चेन्नई। शीर्ष वरीयता प्राप्त स्टानिस्लास वावरिंका ने फ्रांस के एडुआर्ड रोजर वेसेलिन को हराकर दूसरी बार चेन्नई ओपेन में पुरुष सिंगल्स का खिताब जीत लिया है। स्विस खिलाड़ी का यह पांचवां एटीपी टूर खिताब है।
पिछले साल अमेरिकी ओपेन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले विश्व के नंबर आठ खिलाड़ी वावरिंका ने अपना 500वां एटीपी टूर मैच खेलते हुए एक घंटा, 35 मिनट तक चले मुकाबले में वेस्लीन को सीधे सेटों में 7-5, 6-2 से हराया। इससे पहले वावरिंका ने 2011 में चेन्नई ओपेन का खिताब जीता था। टूर्नामेंट के सातवीं वरीयता प्राप्त रोजर वेसेलिन ने अपना पहला एटीपी खिताब जीतने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन पिछले सत्र में शानदार प्रदर्शन करने वाले 28 वर्षीय वावरिंका से पार पाना उनके लिए आसान नहीं रहा। अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहे वावरिंका ने खुद को अव्वल खिलाड़ी साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने दमदार रिटर्न और ग्राउंड स्ट्रोक्स के दम पर वेसेलिन को उन्नीस साबित किया। यह दूसरा मौका था जब वेस्लीन किसी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे थे। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2013 में डेलरे बीच ओपेन के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी, जहां उन्हें लातविया के एर्नेस्ट गुलबिस ने हराया था।
वावरिंका के लिए यह टूर्नामेंट काफी अच्छा रहा। उन्होंने तीसरे दौर में स्लोवेनिया के एलिज बेडेन को हराकर करियर की 300वीं जीत दर्ज की थी। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह चौथे स्विस खिलाड़ी हैं। उनसे पहले रोजर फेडरर (926), मार्क रोसेट (433) और जैकब हलास्के (432) यह कारनामा कर चुके हैं। हालांकि इस साल चेन्नई ओपेन से कई शीर्ष खिलाड़ियों के हटने से इसकी चमक थोड़ी फीकी पड़ी। चोट के कारण पिछले साल के चैंपियन जानको टिप्सारेविक, दूसरी वरीयता प्राप्त रूस के मिखाइल यूझनी और तीसरी वरीयता प्राप्त इटली के फाबियो फोगनिनी ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था। इस बीच, कनाडा के पांचवीं वरीयता प्राप्त वासेक पोसपिसली भी चोट के कारण वावरिंका के खिलाफ सेमीफाइनल मैच पूरा नहीं कर सके थे।
Source: Sports News in Hindi
No comments:
Post a Comment