जम्मू [जागरण ब्यूरो]। जम्मू-कश्मीर के पंच-सरपंचों को अधिकार दिलाने का वादा करने जम्मू पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि
गुटबाजी करने वाले नेताओं की सुलह करवाते समय मन करता है कि उन्हें डंडे मारूं। गुटबाजी खत्म करने के लिए जो छत्तीसगढ़ में किया है वह कांग्रेस की एकजुटता के लिए जम्मू-कश्मीर में भी करेंगे। राहुल गांधी पंच-सरपंचों के सम्मेलन में हिस्सा लेने से पूर्व बुधवार दोपहर को यहां कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। राहुल गांधी ने चुनाव में बार-बार हारने के बाद भी टिकट की दावेदारी जताने वाले नेताओं के दिन लद जाने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि दो बार चुनाव में नाकाम रहे नेताओं को अब टिकट नहीं दी जाएगी।
वहीं, दूसरी तरफ राहुल को कुछ पंचायत प्रतिनिधियों की खरी-खरी सुननी पड़ी। पंचायत सम्मेलन में एक सरपंच ने इतना हंगामा किया कि राहुल को अपना भाषण बीच में ही छोड़ना पड़ा। सम्मेलन में एक तरफ सरपंच परीक्षित सिंह ने पंचायतों को अधिकार न मिलने पर अपना गुस्सा निकालना शुरू किया तो कई अन्य पंच-सरपंचों ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। इस शोर-शराबे के कारण सम्मेलन में खलल पड़ गया। अंतत: राहुल कार्यक्रम समेटकर निकल गए।
हुआ यूं कि मौलाना आजाद स्टेडियम के पंचायत सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जब पंचायतों को अधिकार दिलाने के लिए फिर से लड़ाई छेड़ने की बात कही तो ऊधमपुर जिला की रामनगर तहसील की पंचायत बुखतान के सरपंच परीक्षित सिंह व कुछ अन्य पंच भड़क गए। पंचायतों को अधिकार दिलाने के राहुल के वादे से गुस्साए परीक्षित ने कहा कि पिछले तीन साल से पंच-सरपंचों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। हमें न्याय चाहिए। हमें आज तक अधिकार नहीं मिल पाए हैं। हमें अधिकार दिए जाने का दिन कब आएगा? परीक्षित के हंगामे के कारण राहुल को अपना भाषण में बीच में रोड़ना पड़ा।
इस बीच, कई सरपंचों व पंचों ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस शोर-शराबे के बीच ही राहुल ने कहा, 'मैं पंचायतों को अधिकार दिलाने के मुद्दे पर सरकार पर दवाब बनाने की बात कह चुका हूं। एक मिनट में कुछ नहीं होने वाला है। हमें दबाव डालना होगा। मैं बार-बार जम्मू-कश्मीर आऊंगा और पंचायतों को अधिकार दिलाकर ही रहूंगा।'
इतना कहकर राहुल मंच से उतर गए लेकिन वहां पर हंगामा होता रहा। इस बीच प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी मंच पर पहुंची और उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत को दस-दस लाख रुपये जारी करने का प्रस्ताव केंद्र के पास है और वित्तीय विभाग में यह फाइल अंतिम चरण में है। अंबिका सोनी ने कहा कि इस समय चुनाव नजदीक है, इसलिए राहुल गांधी ने यह घोषणा नहीं की। इससे पूर्व सम्मेलन में राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पंच-सरपंचों को पूरा हक दिलाने का यकीन दिलाते हुए कहा कि वह भारतीय संविधान के 73 व 74 वें संशोधन को लागू करवाने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे।
करीब 16 मिनट के भाषण में राहुल ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोजन अधिकार कानून जम्मू-कश्मीर में लागू होना चाहिए। उनकी इस सिलसिले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात हुई है। भोजन अधिकार कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार कमियां पूरी करेगी।
Source- News in Hindi
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