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Saturday, 21 June 2014

Security situation under control in Jammu and Kashmir, infiltration down: DGP

Representational Picture
“I want to assure the security situation is under control,” the DGP told reporters in reply to a question about the security situation and infiltration attempts along the LoC in Jammu and Kashmir.

"Compared to last year the level of infiltration has come down. This year the infiltration is around 10 militants, who have managed to infiltrate. We have got the sound and effective anti-infiltration mechanism on the border. We have got very sound intelligence system,” he said.

"The troops are maintaining extreme alert and vigilance along the border line. We have also reviewed the infiltration routes along the border. We have interacted with all the forces including J-K Police and other forces,” he added.
      
"We have perfect synergy among all the forces –among Army, BSF, CRPF and Police, we are working together shoulder to shoulder and I have safe and secured environment for the people of the state,” the DGP said.

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Monday, 13 January 2014

If Pakistan breaks rules, then we can too: Gen. Bikram Singh

  
नई दिल्ली [जाब्यू]। पड़ोसी नियम से चलेगा तो हम भी नियमों के मुताबिक चलेंगे। अगर वो नियमों को तोड़ेंगे तो स्वाभाविक है हम नियमों से बंधे नहीं रह सकते, हम भी नियम तोड़कर जवाब देंगे। इन शब्दों के साथ सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने सोमवार को दो-टूक कहा, सीमा पर पाकिस्तान की किसी भी बदनीयती का माकूल व आक्रामक तरीके से मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। बीते साल दो जवानों के सिर काटे जाने की घटना पर जवाबी भारतीय कार्रवाई की तस्दीक करते हुए जनरल ने कहा, भारतीय सेना की फायरिंग में 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। उनका साफ कहना था कि सैनिकों के सिर काटने का बदला हमने ले लिया।

जवानों की गला रेत कर हत्या करने की घटना पर समय व स्थान चुनकर बदला चुकाने की बात कह चुके जनरल सिंह ने कहा, हमने भी आक्रामक कार्रवाई की है। उन्होंने 23 दिसंबर को पाकिस्तानी मीडिया में आई उस खबर का हवाला दिया जिसमें नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी में एक अधिकारी और नौ पाक सैनिकों के मारे जाने तथा 12-13 के घायल होने की बात कही गई थी। जनरल ने कहा, यह आपके सैनिकों की कार्रवाई का नतीजा था। बीते साल जनवरी में पाक सैनिकों ने आतंकियों के साथ मिलकर की गई कार्रवाई में दो भारतीय जवानों की गला रेत कर हत्या कर दी थी। घुसपैठिया पाक दस्ता एक भारतीय सैनिक का सिर काटकर अपने साथ ले गया था। वहीं अगस्त में भी पाक सैनिकों ने सीमा में घुसपैठ कर पांच भारतीय सैनिकों को मार दिया था।

नियंत्रण रेखा पर पुंछ में सोमवार को संघर्ष विराम के उल्लंघन के मुद्दे पर भी सेनाध्यक्ष बोले। उन्होंने कहा,तीन आतंकियों की हलचल देखे जाने पर भारतीय सैनिकों ने कार्रवाई की। सेना दिवस की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बातचीत में जनरल सिंह का कहना था कि संघर्ष विराम का उल्लंघन स्थानीय स्तर पर युद्ध की तरह होता है। लिहाजा सीमा पर तैनात जवान व कमांडर जवाबी कार्रवाई के लिए जरूरी कदम उठाते हैं। सिंह ने कहा, भारत पुंछ की इस घटना को पाक सैन्य अभियान महानिदेशक के साथ हॉटलाइन वार्ता में भी उठाएगा। 

सेना प्रमुख के मुताबिक घुसपैठ के किसी भी प्रयास पर हम जबरदस्त कार्रवाई करेंगे। सीमा पार से अक्सर गोलीबारी भी घुसपैठियों की मदद के लिए ही होती है। हालांकि सोमवार को पुंछ में हुआ संघर्षविराम उल्लंघन 27 अक्टूबर के बाद दर्ज पहली घटना है। वाघा सीमा पर 24 दिसंबर 2013 को दोनों देशों की सैन्य महानिदेशकों की बैठक हुई थी जिसमें शांति बहाली के उपायों पर जोर दिया गया था। इस कड़ी में जल्द ही नियंत्रण रेखा पर दोनों मुल्कों के बीच दो ब्रिगेडियर स्तर वार्ताएं भी होनी हैं। 

