Showing posts with label Newspaper Online. Show all posts
Showing posts with label Newspaper Online. Show all posts

Monday, 1 September 2014

Jinder pulls rikshaw cart for her husband

बीच राह ठहर जाए कोई हमसफर। तब मालूम होता है कि साथ चलने का अर्थ क्या है। ऐसा अर्थ मालूम होते ही जिंदगी मुश्किल हो जाती है। इतनी मुश्किल कि हर चीज धुंधली नजर आती है। श्री मुक्तसर साहिब की इस महिला की मंजिल अब 'जिंदगी' है और इसी 'जिंदगी' की तलाश में यह बढ़े जा रही है.तिपहिया रिक्शा के पैडल मारती हुई। सुनकर अजीब लगे, लेकिन यह सच है। कड़वा नहीं, खारा सच।

जिंदर के दुख की दास्तां ऐसी है कि पत्थर दिल की आंखें भी नम हो जाएं। बच्चों की मौत के बाद जिंदर संभल भी न पाई थी कि जीवनसाथी ने बीच मझधार में साथ छोड़ दिया। जिंदगी को रफ्तार देने के लिए उसने रिक्शे को ही हमसफर बना लिया। जिंदर को रिक्शा चलाते देख शहर के लोगों को अब हैरत नहीं होती, लेकिन नंगे पांव व गले में काला कपड़ा डाले जिंदर को रिक्शा चलाते देख बाहर से आए लोग अचंभे से घिर जाते हैं।

28 साल की जिंदर मूलरूप से मानसा जिले के गांव छोटी मानसा की है। करीब सात-आठ साल पहले उसकी शादी धर्मकोट (मोगा) में ट्रक ड्राइवर रूप सिंह के साथ हुई थी। बेटी तीन साल की हुई तो हादसे में मौत हो गई, जबकि करीब चार साल के बेटे को डेंगू ने निगल लिया। बच्चों की मौत ने उसे तोड़ दिया, लेकिन जिस घटना ने जिंदर को बिखेरा वह था पति का छोड़कर चले जाना। डेढ़ साल पहले पति रूप सिंह उसे छोड़कर चला गया। जिंदर को पता चला कि पति किसी महिला के साथ श्री मुक्तसर साहिब में रहता है। वह मुक्तसर पहुंची और गोनियाना रोड स्थित गली नंबर-18 में रहने लगी, लेकिन पति नहीं मिला। रोजी-रोटी का संकट था। माता की गद्दी (चौकी) लगाने से वह दूसरे घरों में झाड़-पोंछा नहीं कर सकती थी और काम करने के लिए जमापूंजी भी नहीं थी। आखिरकार किराये पर रिक्शा लेकर निकल पड़ी। करीब एक साल से वह रिक्शा चला रही है। जिंदर बताती है कि वह अपने भाइयों पर बोझ नहीं बनना चाहती।

It's Akshay versus Akshay at the box office

आप सोच रहे होंगे कि 23 जनवरी को आखिर अक्षय कुमार की जिंदगी में ऐसा क्या घटने वाला है? दरअसल 23 जनवरी को अक्षय कुमार की दो फिल्में एक साथ रिलीज हो सकती है और अगर ऐसा हुआ तो ना सिर्फ दोनों फिल्मों के निर्माताओं को नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि अक्षय भी दो फिल्मों के बीच फंस जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक अक्षय की दो फिल्में 'गब्बर' और 'बेबी' एक साथ 23 जनवरी 2015 को रिलीज होंगी। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों फिल्मों के निर्माता हर हाल में 23 जनवरी 2015 को ही अपनी-अपनी फिल्म रिलीज करना चाहते हैं। लेकिन अगर ऐसा हुआ तो अक्षय एक साथ कैसे दो फिल्मों को एक ही समय पर प्रमोट करेंगे। जाहिर है अक्षय जिस फिल्म को वरीयता नहीं देंगे, उसके निर्माता-निर्देशक उनसे नाराज हो जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, बेबी के निर्माता अपनी फिल्म को दूसरी किसी फिल्म के साथ रिलीज नहीं करना चाहते। इसके लिए उन्होंने गब्बर के निर्माता संजय लीला भंसाली से अपनी फिल्म की रिलीज डेट खिसकाने के लिए कहा है। लेकिन भंसाली ऐसा करने के मूड में नहीं हैं।

