार्ग पर अ‌र्द्धकुंवारी के साथ लगते लंबी कैरी क्षेत्र में पत्थर गिरने से तीन श्रद्धालु घायल हो गए। घायल श्रद्धालुओं की पहचान कल्याण सिंह (51) पुत्र पदमसिंह रावत निवासी शिवपुरी ग्वालियर मध्यप्रदेश, राज कुमारी तिवारी (50) पत्नी प्रकाश तिवारी निवासी कृष्ण नगर मध्यप्रदेश और आशा रानी मिश्रा (38) पत्नी राम मिश्रा निवासी बंदायू उत्तरप्रदेश के रूप में हुई है। घायलों को इलाज के लिए कटड़ा अस्पताल पहुंचाया गया। जहां बृहस्पतिवार दोपहर बाद उन्हें छुंट्टी दे दी गई।

इमरजेंसी कंट्रोल रूम नंबर

श्रीनगर

0194-2452092, 2455883,

2481628-32,

2474040,

2452138,

2455883,

2482624, 0194-2477629 (फैक्स)

पुलवामा

01933-241280

01933-241986 (फैक्स)

अनंतनाग

01932-224371, 222870,

222836,

222271,

9419051940,

अवंतीपुरा

01933-247369

शोपियां

01933-261891

बारामुला

01954-237830

01954-234410 (फैक्स)

सौपोर

01954-222312

बांदीपोरा

01957-225278

बडगाम

01951-255207,

255750

गंदरबल

0194-2416478

हंदवाडा

01955-262295

कुलगाम

01955-262295

कुपवाड़ा

01955-252451

कारगिल

01985-232275

लेह

01982-258880

BJP will formed government in delhi! LG write a letter to president

दिल्ली में सरकार बनाने के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई भाजपा को आधिकारिक तौर पर बुलावा भेज सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा है कि सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी को न्यौता दिया जा सकता है और उन्हें सदन में बहुमत देने के लिए कहा जा सकता है। राष्ट्रपति ने इस पर केंद्र सरकार का जवाब मांगा है, जिसके लिए फाइल गृह मंत्रालय को भेज दी गई है।

इस बारे में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि यदि उपराज्यपाल की तरफ से उनकी पार्टी को न्यौता मिलता है तो सभी की राय के बाद ही इस पर फैसला किया जाएगा। उन्होंने इस बाबत अपनी निजी राय देने से साफ मना कर दिया। हालांकि मुंडका से निर्दलीय विधायक रामबीर सिंह शौकीन ने भाजपा को बिना शर्त समर्थन देने की बात कही है।

इस खबर के आने के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। आप नेता आशुतोष ने इसको लोकतंत्र का मजाक बताया है। पार्टी के एक अन्य नेता मनीष सिसौदिया ने कहा है कि इस फैसले से विधायकों की खरीद फरोख्त बढ़ेगी। संजय सिंह का कहना है कि जब दिल्ली के उपराज्यपाल पहले ही भाजपा से सरकार बनाने के लिए पूछ चुके थे और उन्होंने मना कर दिया था, तब फिर कैसे उपराज्यपाल भाजपा को न्यौता भेज सकते हैं। उनका कहना है कि पहले भाजपा यह बताए कि वह आखिर सदन में बहुमत कैसे सिद्ध करेगी। दूसरी और कांग्रेस ने भी भाजपा की निंदा करते हुए उसपर जोड़तोड़ की राजनीति करने का आरोप लगाया है। 

Al-Qaeda's new India branch not a threat: US

अमेरिका ने भारत को अल कायदा के खतनाक मंसूबों से सतर्क किया है। अमेरिका ने बताया है कि अल कायदा इंडियन कॉन्टिनेंट में अगस्त तक पांव पसार चुका है। हालांकि उसने कहा कि इससे भारत को डरने की जरूरत नहीं है। अल कायदा की समाप्ति के लिए हम प्रतिबद्ध है।

