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Sunday, 29 December 2013

North India in grip of cold



नई दिल्ली। समूचा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। दिन में धूप निकलने के बावजूद कई जगहों पर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पंजाब के जालंधर और हरियाणा के हिसार में तापमान शून्य से नीचे चला गया। कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों सोमवार, मंगलवार और बुधवार को बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। हरियाणा और राजस्थान में ठंड से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

दिल्ली में 1.9 डिग्री पहुंचा तापमान
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। ऐसा लग रहा है कि जनवरी कहीं दिल्लीवासियों को जमा न दे। तापमान में दिनोंदिन जिस तरह से गिरावट दर्ज की जा रही है, उससे दिल्ली वालों के बीच में ठंड को लेकर होने वाली चर्चा आम हो गई है। दिसंबर के जाते-जाते रविवार को दिल्ली के पश्चिमी-बाहरी जिले के जाफरपुर इलाके में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने तापमान में गिरावट जारी रहने की बात कही है। रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम यानी 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट का असर पूरी तरह से जनजीवन पर दिखाई दिया। छुट्टी के दिन दिल्ली के तकरीबन सभी पिकनिक स्पॉट तथा बाजार वीरान नजर आए। मौसम विभाग की मानें तो सोमवार व मंगलवार को भी दिल्ली में सर्द हवाएं चलेंगी और तापमान में कमी आएगी।

जालंधर में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान

जालंधर, जागरण प्रतिनिधि। लगातार दूसरा दिन, पारा माइनस में और तेज धूप भी ठंडी लग रही थी। रविवार छुट्टी वाले दिन धूप सेंकने के इरादे से घरों की छतों पर पहुंचे लोग कुछ ही देर में वापस कमरों में दुबक गए, क्योंकि दोपहर के समय भी चल रही शीतलहर ने बैठने ही नहीं दिया।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान -0.5 और अधिकतम 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दो तीन दिनों में बारिश हो सकती है। नए साल पर बारिश होने की संभावना मौसम विशेषज्ञ जता रहे हैं।

नारनौल जमाव बिंदु पर, हिसार में तापमान -0.8 डिग्री
पानीपत, जागरण न्यूज नेटवर्क। समूचा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। दिन में धूप निकलने के बावजूद प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ठंड से सिरसा के ओढ़ा में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

रविवार को हिसार में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जोकि इस सीजन का दिसंबर माह में अब तक का सबसे कम तापमान है। उधर, नारनौल में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया। यहां न्यूनतम तापमान 0 डिग्री दर्ज किया गया और सुबह खेतों में फसलों पर बर्फ जमी दिखाई दी। इसके अलावा रेवाड़ी में न्यूनतम तापमान एक और सिरसा में 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहीं नहीं, प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर अधिकतम पारा भी 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडराता रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आगामी दिनों में तापमान और गिरेगा, क्योंकि 30 और 31 दिसंबर को मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। 

जयपुर में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा
जयपुर। जयपुर में रविवार को मौसम साफ और गुनगुनी धूप होने के बावजूद यहां पर सर्दी ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। राजधानी में शनिवार रात का पारा 2.2 डिग्री से लुढ़ककर 4.5 डिग्री से. पहुंच गया, जो पांच साल में सबसे कम और इस मौसम का न्यूनतम तापमान है। मौसम विभाग ने सोमवार या मंगलवार को जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान में बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई है। राजस्थान में ठंड से एक व्यक्ति के मरने की सूचना है।

आगरा में ठंड की दस्तक
आगरा। आगरा शहर में भी ठंड ने दस्तक दे दी है। यहां रविवार रात पारा 1.4 डिग्री रहा, जोकि यहां के सामान्य तापमान से 6 डिग्री कम था। यहां का अधिकतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहा। मौसम विभाग ने नए साल की पूर्व संध्या पर यहां हल्की बूंदाबांदी के चलते तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।

पहली जनवरी को साफ रहेगा मौसम
पटना, जागरण संवाददाता। मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। दिन में अच्छी धूप निकल रही लेकिन, शाम ढलते ही पारा अचानक खासा गिर जा रहा है। राजधानी के अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में भी काफी अंतर देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहली जनवरी को आकाश साफ रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी। लोग विभिन्न स्थलों पर पिकनिक मनाएंगे।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एके सेन का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा जबकि रात में पारा गिरकर 10 तक पहुंच सकता है। 

जमने लगे कश्मीर के जलस्रोत
श्रीनगर, जागरण ब्यूरो। बर्फ की सफेद चादर और बर्फ से अटी चोटियों के दामन में अगर कोई नववर्ष का स्वागत करना चाहता है तो उसे कश्मीर आना चाहिए। सूखी ठंड की मार झेल रही वादी को 31 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर नए साल पर हिमपात का तोहफा देने के मूड में है। इस बीच, कड़ाके की ठंड झेल रही वादी में दिन व रात के अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सामान्य से नीचे चले जाने के कारण अधिकांश जलस्रोत जमना शुरू हो गए हैं। लगातार तीव्र होती जा रही शीतलहर ने अब आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