भंसाली से अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। लेकिन बेबी की सह निर्माता कंपनी टी सीरिज के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि वो अपनी फिल्म को 23 जनवरी को ही रिलीज करेंगे।

Friday, 29 August 2014

RGV triggers uproar over remarks on Ganesh, apologises

एक अर्से से फ्लॉप फिल्में बना रहे फिल्म निर्देशक रामगोपाल वर्मा ने ठीक गणेश चतुर्थी के दिन ट्विटर के जरिये गणेश जी का जमकर मजाक उड़ाया। उन्होंने खुद को अज्ञानी की तरह पेश करते हुए सवाल पूछने के बहाने गणेश जी के बारे में एक के बाद एक कई उकसावे वाले व शरारत भरे ट्वीट किए। उन्होंने लोगों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं, लेकिन मजाकिया अंदाज में। पहले उन्होंने पूछा कि क्या कोई मुझे बता सकता है कि अपनी मां के सम्मान की रक्षा करने वाले बच्चे का सिर कोई कैसे काट सकता है? फिर कहा कि उन्हें यकीन है कि इस बारे में गणेश भक्तों को पता होगा।

रामगोपाल वर्मा के ट्वीट से नाराज कांग्रेस नेता शहजाद पूनावाला ने उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई तो भाजपा नेता नलिन कोहली ने भी उन पर लोगों की भावनाएं आहत करने का आरोप मढ़ा। ट्विटर पर भी उनके खिलाफ नाराजगी दिखी, लेकिन वह आपत्तिजनक ट्वीट करते रहे। जब उनके खिलाफ नेताओं के बयान तीखे हो गए तो उन्होंने माफी मांग ली। उधर, जालंधर में वर्मा के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

रामगोपाल ने यह जानना चाहा था कि गणेश ने ऐसा क्या किया जो उनके भाई कुमार (कार्तिकेय) ने नहीं किया? क्या कुमार इसलिए भगवान नहीं बने, क्योंकि उन्होंने गणेश की तरह अपना सिर नहीं कटवाया? उनका एक सवाल यह भी था कि भगवान गणेश हाथों से खाते हैं या सूंड़ से? क्या वह दूसरे देवताओं से ज्यादा खाते हैं? उन्होंने गणेश भक्तों से जानना चाहा था कि इतने सालों से वे लोग उनकी पूजा कर रहे हैं तो उनके कौन-कौन से दुख दूर हुए?

रामगोपाल ने गणेश भक्तों को मूर्ख करार देने में भी संकोच नहीं किया। एक ट्वीट में उन्होंने पूछा-मेरा सवाल है कि जो अपने सिर को कटने से नहीं बचा सका वह दूसरों का सिर कैसे बचा सकता है, फिर भी मूर्खो को गणपति दिवस की बधाई। वह यह कहने से भी नहीं चूके थे कि मुझे लगता है कि भगवान के प्रति मेरे नजरिये के कारण ही मेरी फिल्में फ्लॉप हो रही हैं।

Tuesday, 26 August 2014

Mohenjo-Daro will be released out on 22nd January, 2016

रितिक रोशन स्टारर और आशतोष गोवरीकर निर्देशित फिल्म 'मोहनजोदड़ो' को देखने के लिए अभी आपको लंबा इंतजार करना पड़ेगा। बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्म बताई जा रही मोहदजोदड़ो 22 जनवरी 2016 को रिलीज होगी।

आधिकारिक तौर पर इस फिल्म का बजट पता नहीं चल पाया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक रितिक रोशन इस फिल्म में काम करने के बदले 50 करोड़ रुपए की मोटी रकम लेंगे। अभी तक एक फिल्म के लिए इतनी फीस बॉलीवुड में किसी स्टार को नहीं मिली है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित होने के चलते इस फिल्म के सेट्स और शूटिंग पर भी बहुत मोटा खर्च होने का अनुमान है। खबर है कि यूटीवी फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही इसके राइट्स 125 करोड़ रुपए की मोटी रकम में खरीद चुका है। इन्हीं बातों से अंदाया लगाया जा रहा है कि मोहनजोदड़ो बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्म होगी।