बीते एक वर्ष के दौरान नियंत्रण रेखा पर 2003 से कायम संघर्ष विराम तोड़ कर पाक की ओर से गोलीबारी की 400 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं। सीमा पर 2013 में हुई घटनाओं में 10 सैनिकों और 7 नागरिकों की मौत हुई है जबकि 11 सैनिक व 89 नागरिक घायल हुए हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से बढ़ा है। इस बीच सेनाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि मानवाधिकार उल्लंघन के किसी भी मामले में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। उनका कहना था कि मच्छल एनकाउंटर मामले में सेना की कार्रवाई एक सख्त संदेश देगी ताकि फर्जी एनकाउंटर न हों। हालांकि उन्होंने मामले को अदालत के विचाराधीन बताते हुए आगे टिप्पणी करने से इन्कार किया। 

Wednesday, 8 January 2014

Harbhajan sing play caption knock in ranji trophy

वडोदरा। पंजाब के कप्तान हरभजन सिंह ने रणजी ट्रॉफी क्रिकेट क्वार्टर फाइनल मैच में जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 80 गेंदों पर 92 रन की उम्दा पारी खेलकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में शानदार वापसी की। हरभजन और नौवें नंबर के बल्लेबाज संदीप शर्मा (51) के बीच आठवें विकेट पर 105 रन की मूल्यवान साझेदारी की बदौलत पंजाब ने पहली पारी में 304 रन बना लिए। एक समय जम्मू-कश्मीर की सीमर तिकड़ी समीउल्लाह बेग (2/56), राम दयाल (3/59) और उमर नजीर (4/66) ने पंजाब के सात विकेट 146 रन पर झटक लिए थे। स्टंप के समय जम्मू-कश्मीर ने ओपनर ओबैद हारून (04) का विकेट गंवाकर 11 रन बना लिए थे।

मददगार विकेट पर जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों खासकर राम दयाल ने पंजाब के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लिए काफी मुश्किल पैदा की। युवराज सिंह केवल दस रन बना सके। लेकिन अनुभवी पंजाब की टीम आखिरकार संकट से निकलने में सफल रही। कंधे की चोट के कारण छह हफ्ते से ज्यादा मैदान से बाहर रहे हरभजन ने अपनी पारी में आठ चौके और छह छक्के लगाए। उन्होंने विरोधी कप्तान परवेज रसूल को अपना निशाना बनाया। हरभजन ने रसूल की सात गेंदों पर पांच छक्के जड़े। रसूल ने 13 ओवर में 64 रन लुटाए लेकिन हरभजन का विकेट लेने में सफल रहे। संदीप ने 123 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके लगाए।
संक्षिप्त स्कोर : पंजाब (पहली पारी) 81.2 ओवर में 304 (हरभजन 92, संदीप 51, युवराज 10, नजीर 4/66)। जम्मू-कश्मीर (पहली पारी) : 4 ओवर में एक विकेट पर 11 रन

Sunday, 29 December 2013

North India in grip of cold



नई दिल्ली। समूचा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। दिन में धूप निकलने के बावजूद कई जगहों पर कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पंजाब के जालंधर और हरियाणा के हिसार में तापमान शून्य से नीचे चला गया। कश्मीर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों सोमवार, मंगलवार और बुधवार को बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। हरियाणा और राजस्थान में ठंड से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

दिल्ली में 1.9 डिग्री पहुंचा तापमान
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। ऐसा लग रहा है कि जनवरी कहीं दिल्लीवासियों को जमा न दे। तापमान में दिनोंदिन जिस तरह से गिरावट दर्ज की जा रही है, उससे दिल्ली वालों के बीच में ठंड को लेकर होने वाली चर्चा आम हो गई है। दिसंबर के जाते-जाते रविवार को दिल्ली के पश्चिमी-बाहरी जिले के जाफरपुर इलाके में न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबकि दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने तापमान में गिरावट जारी रहने की बात कही है। रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम यानी 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट का असर पूरी तरह से जनजीवन पर दिखाई दिया। छुट्टी के दिन दिल्ली के तकरीबन सभी पिकनिक स्पॉट तथा बाजार वीरान नजर आए। मौसम विभाग की मानें तो सोमवार व मंगलवार को भी दिल्ली में सर्द हवाएं चलेंगी और तापमान में कमी आएगी।