ठंड का अदांजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार रात लेह में मौजूदा सर्दियों के दौरान अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान -17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कारगिल में -16.4 डिग्री सेल्सियस रहा है। बेशक लेह पूरे राज्य में सबसे ठंडा है, लेकिन कश्मीर में गुलमर्ग न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे -9.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ज्यादा ठंडा है। गुलमर्ग भी बीती रात ही मौजूदा सर्दियों की सबसे ठंडी रात थी। पहलगाम में इसी दौरान न्यूनतम तापमान -7.4 डिग्री सेल्सियस, कुपवाड़ा में -3.7, कोकरनाग में -5.2, काजीगुंड में -4.0 और श्रीनगर में -3.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सामान्य से कम होने के कारण अधिकांश जलस्त्रोत जमने लगे हैं। डल झील के किनारों और अंदरुनी इलाकों में पानी की ऊपरी सतर पर बर्फ की बिछ रही चादर भी मोटी होने लगी है। कई इलाकों में जलापूर्ति की पाइपें फट गई हैं। 

बर्फीली हवा ने बढ़ाई ठिठुरन
जम्मू, जागरण संवाददाता। ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते शीतलहर की चपेट में आए जम्मू के मैदानी इलाकों में ठिठुरन ने झकझोर कर रख दिया है। लगातार गिर रहे तापमान ने रातों की नींद हराम होने लगी है। रविवार की छुट्टी होने के चलते अधिकतर लोगों ने घरों में ही दुबके रहना बेहतर समझा। दोपहर को निकली धूप ने हालांकि राहत प्रदान की, लेकिन शाम होते ही कड़ाके की सर्दी ने फिर दस्तक दे दी। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम में भी गिरकर 18.1 डिग्री सेल्सियस पर रहा। 

शिमला से भी ठंडे हुए ऊना व सुंदरनगर
शिमला, जागरण संवाद केंद्र। हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं से पूरा हिमाचल कांप उठा है। आधे हिमाचल का तापमान जमाव बिंदु और उससे नीचे चला गया है, वहीं कई क्षेत्रों का तापमान एक और दो डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। प्रदेश के सबसे गर्म जिले ऊना का न्यूनतम तापमान रविवार को जमाव बिंदु पर बना रहा, जो शिमला के न्यूनतम तापमान से भी कम दर्ज किया गया। ऊना का न्यूनतम तापमान दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी तरह हमीरपुर, सोलन और सुंदरनगर का न्यूनतम तापमान भी रविवार को शून्य डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि मनाली, चंबा, केलंग, कल्पा और भुंतर का तापमान माइनस रहा। राजधानी शिमला का तापमान दो डिग्री रिकार्ड किया गया है।

प्रदेश का न्यूनतम तापमान सामान्य से औसत तीन से चार डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विभाग की मानें तो सोमवार को मौसम करवट बदलेगा, क्योंकि अफगानिस्तान से आने वाली पश्चिमी हवाएं प्रदेश के मौसम पर असर दिखाएंगी। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान को देखकर प्रदेश में घूमने आए पर्यटकों में बर्फ देखने की हसरत फिर से हिलोरे मारने लगी हैं। पर्यटन स्थलों में स्थित होटलों की आक्यूपेंसी दर शत प्रतिशत चल रही है। होटल व्यवसायी पर्यटकों को लुभाने के लिए अनेक तरह के पैकेज लांच कर रहे हैं।

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Thursday, 14 November 2013

Shahid kapoor's Movie Haider Shooting in Srinagar

Shahid Kapoor
श्रीनगर। लाल चौक से आठ किलोमीटर दूर पंद्रेठन में वीरवार को 'हैदर' ने ठंडी हवाओं के झोंकों के बीच झेलम दरिया में करीब चार घंटे तक सैर की। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ साथ पर्यटकों की भीड़ भी उसे देखने के लिए झील के आस-पास जमा हो गई।
इन दिनों कश्मीर में बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक विशाल भारद्वाज अपनी फिल्म हैदर की शूटिंग में व्यस्त हैं। फिल्म में मुख्य किरदार हैदर का है, जिसे शाहिद कपूर निभा रहे हैं। शेक्सपियर के नाटक हैमलेट को आधार पर बनाकर ही हैदर की पटकथा लिखी गई है, जो एक कश्मीरी युवक और कश्मीर की मौजूदा स्थित के इर्द-गिर्द घूमती है। शनिवार को शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर पर डल झील के विभिन्न हिस्सों में कुछ सीन फिल्माए गए थे।
अलबत्ता, वीरवार को झेलम में हैदर अपनी हीरोइन के बिना अकेला ही था। उस पर पांच शॉट फिल्माए गए। कभी वह रेत निकाल रहे श्रमिकों के बीच गया तो कभी किश्ती में बैठकर अकेला ही एक से दूसरे किनारे जा रहा था। हैदर (शाहिद) को देखने के लिए झेलम के दोनों किनारों पर दर्शकों की खूब भीड़ जमा हो गई थी। जिसे काबू करने के लिए पुलिस को भी खूब मशक्कत करनी पड़ी।
शाम पांच बजे शूटिंग का शेड्यूल पूरा हुआ और उसके बाद हैदर ने वहां मौजूद अपने कई प्रशंसकों से भी मुलाकात की और उन्हें ऑटोग्राफ भी दिए। इसके बाद उन्हें व पूरे फिल्म क्रयू को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस ने उन्हें उनके होटल तक पहुंचाया।