इस फिल्म में रितिक रोशन के साथ पूजा हेगड़े नजर आएंगी। 23 वर्षीय पूजा की यह पहली हिंदी फिल्म होगी। मोहनजोदड़ो का पहला शेड्यूल दक्षिण अफ्रीका में अक्टूबर से शूट किया जाएगा।

Central government provide z category security to sangeet som

मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी और मेरठ के सरधना से भाजपा विधायक संगीत सोम को केंद्र सरकार ने जेड सुरक्षा प्रदान की है। यह सुरक्षा उन्हें खुफिया रिपोर्ट के आधार पर दी गई है। जिसका फैसला गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय कमेटी की ओर से लिया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक खुफिया रिपोर्ट में सोम पर मंडराते खतरे की आशंका जताई गई है।

जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलने पर संगीत सोम ने कहा है कि राज्य सरकार की तरफ से उन्हें पहले से वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। उनकी जान को खतरा है जिसके लिए केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। उनके घर पर हमला भी हो चुका है। जम्मू कश्मीर से उन्हें जान से मारने की धमकी मिल चुकी है।

कांग्रेस ने केंद्र के इस फैसले को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी निंदा की है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा है कि जहां एक ओर केंद्र सरकार दंगों के आरोपी को सुरक्षा दे रही है। वहीं पीड़ितों की व्यथा जानने के लिए उसके पास समय ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों के लिए कुछ नहीं कर रही है और वह खुले में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने केंद्र के इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

गौरतलब है कि संगीत सोम मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी है। दंगों के दौरान धर्म विशेष के हजारों लोगों को मजबूरन विस्थापित होना पड़ा था। इस दौरान राज्य सरकार को भी लोगों की बेरुखी का सामना करना पड़ा। 

Wednesday, 13 August 2014

Pakistan Army violates ceasefire in Jammu

नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा। पिछले कई दिनों से लगातार पाकिस्तानी सेना संघर्ष विराम का उल्लंघन कर रही है। जम्मू के आरएसपुरा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को करीब 4 घंटे तक भारी गोलीबारी की। इस दौरान पाक सेना ने बीएसएफ की 4 पोस्ट को निशाना बनाया। जवाब में बीएसएफ की तरफ से भी कार्रवाई की गई।

बीती रात एक बजे से लगातार 4 घंटे तक भारी गोलीबारी की गई। गौरतलब है कि कल श्रीनगर के दौरे पर गए पीएम ने पाकिस्तान पर सीधा और तीखा वार किया था। मोदी ने दो टूक कहा कि सालों से भारत को प्रॉक्सी वार यानि छद्म युद्ध का शिकार बनाया जा रहा है क्योंकि भारत के साथ सीधी जंग लड़ पाना पाकिस्तान के बूते का नहीं है। और जिस तरह से पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर लगातार गोलीबारी की जा रही है वो मोदी की बात पर मुहर लगा रही है।

Source: Newspaper

Taxi hijacked by suspected militants in Jammu, Red Alert

जम्मू-कश्मीर में बढ़ते आतंकी साये ने लोगों को दहशत में जीने को मजबूर कर दिया है। यहां कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है। ताज घटनाक्रम में चार संदिग्ध आतंकवादियों ने एक टैक्सी को हाईजैक कर लिया है। आतंकियों ने रामबन के पास ड्राइवर को पेड़ से बांधकर टैक्सी लेकर फरार हो गए।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह टैक्सी पठानकोट से जम्मू जा रही थी। इस घटना के बाद पूरे राज्य में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।

Source: Newspaper

Man kills wife for refusing to hand over Rs 1500 Rakhi gift

रक्षा बंधन के अवसर पर मायके से मिले 1500 रुपये एक महिला की जान की वजह बन गए। बेरोजगार पति ने रुपये न देने पर रात में सोते समय उसको गला दबाकर मार डाला। मृतका की पहचान रवनीत कौर (24) के रूप में हुई है। घटना को अंजाम देने के बाद घर के बाहर टहल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान परमजीत सिंह के रूप में हुई। शादी को सात साल न होने के कारण मामले की जांच क्षेत्रीय एसडीएम कर रहे हैं।