जालंधर में शून्य से नीचे पहुंचा तापमान

जालंधर, जागरण प्रतिनिधि। लगातार दूसरा दिन, पारा माइनस में और तेज धूप भी ठंडी लग रही थी। रविवार छुट्टी वाले दिन धूप सेंकने के इरादे से घरों की छतों पर पहुंचे लोग कुछ ही देर में वापस कमरों में दुबक गए, क्योंकि दोपहर के समय भी चल रही शीतलहर ने बैठने ही नहीं दिया।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान -0.5 और अधिकतम 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दो तीन दिनों में बारिश हो सकती है। नए साल पर बारिश होने की संभावना मौसम विशेषज्ञ जता रहे हैं।

नारनौल जमाव बिंदु पर, हिसार में तापमान -0.8 डिग्री
पानीपत, जागरण न्यूज नेटवर्क। समूचा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में है। दिन में धूप निकलने के बावजूद प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ठंड से सिरसा के ओढ़ा में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

रविवार को हिसार में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर माइनस 0.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जोकि इस सीजन का दिसंबर माह में अब तक का सबसे कम तापमान है। उधर, नारनौल में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया। यहां न्यूनतम तापमान 0 डिग्री दर्ज किया गया और सुबह खेतों में फसलों पर बर्फ जमी दिखाई दी। इसके अलावा रेवाड़ी में न्यूनतम तापमान एक और सिरसा में 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहीं नहीं, प्रदेश में अधिकांश स्थानों पर अधिकतम पारा भी 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास मंडराता रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार आगामी दिनों में तापमान और गिरेगा, क्योंकि 30 और 31 दिसंबर को मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। 

जयपुर में पांच साल का रिकॉर्ड टूटा
जयपुर। जयपुर में रविवार को मौसम साफ और गुनगुनी धूप होने के बावजूद यहां पर सर्दी ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। राजधानी में शनिवार रात का पारा 2.2 डिग्री से लुढ़ककर 4.5 डिग्री से. पहुंच गया, जो पांच साल में सबसे कम और इस मौसम का न्यूनतम तापमान है। मौसम विभाग ने सोमवार या मंगलवार को जयपुर सहित पूर्वी राजस्थान में बारिश और ओले गिरने की संभावना जताई है। राजस्थान में ठंड से एक व्यक्ति के मरने की सूचना है।

आगरा में ठंड की दस्तक
आगरा। आगरा शहर में भी ठंड ने दस्तक दे दी है। यहां रविवार रात पारा 1.4 डिग्री रहा, जोकि यहां के सामान्य तापमान से 6 डिग्री कम था। यहां का अधिकतम तापमान 18 डिग्री के आसपास रहा। मौसम विभाग ने नए साल की पूर्व संध्या पर यहां हल्की बूंदाबांदी के चलते तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।

पहली जनवरी को साफ रहेगा मौसम
पटना, जागरण संवाददाता। मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। दिन में अच्छी धूप निकल रही लेकिन, शाम ढलते ही पारा अचानक खासा गिर जा रहा है। राजधानी के अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान में भी काफी अंतर देखा जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पहली जनवरी को आकाश साफ रहेगा और अच्छी धूप निकलेगी। लोग विभिन्न स्थलों पर पिकनिक मनाएंगे।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एके सेन का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा जबकि रात में पारा गिरकर 10 तक पहुंच सकता है। 

जमने लगे कश्मीर के जलस्रोत
श्रीनगर, जागरण ब्यूरो। बर्फ की सफेद चादर और बर्फ से अटी चोटियों के दामन में अगर कोई नववर्ष का स्वागत करना चाहता है तो उसे कश्मीर आना चाहिए। सूखी ठंड की मार झेल रही वादी को 31 दिसंबर को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होकर नए साल पर हिमपात का तोहफा देने के मूड में है। इस बीच, कड़ाके की ठंड झेल रही वादी में दिन व रात के अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सामान्य से नीचे चले जाने के कारण अधिकांश जलस्रोत जमना शुरू हो गए हैं। लगातार तीव्र होती जा रही शीतलहर ने अब आम लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।