इससे पहले, अल कायदा ने साउथ एशियन ब्रांच बनाने की घोषणा की है। इसका नाम रहेगा अल कायदा इंडियन सबकॉन्टिनेंटल। अल कायदा इसके पहले भी भारत को धमकी देते रहा है। जब ओसामा बिन लादेन ने 1996 में जेहाद का ऐलान किया था तब से भारत के लिए धमकी भरे बयान हमेशा आते थे।

अलकायदा प्रमुख अल जवाहिरी की सितारा अरब व‌र्ल्ड में लगातार डूब रहा है। ऐसे में वह साउथ एशिया में खुद को प्रासंगिक बनाने की कोशिश में लगा है। वह अरब व‌र्ल्ड की नाकामियों के साउथ एशिया में कामयाब करना चाहता है। नरेंद्र मोदी के चुने जाने, म्यांमार में मुस्लिमों का दमन और पाकिस्तान में अस्थिरता के बीच जवाहिरी अल कायदा की संभावनाओं को तलाश रहा है। ऐसे में वह भर्ती अभियान के साथ अपनी गतिविधि को बढ़ा सकता है। आश्चर्यजनक रूप से जवाहिरी ने मौलाना असीम उमर को चीफ बनाया है। उमर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का पूर्व कमांडर है। उमर सीरिया और इराक में अपने लड़ाकों पर गर्व करता है। 

Preparation has started for hanging Surendra Koli

फांसी मुकर्रर होने के बाद प्रशासन ने भी फांसी घर को तैयार कर लिया। पवन जल्लाद ही सुरेंद्र कोली को मेरठ जेल में फांसी देगा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक का कहना है कि फांसी की तिथि को गोपनीय रखा जा रहा है। अभी तक दस सितंबर की तिथि नियत की गई है। अभी तक अफसरों ने उन्हें फोन पर ही जानकारी दी है। मेरठ जेल के फांसी घर में 39 साल बाद किसी को फांसी दी जाएगी।

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को सीबीआइ कोर्ट से फांसी की सजा मुकर्रर होने के बाद प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई है। शासन ने भी फांसी की व्यवस्था को लेकर मेरठ के प्रशासनिक अफसरों से वार्ता की है। उसी के बाद सुरेंद्र कोली को गाजियाबाद की डासना जेल से मेरठ में शिफ्ट कर दिया गया। अभी तक दस सितंबर को फांसी देने की बात चल रही है। लिखित तारीख नहीं होने के कारण अभी तिथि को गोपनीय रखा जा रहा है। एक दो दिन आगे या पीछे भी बढ़ाया जा सकता है।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक मोहम्मद हुसैन मुस्तफा रिजवी ने बताया कि डीआइजी की काल आने के बाद फांसी घर की साफ सफाई करा दी गई। पवन जल्लाद ने भी फांसी घर का निरीक्षण कर लिया है। दरअसल, यहां अंतिम फांसी जुलाई 1975 में हुई थी। इसलिए फांसी घर खंडहर हालत में पड़ा हुआ था। तख्ते, एंगल और फांसी के लिए 15 मीटर की रस्सी का भी इंतजाम कर लिया है। रिजवी ने कहा कि, उनकी जेल का फांसी घर तैयार हो चुका है। किसी भी वक्त सुरेंद्र कोली को मेरठ जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।

तसल्ली मिलेगी

सुरेंद्र कोली को फांसी देने की सूचना मिलने के बाद पवन जल्लाद अफसरों से मिला। फांसी घर का निरीक्षण करने के बाद पवन जल्लाद ने बताया कि, अब तक पापा और दादा के साथ पहले भी फांसी देख चुका हूं। इस बार खुद फांसी दूंगा। पवन ने कहा कि कोली ने मासूमों के साथ पैशाचिक कृत्य किए हैं। इस दानव को फांसी पर लटकाने में उसके हाथ नहीं कांपेगे, बल्कि तसल्ली मिलेगी। पवन ने कहा कि निठारी कांड के मुख्य आरोपी पंढेर को भी उसके किए की सजा मिलनी चाहिए।