परमजीत अपनी पत्नी रवनीत के साथ रानी गार्डन, गीता कालोनी में रहता है। दोनों की मई 2013 में शादी हुई थी। उनके ढाई माह की बेटी बरकत भी है। शादी के समय परमजीत ट्रैवल एजेंसी चलाता था। लेकिन घाटा होने के बाद उसने काम धंधा बंद कर दिया। फिलहाल वह बेरोजगार था। जांच में पता चला है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच कलह शुरू हो गई थी। इस वजह से परमजीत अपने माता-पिता से अलग किराए के फ्लैट में रहने लगा। उधर, रवनीत के मायके वालों का आरोप है कि उनकी बेटी को दहेज के लिए तंग किया जाता था। इसी वजह से उसके सास ससुर ने उसे अपने घर से निकाल दिया था। रवनीत ने राजौरी गार्डन थाने में शिकायत भी दी थी।

परिजनों के अनुसार, रक्षाबंधन वाले दिन रवनीत मायके गई थी। वहां से उसे 1500 रुपये मिले थे। इन रुपयों को परमजीत मांग रहा था। मना करने पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। सोमवार रात दो बजे परमजीत ने सोते समय रवनीत का गला दबा दिया। फिर अपनी बेटी को माता-पिता को सौंपकर वापस आ गया। घर के बाहर टहलते देखकर किसी पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया रवनीत घर के अंदर मृत पड़ी थी। थाने में आरोपी घंटों चुप बैठा रहा। शाम को आरोप स्वीकार कर लिया।

Source: Newspaper

Four judges assume charge in SC

देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या तीस पहुंच गई है। आज से ही चार और न्यायाधीशों ने सुप्रीम कोर्ट में कार्यभार संभाल लिया है। न्यायाधीश अभय मनोहर सापरे, आर भानुमती, प्रफुल्ल चंद्र पंत और उदय उमेश ललित अब सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश कहे जाएंगे।

चारों न्यायाधीशों में 62 वर्षीय पंत इससे पहले मेघालय हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे। जबकि 59 वर्षीय सापरे गुवाहाटी हाईकोर्ट और 58 वर्षीय भानुमती झारखंड हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के पद पर थीं। वहीं 58 वर्षीय ललित एक वरिष्ठ अधिवक्ता थे जिन्हें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से सिफारिश कर सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश बनाया गया।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित जजों की संख्या 31 स्वीकृत की गई है। 

Source: Newspaper

Pak dubs Modi's remarks on terrorism as 'baseless rhetoric'

लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना कर चुकी समाजवादी पार्टी अब अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के साथ हाथ मिलाने को तो तैयार हो गई। लेकिन मायावती ने सपा के साथ आने की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि सोमवार को हाजीपुर की सभा में राजद प्रमुख लालू यादव ने देशहित में मुलायम सिंह यादव और मायावती को एक साथ आने की अपील की थी। हाजीपुर सभा में लालू खुद अपने चिर प्रतिद्वंद्वी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नजर आए थे।

लालू के प्रस्ताव पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बसपा के साथ आने के मुद्दे पर कहा कि यदि लालू यादव मध्यस्थता करें तो मायावती के साथ हाथ मिलाया जा सकता है। लेकिन उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सांप्रदायिक ताकतों से घिरे हुए हैं और उनसे हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं है।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि लालू-मुलायम के लिए सत्ता पहले नंबर हो पर सकता है, मान-सम्मान बाद में। मेरे लिए मान-सम्मान पहले है और सत्ता बाद में। मायावती ने कहा कि बसपा के हित और मान-सम्मान के लिए 25 अगस्त 2003 में भाजपा से गठबंधन तोड़ मुख्यमंत्री पद का त्याग कर दिया था। गेस्टहाउस कांड को याद करते हुए मायावती ने लालू यादव से पूछा कि यदि यह सब कुछ उनकी बहन के साथ होता, तब उनका रवैया यह नहीं होता।

हाजीपुर सभा में लालू ने कहा था कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन की जरूरत है। उन्होंने इसके मायावती और मुलायम को एक-साथ आने की अपील की थी।

जिसके बाद सपा ने कहा था कि बिहार में भले ही लालू यादव और नीतिश कुमार को भाजपा के सामने को खुद को बचाने के लिए हाथ मिलाना पड़ा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में सपा अपने दम पर भाजपा को टक्कर देने की कोशिश कर रही है।