ठंड का अदांजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार रात लेह में मौजूदा सर्दियों के दौरान अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान -17.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कारगिल में -16.4 डिग्री सेल्सियस रहा है। बेशक लेह पूरे राज्य में सबसे ठंडा है, लेकिन कश्मीर में गुलमर्ग न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे -9.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ज्यादा ठंडा है। गुलमर्ग भी बीती रात ही मौजूदा सर्दियों की सबसे ठंडी रात थी। पहलगाम में इसी दौरान न्यूनतम तापमान -7.4 डिग्री सेल्सियस, कुपवाड़ा में -3.7, कोकरनाग में -5.2, काजीगुंड में -4.0 और श्रीनगर में -3.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

अधिकतम और न्यूनतम तापमान के सामान्य से कम होने के कारण अधिकांश जलस्त्रोत जमने लगे हैं। डल झील के किनारों और अंदरुनी इलाकों में पानी की ऊपरी सतर पर बर्फ की बिछ रही चादर भी मोटी होने लगी है। कई इलाकों में जलापूर्ति की पाइपें फट गई हैं। 

बर्फीली हवा ने बढ़ाई ठिठुरन
जम्मू, जागरण संवाददाता। ऊंचाई वाले क्षेत्रों और पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते शीतलहर की चपेट में आए जम्मू के मैदानी इलाकों में ठिठुरन ने झकझोर कर रख दिया है। लगातार गिर रहे तापमान ने रातों की नींद हराम होने लगी है। रविवार की छुट्टी होने के चलते अधिकतर लोगों ने घरों में ही दुबके रहना बेहतर समझा। दोपहर को निकली धूप ने हालांकि राहत प्रदान की, लेकिन शाम होते ही कड़ाके की सर्दी ने फिर दस्तक दे दी। रविवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 3.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अधिकतम में भी गिरकर 18.1 डिग्री सेल्सियस पर रहा। 

शिमला से भी ठंडे हुए ऊना व सुंदरनगर
शिमला, जागरण संवाद केंद्र। हाल ही में हुई बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं से पूरा हिमाचल कांप उठा है। आधे हिमाचल का तापमान जमाव बिंदु और उससे नीचे चला गया है, वहीं कई क्षेत्रों का तापमान एक और दो डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। प्रदेश के सबसे गर्म जिले ऊना का न्यूनतम तापमान रविवार को जमाव बिंदु पर बना रहा, जो शिमला के न्यूनतम तापमान से भी कम दर्ज किया गया। ऊना का न्यूनतम तापमान दशमलव पांच डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसी तरह हमीरपुर, सोलन और सुंदरनगर का न्यूनतम तापमान भी रविवार को शून्य डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जबकि मनाली, चंबा, केलंग, कल्पा और भुंतर का तापमान माइनस रहा। राजधानी शिमला का तापमान दो डिग्री रिकार्ड किया गया है।

प्रदेश का न्यूनतम तापमान सामान्य से औसत तीन से चार डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है, सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विभाग की मानें तो सोमवार को मौसम करवट बदलेगा, क्योंकि अफगानिस्तान से आने वाली पश्चिमी हवाएं प्रदेश के मौसम पर असर दिखाएंगी। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान को देखकर प्रदेश में घूमने आए पर्यटकों में बर्फ देखने की हसरत फिर से हिलोरे मारने लगी हैं। पर्यटन स्थलों में स्थित होटलों की आक्यूपेंसी दर शत प्रतिशत चल रही है। होटल व्यवसायी पर्यटकों को लुभाने के लिए अनेक तरह के पैकेज लांच कर रहे हैं।