 Source - Entertainment Hindi News

Wednesday, 6 November 2013

Rahul Gandhi addresses rally in Jammu

Rahul Gandhi

जम्मू [जागरण ब्यूरो]। जम्मू-कश्मीर के पंच-सरपंचों को अधिकार दिलाने का वादा करने जम्मू पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि
गुटबाजी करने वाले नेताओं की सुलह करवाते समय मन करता है कि उन्हें डंडे मारूं। गुटबाजी खत्म करने के लिए जो छत्तीसगढ़ में किया है वह कांग्रेस की एकजुटता के लिए जम्मू-कश्मीर में भी करेंगे। राहुल गांधी पंच-सरपंचों के सम्मेलन में हिस्सा लेने से पूर्व बुधवार दोपहर को यहां कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। राहुल गांधी ने चुनाव में बार-बार हारने के बाद भी टिकट की दावेदारी जताने वाले नेताओं के दिन लद जाने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि दो बार चुनाव में नाकाम रहे नेताओं को अब टिकट नहीं दी जाएगी।

वहीं, दूसरी तरफ राहुल को कुछ पंचायत प्रतिनिधियों की खरी-खरी सुननी पड़ी। पंचायत सम्मेलन में एक सरपंच ने इतना हंगामा किया कि राहुल को अपना भाषण बीच में ही छोड़ना पड़ा। सम्मेलन में एक तरफ सरपंच परीक्षित सिंह ने पंचायतों को अधिकार न मिलने पर अपना गुस्सा निकालना शुरू किया तो कई अन्य पंच-सरपंचों ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। इस शोर-शराबे के कारण सम्मेलन में खलल पड़ गया। अंतत: राहुल कार्यक्रम समेटकर निकल गए।

हुआ यूं कि मौलाना आजाद स्टेडियम के पंचायत सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जब पंचायतों को अधिकार दिलाने के लिए फिर से लड़ाई छेड़ने की बात कही तो ऊधमपुर जिला की रामनगर तहसील की पंचायत बुखतान के सरपंच परीक्षित सिंह व कुछ अन्य पंच भड़क गए। पंचायतों को अधिकार दिलाने के राहुल के वादे से गुस्साए परीक्षित ने कहा कि पिछले तीन साल से पंच-सरपंचों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। हमें न्याय चाहिए। हमें आज तक अधिकार नहीं मिल पाए हैं। हमें अधिकार दिए जाने का दिन कब आएगा? परीक्षित के हंगामे के कारण राहुल को अपना भाषण में बीच में रोड़ना पड़ा।

इस बीच, कई सरपंचों व पंचों ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस शोर-शराबे के बीच ही राहुल ने कहा, 'मैं पंचायतों को अधिकार दिलाने के मुद्दे पर सरकार पर दवाब बनाने की बात कह चुका हूं। एक मिनट में कुछ नहीं होने वाला है। हमें दबाव डालना होगा। मैं बार-बार जम्मू-कश्मीर आऊंगा और पंचायतों को अधिकार दिलाकर ही रहूंगा।'

इतना कहकर राहुल मंच से उतर गए लेकिन वहां पर हंगामा होता रहा। इस बीच प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी मंच पर पहुंची और उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत को दस-दस लाख रुपये जारी करने का प्रस्ताव केंद्र के पास है और वित्तीय विभाग में यह फाइल अंतिम चरण में है। अंबिका सोनी ने कहा कि इस समय चुनाव नजदीक है, इसलिए राहुल गांधी ने यह घोषणा नहीं की। इससे पूर्व सम्मेलन में राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पंच-सरपंचों को पूरा हक दिलाने का यकीन दिलाते हुए कहा कि वह भारतीय संविधान के 73 व 74 वें संशोधन को लागू करवाने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे।

करीब 16 मिनट के भाषण में राहुल ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोजन अधिकार कानून जम्मू-कश्मीर में लागू होना चाहिए। उनकी इस सिलसिले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात हुई है। भोजन अधिकार कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार कमियां पूरी करेगी।
Source- News in Hindi