वहीं, बसपा ने भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में सपा सरकार की इतनी बदनामी हो गई है। उसके साथ हाथ मिलाने से फायदा कम घाटा ज्यादा है। इस गठबंधन के बाद उसका अपना दलित वोट बैंक कभी वापस नहीं आ पाएगा। बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि पार्टी को भले एक भी सीट न मिले, लेकिन पूरे देश में अकेले ही चुनाव लड़कर पार्टी खुद को मजबूत करेगी।
Source लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना कर चुकी समाजवादी पार्टी अब अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के साथ हाथ मिलाने को तो तैयार हो गई। लेकिन मायावती ने सपा के साथ आने की बात को सिरे से खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि सोमवार को हाजीपुर की सभा में राजद प्रमुख लालू यादव ने देशहित में मुलायम सिंह यादव और मायावती को एक साथ आने की अपील की थी। हाजीपुर सभा में लालू खुद अपने चिर प्रतिद्वंद्वी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नजर आए थे।

लालू के प्रस्ताव पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बसपा के साथ आने के मुद्दे पर कहा कि यदि लालू यादव मध्यस्थता करें तो मायावती के साथ हाथ मिलाया जा सकता है। लेकिन उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सांप्रदायिक ताकतों से घिरे हुए हैं और उनसे हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं है।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि लालू-मुलायम के लिए सत्ता पहले नंबर हो पर सकता है, मान-सम्मान बाद में। मेरे लिए मान-सम्मान पहले है और सत्ता बाद में। मायावती ने कहा कि बसपा के हित और मान-सम्मान के लिए 25 अगस्त 2003 में भाजपा से गठबंधन तोड़ मुख्यमंत्री पद का त्याग कर दिया था। गेस्टहाउस कांड को याद करते हुए मायावती ने लालू यादव से पूछा कि यदि यह सब कुछ उनकी बहन के साथ होता, तब उनका रवैया यह नहीं होता।

हाजीपुर सभा में लालू ने कहा था कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन की जरूरत है। उन्होंने इसके मायावती और मुलायम को एक-साथ आने की अपील की थी।

जिसके बाद सपा ने कहा था कि बिहार में भले ही लालू यादव और नीतिश कुमार को भाजपा के सामने को खुद को बचाने के लिए हाथ मिलाना पड़ा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में सपा अपने दम पर भाजपा को टक्कर देने की कोशिश कर रही है।

वहीं, बसपा ने भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में सपा सरकार की इतनी बदनामी हो गई है। उसके साथ हाथ मिलाने से फायदा कम घाटा ज्यादा है। इस गठबंधन के बाद उसका अपना दलित वोट बैंक कभी वापस नहीं आ पाएगा। बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि पार्टी को भले एक भी सीट न मिले, लेकिन पूरे देश में अकेले ही चुनाव लड़कर पार्टी खुद को मजबूत करेगी।

Source:  Newspaper

Mayawati denies to join hands with Mulayam

लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना कर चुकी समाजवादी पार्टी अब अपनी कट्टर प्रतिद्वंद्वी बहुजन समाज पार्टी के साथ हाथ मिलाने को तो तैयार हो गई। लेकिन मायावती ने सपा के साथ आने की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
गौरतलब है कि सोमवार को हाजीपुर की सभा में राजद प्रमुख लालू यादव ने देशहित में मुलायम सिंह यादव और मायावती को एक साथ आने की अपील की थी। हाजीपुर सभा में लालू खुद अपने चिर प्रतिद्वंद्वी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ नजर आए थे।

लालू के प्रस्ताव पर सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने बसपा के साथ आने के मुद्दे पर कहा कि यदि लालू यादव मध्यस्थता करें तो मायावती के साथ हाथ मिलाया जा सकता है। लेकिन उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सांप्रदायिक ताकतों से घिरे हुए हैं और उनसे हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं है।

संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि लालू-मुलायम के लिए सत्ता पहले नंबर हो पर सकता है, मान-सम्मान बाद में। मेरे लिए मान-सम्मान पहले है और सत्ता बाद में। मायावती ने कहा कि बसपा के हित और मान-सम्मान के लिए 25 अगस्त 2003 में भाजपा से गठबंधन तोड़ मुख्यमंत्री पद का त्याग कर दिया था। गेस्टहाउस कांड को याद करते हुए मायावती ने लालू यादव से पूछा कि यदि यह सब कुछ उनकी बहन के साथ होता, तब उनका रवैया यह नहीं होता।