कोली को मेरठ जेल में फांसी देने के आदेश तत्काल बाद जेल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। पवन जल्लाद को तत्काल जेल परिसर तलब किया गया। इस पर पवन अपनी साइकिल से जेल परिसर पहुंचा। वहां अफसरों ने पवन को साथ लेकर फांसी घर के चप्पे चप्पे का जायजा लिया। फांसी घर में तख्त, फंदा, एंगल, सीढ़ी आदि सामानों को निरीक्षण किया है। पवन ने बताया कि, कोली को फांसी देने के पहले उसे पूरी प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास क रना होगा।

जल्लाद : पीढ़ी दर पीढ़ी

पवन जल्लाद को फांसी लगाने का पेशा विरासत में मिला। उनके परदादा ननवा और वजीर चंद अंग्रेजों के जमाने से फांसी लगाने का काम करते आ रहे थे। उनकी मौत के बाद यह काम कल्लू जल्लाद के हाथों में आया। उनके बाद मम्मू जल्लाद और अब मम्मू का पुत्र पवन उर्फ सिंधी भी फांसी देने के लिए तैयार है। पवन ने अभी तक फांसी नहीं दी है, लेकिन वह मम्मू को फांसी देते देख चुका है। सात बेटों और दो बेटियों के पिता रहे मम्मू मेरठ ही नहीं जबलपुर, जयपुर, दिल्ली और पंजाब में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को फांसी पर लटकाया। विदेश में भी उसकी सेवाएं ली गई थीं।

Now bank acoount will open without indentity card

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जन धन योजना को परवान चढ़ाने में रिजर्व बैंक (आरबीआइ) भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा। आरबीआइ ने सभी बैंकों को यह निर्देश दिया है कि वे सरकारी पहचान पत्र नहीं होने पर भी खाता खोलने से इन्कार नहीं करें। बैंक ऐसे व्यक्तियों के सीमित अधिकार वाले अकाउंट खोलें। इस तरह के खाते से एक महीने में सिर्फ 10 हजार रुपये ही निकाले जा सकेंगे।

गुरुवार को आरबीआइ की तरफ से बैंकों को इस बारे में आवश्यक निर्देश दिया गया है। इस संदर्भ में एक अभियान भी केंद्रीय बैंक और अन्य सरकारी बैंकों की तरफ से चलाया जाएगा। अभियान के तहत आम जनता को बैंक खाता खोलने के उनके अधिकार के बारे में बताया जाएगा। बहरहाल, केंद्रीय बैंक का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास सरकार की तरफ से दिया गया कोई भी पहचान पत्र नहीं है तो वह अपना फोटो बैंक अधिकारी के समक्ष पेश कर खाता खोल सकता है। बैंक अधिकारी उस व्यक्ति के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान के आधार पर खाता खोल सकता है। लेकिन इस श्रेणी के बैंक ग्राहक के अधिकार सीमित होंगे।

मसलन, उसे एक समय बैंक खाते में 50 हजार रुपये से ज्यादा की राशि रखने की इजाजत नहीं होगी। उसे साल में एक लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज भी नहीं मिलेगा। सबसे अहम है कि महीने में महज दस हजार रुपये की राशि ही निकालने की छूट होगी। हां, इस श्रेणी का ग्राहक भविष्य में निर्धारित पहचान पत्र देकर या किसी राजपत्रित अधिकारी से सत्यापित फोटो प्रस्तुत कर अपने खाते को सामान्य बैंक अकाउंट में तब्दील करवा सकता है।

रिजर्व बैंक के इस एलान के बाद प्रधानमंत्री की जन धन योजना को काफी प्रोत्साहन मिलेगा। पिछले 15 अगस्त को ही प्रधानमंत्री ने 26 जनवरी, 2015 तक 7.5 करोड़ भारतीयों के बैंक खाते खोलने का अभियान शुरू करने का एलान किया था। इसके रास्ते में सबसे बड़ी अड़चन बैंकों के केवाईसी नियमों को ही माना जा रहा है। ग्रामीण व दूर दराज के इलाकों में लगभग 40 फीसद लोगों के पास कोई भी पहचान पत्र नहीं है। पहचान पत्र के बगैर बैंक खाता मुश्किल हो रहा है। आरबीआइ का ताजा निर्देश इस समस्या को काफी हद तक दूर कर देगा।