हाजीपुर सभा में लालू ने कहा था कि बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी भाजपा को रोकने के लिए महागठबंधन की जरूरत है। उन्होंने इसके मायावती और मुलायम को एक-साथ आने की अपील की थी।

जिसके बाद सपा ने कहा था कि बिहार में भले ही लालू यादव और नीतिश कुमार को भाजपा के सामने को खुद को बचाने के लिए हाथ मिलाना पड़ा हो, लेकिन उत्तर प्रदेश में सपा अपने दम पर भाजपा को टक्कर देने की कोशिश कर रही है।

वहीं, बसपा ने भी कहा था कि उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में सपा सरकार की इतनी बदनामी हो गई है। उसके साथ हाथ मिलाने से फायदा कम घाटा ज्यादा है। इस गठबंधन के बाद उसका अपना दलित वोट बैंक कभी वापस नहीं आ पाएगा। बसपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि पार्टी को भले एक भी सीट न मिले, लेकिन पूरे देश में अकेले ही चुनाव लड़कर पार्टी खुद को मजबूत करेगी।
 
Source:  Newspaper

Sonia Gandhi accuses Narendra Modi government of imitating UPA schemes

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एनडीए नीत मोदी सरकार पर एक बार फिर करारा प्रहार किया है। कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में बुधवार को सोनिया ने कहा कि एनडीए के पास कोई नीति नहीं है वह हमारी नीतियों को ही आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने आप को बनाए रखने और फिर से सत्ता में वापसी के लिए पूरी क्षमता का इस्तेमाल करेगी। साथ ही सोनिया ने कहा कि भाजपा के शासन काल में सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा मिला है।

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बाद सोनिया गांधी ने मंगलवार को कहा था कि समाज को बांटने के लिए महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक हिंसा फैलायी जा रही है। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं जानबूझकर समाज को धार्मिक आधार पर बांटने के लिए की जा रही है। इसलिए हमें विविधतावादी समाज के निर्माण के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। 

Source:  Newspaper

3 day test finish gives benefit to homeless people in Manchester

मैनचेस्टर में हुए भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के चौथे टेस्ट में तीन दिन में मिली भारत की हार ने कुछ को उदास किया और कुछ को खुश। यहां हम दोनों टीम के खिलाड़ियों की बात नहीं कर रहे। इंग्लैंड की इस तेज रफ्तार जीत से आखिर किसको मिला फायदा और किसको हुआ नुकसान आइए जानते हैं।

- नुकसानः

दरअसल इस जीत से सबसे बड़ा नुकसान झेला इस मैच के मेजबान आयोजकों ने, यानी ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम ने। इंग्लैंड को महज तीन दिन में जीत मिलने से बाकी बचे दो दिनों के टिकटों का नुकसान हुआ और साथ ही इस मैच का मजा लेने आए टूरिस्ट दर्शकों को भी काफी निराशा हुई।

- फायदाः

भारत को तीन दिन के अंदर मिली इस हार से आयोजकों को नुकसान तो हुआ लेकिन अनजाने में उन्हें दान करने का मौका जरूर मिल गया। दरअसल, ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम के मालिक लैंकशर काउंटी क्रिकेट क्लब ने टेस्ट मैच के पांच दिनों के हिसाब से स्टाफ व अन्य सहयोगियों के लिए सैंडविच का ऑर्डर दे रखा था जिसकी तादाद अच्छी-खासी थी लेकिन मैच तीन दिन में ही खत्म हो गया और सभी सैंडविच बचे के बचे रह गए। ऐसे में इसको बर्बाद करने की बजाय आयोजकों ने फैसला किया कि बेघर लोगों की एक स्थानीय संस्था नैरोगेट इमरजेंसी एकोमोडेशन में लोगों को इसका लुत्फ उठाने दिया जाए। फिर क्या था, बड़ी तादाद में बेेघर लोगों को सैंडविच के साथ सूप दिया गया और अपने साथ ले जाने के लिए भी सैंडविच दिए गए जिससे आयोजक लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल रहे।

Source: Newspaper

Prakash raj escapes an accident

फिल्म अभिनेता प्रकाश राज एक सड़क हादसे में बाल-बाल बच गए। उनकी कार बस से टकराने से बच गई। लेकिन जो नजारा उन्होंने इस दौरान देखा, वह चौंकाने वाला था।

वे हैदराबाद के ट्रैफिक सिग्नल पर इंतजार कर रहे थे, तभी उनकी कार एक बस से टकराते-टकराते बच गई। प्रकाश राज ने अपने ट्विटर पेज पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, 'मैं इस घटना से घबरा गया था। हालांकि उन्हें मुझे चोट नहीं आई। उन्होंने लिखा, गाडिय़ों का जाम लगा हुआ था, तभी एक बस पीछे से उनकी तरफ आई।

उन्होंने लिखा, मुझे ये देखकर आश्चर्य हुआ कि लोग जहां इधर-उधर गिरे पड़े थे, वहीं वहां के कुछ युवा उन्हें मदद करने की बजाय फोटो खिंचने में लगे हुए थे। बतौर प्रकाश राज, ये शर्म की बात है और मुझे ऐसा नजारा देख बहुत अजीब लगा। मुझे अपनी चोट से ज्यादा ये नजारा देखकर दुख हुआ।

Source: Newspapers

Actress Mallika Sherawat declared ex parte

फिल्म 'डर्टी पॉलीटिक्स' के पोस्टर में तिरंगा छपी ड्रेस पहनकर राष्ट्रीय ध्वज और गाड़ी पर अशोक चक्र का अपमान करने की याचिका पर जवाब दायर नहीं करने पर जिला अदालत ने अभिनेत्री मल्लिका शेरावत को एक्स पार्टी घोषित कर दिया। एक्‍स पार्टी का मतलब ये है कि अब मल्लिका इस मामले में अदालत में अपना पक्ष नहीं रख पाएंगी।

मंगलवार को ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभिनेत्री मल्लिका शेरावत और फिल्म निर्माता-निर्देशक केसी बोकाडिय़ा के जवाब दायर न करने पर एक्स पार्टी घोषित कर दिया। अब मामले में एक्स पार्टी हुए दोनों अपना पक्ष नहीं रख सकेंगे। वहीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टीफिकेट की तरफ से अदालत में अपना जवाब अदालत में दायर कर दिया गया।

जवाब में उन्होंने कहा कि डर्टी पॉलीटिक्स फिल्म की तरफ से किसी ने सर्टीफिकेट ही नहीं मांगा है। अगर फिल्म में तिरंगे का अपमान हो रहा है तो सिनेमैटोग्राफी एक्ट की धारा-5 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अदालत इस मामले में फिल्म अभिनेत्री मल्लिका शेरावत और फिल्म निर्माता-निर्देशक केसी बोकाडिय़ा को जवाब दायर करने के लिए 12 जून, 13 जून, 2 जुलाई और 4 अगस्त को नोटिस कर चुकी है लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया था। मामले में फिल्म के पोस्टर शहर में न लगने को लेकर प्रशासन और एसएसपी से भी जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है।

शहर के सेक्टर 22 की सोनिया मट्टू ने तीन जून को दायर याचिका में कहा कि जोधपुर की भंवरी देवी हत्याकांड पर बनाई गई डर्टी पॉलीटिक्स फिल्म में मल्लिका शेरावत ने तिरंगे वाली ड्रेस पहनी हुई है। इसके अलावा पोस्टर में मल्लिका जिस गाड़ी पर बैठी है, उसके आगे अशोक चक्र लगा है। यह राष्‍ट्रीय ध्‍वज और अशोक चक्र का अपमान है। उन्होंने इस पोस्टर पर रोक लगाने या इसे संशोधित करने की मांग की है।

उन्होंने याचिका में प्रशासन और चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी से मांग की थी कि इस फिल्म का पोस्टर शहर न लगाने से रोक लगाई जाएं। 30 मई को भी मोहाली के एक वकील ने जिला अदालत में फिल्म पर रोक लगाने और अपराधिक मामला दर्ज करने के लिए अपराधिक याचिका दायर की गई थी।

Source: Newspaper

Wednesday, 6 August 2014

sports squash champions deepika and joshna welcomed with a dull reception 1

भारत में खेल के दीवाने बहुत हैं लेकिन शायद ये खेल भावना क्रिकेट से आगे बढ़ ही नहीं पा रही है। इसका एक नमूना देखने को मिला चेन्नई एयरपोर्ट पर जब पहली बार भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स की स्क्वॉश स्पर्धा में गोल्ड दिलाने वाली एथलीट स्वदेश लौटीं। स्क्वॉश डबल्स में भारत को गोल्ड दिलाने वाली दीपिका पाल्लीकल और जोशना चिनप्पा के साथ वापसी पर कुछ ऐसा हुआ जो शर्मनाक था।

खबरों के मुताबिक दोनों खिलाड़ी जब एयरपोर्ट से बाहर निकल रही थीं तब उनका भी दिल चाह रहा होगा कि उनका अच्छा स्वागत हो लेकिन एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए लगभग 10-12 लोग ही मौजूद थे जिसमें उनके परिजन, स्क्वॉश अकादमी के कुछ बच्चे व कोच ही शामिल थे। इसके अलावा भारतीय खेल फैंस तो दूर की बात है खेल महासंघ का कोई अधिकारी तक उनका स्वागत करने वहां नहीं पहुंचा। खबरों की मानें तो अगर इन खिलाड़ी के परिजन सही समय पर फूलों व गुलदस्तों की व्यवस्था करके ना पहुंचते तो स्थिति और भी खराब दिख सकती थी।

एक तरफ तो राज्य की मुख्यमंत्री जयललिता ने दोनों खिलाड़ियों की इस स्वर्णिम सफलता पर 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा की वहीं इसी राज्य में इन खिलाड़ियों का स्वागत कुछ इस अंदाज में हुआ। ये वही चेन्नई है जहां आइपीएल टीम चेन्नई सुपरकिंग्स जैसी क्लब टीम की जीत पर भी गजब अंदाज में जश्न मनाया जाता है और क्रिकेटरों का बेहतरीन स्वागत होता है लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय मंच पर किसी और खेल के हुनरमंद सफलता हासिल करके पहुंचते हैं तो नजारा ऐसा रहता है।

एक नौकरी को तरस रही है शूटर अनीसा:

ये तो सिर्फ एक किस्सा है जो अन्य खेल के हुनरमंद के साथ होता दिख रहा है लेकिन आए दिन ऐसी खबरें आती ही रहती हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में सिल्वर मेडल व पिछली बार दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में दो गोल्ड मेडल जीतने वाली शूटर अनीसा सैयद ने कल ही इस बात का खुलासा किया था कि 2010 में किए गए वादे के बावजूद आज तक उनको नौकरी नहीं मिली है। उस एक नौकरी के लिए उन्होंने रेलवे में अपनी पुरानी नौकरी भी छोड़ दी थी व महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक नौकरी का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया था। एक तरफ जहां हमारे क्रिकेटरों को नौकरी की जरूरत तक महसूस नहीं होती लेकिन फिर भी सबके पास नौकरी मौजूद है। वहीं दूसरी तरफ अन्य खेलों के चैंपियन जिनको जरूरत है, वो सिर्फ वादों के बीच झूल रहे हैं।

Source: Newspaper

When Ranbir kapoor gets angry

वैसे तो रणबीर कपूर बड़े ही जॉली मूड में रहते हैं, लेकिन उन्हें भी गुस्सा आता है। आप जानना चाहेंगे आखिर उन्हें गुस्सा क्यों आया?

दरअसल, रणबीर की कोरसिका में चल रही शूटिंग की तस्वीरें और फुटेज लीक हो गई हैं। किसी ने चोरी से फिल्म तमाशा की शूटिंग की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दी है। इस बात से नाराज रणबीर ने इम्तियाज अली को शूटिंग की लोकेशंस पर कड़ी सुरक्षा का सुझाव दिया है। रणबीर ने कहा, इस बात पर ज्यादा ध्यान दिया जाए कि कैमरा फोन का गलत इस्तेमाल न हो।

इम्तियाज के सेट पर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। बल्कि इससे पहले भी फिल्म रॉकस्टार के दौरान फिल्म के कुछ फोटोज और गाने इंटरनेट पर लीक हो गए थे। लगता है अब इम्तियाज को इस बारे में कुछ करना पड़ेगा।

Source: Newspaper