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Monday, 2 December 2013

BJP defends Modi, challenges Omar for debate on Article 370

farooq abdullah
धारा 370: मोदी के बयान पर सुलगी सियासत
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कश्मीर और कश्मीरियों के विकास में अनुच्छेद 370 की उपयोगिता पर नरेंद्र मोदी के सवाल और बहस की अपील ने राजनीति गर्म कर दी है। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की ओर से छेड़ी गई इस बहस को कांग्रेस के साथ ही नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने जहां सिरे से खारिज कर दिया है, वहीं भाजपा मोदी के पीछे खड़े हो गई है। सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने संविधान के अनुच्छेद 370 पर नरम रुख को नकारते हुए आरोप लगाया कि इसी के सहारे कुछ लोग अभी भी भारत से 'आजादी' जैसी भावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।
नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू की रैली में यह कहकर पार्टी के अंदर और बाहर बहस छेड़ दी थी कि अनुच्छेद 370 पर चर्चा होनी चाहिए कि यह जम्मू-कश्मीर की आम जनता के लिए कितना फायदेमंद रहा। भाजपा अनुच्छेद 370 को किसी भी शर्त पर समझौते का मुद्दा नहीं मानती। ऐसे में मोदी की ओर से बहस की अपील ने कुछ नरमी का शुरुआती संकेत भले ही दिया हो, लेकिन कांग्रेस समेत दूसरे दलों ने इसे खारिज कर दिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने चुटकी लेते हुए पूछा, 'क्या मोदी की अगुआई में भाजपा ने वाजपेयी और आडवाणी की विरासत को रुखसती दे दी है? कश्मीर पर यू टर्न ले लिया है?'
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद के अलावा कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी मोदी पर बरसे। तीनों नेताओं ने इसे भाजपा की विभाजनकारी नीति करार देते हुए कहा कि इस पर कोई पुनर्विचार और बहस नहीं हो सकती है। उमर ने जहां मोदी के ज्ञान पर सवाल खड़ा किया तो सईद ने दावा किया कि केंद्र सरकार चाहकर भी इस अनुच्छेद से छेड़छाड़ नहीं कर सकती। पार्टी ने आगाह किया कि इससे छेड़छाड़ की कोशिश हुई तो उसका व्यापक असर दिखेगा।
उमर की आलोचना के बावजूद मोदी ने सोमवार को भी बहस जारी रखी और उसमें दूसरे नेता भी शामिल हो गए। मोदी ने ट्वीट पर कहा कि उन्हें खुशी है कि अनुच्छेद 370 पर बहस तो शुरू हुई। ट्वीट में उन्होंने यह भी जोड़ा कि अनुच्छेद 370 के साथ-साथ कश्मीरी पंडितों जैसे समाज के दूसरे वर्गो की दशा पर भी तार्किक चर्चा होनी चाहिए। कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर भाजपा लगातार सवाल उठाती रही है।
उमर और सईद पर पलटवार जेटली की ओर से हुआ। उन्होंने कश्मीर के लिए अलग दर्जे के निर्णय पर सवाल खड़ा किया और कहा कि देश से आजादी जैसी भावनाओं को बढ़ाने वाले प्रदेश के नेताओं ने इस सूबे को देश के दूसरे हिस्सों से नहीं जुड़ने दिया। अलग दर्जा देश के साथ जुड़ाव की बजाय अलगाववाद की ओर बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर रेजीडेंट विधेयक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं को संपत्ति के अधिकार से दूर करने की कोशिश हो रही है। कश्मीरियत को महिला अधिकार के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।
पनुन कश्मीर ने किया स्वागत
जम्मू। पनुन कश्मीर की राजनीतिक मामलों की कमेटी ने जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे वाली धारा 370 पर नरेंद्र मोदी के बयान का स्वागत किया है। कमेटी की बैठक प्रो. एमएल रैना की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रधान अश्विनी कुमार चरंगु, वीरेंद्र रैना, जेएल कौल, उपेंद्र कौल, कमल भगती, विजय काजी व अन्य शामिल हुए।
कश्मीर पंडितों के इस संगठन की बैठक को संबोधित करते हुए अश्विनी कुमार चरंगु ने कहा कि ललकार रैली में नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रवादी ताकतों का मनोबल बढ़ाया है।
-''अलग दर्जा भारत में कश्मीर के जुड़ाव की बजाय अलगाववाद को दे रहा है बढ़ावा, भाजपा के रुख से नरम नहीं पड़े हैं मोदी''
- अरुण जेटली, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष
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-''2004 में भाजपा ने नहीं किया था अनुच्छेद 370 का उल्लेख, अब चर्चा के लिए हो गए तैयार.यह भाजपा का यू टर्न''
-मनीष तिवारी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री
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BJP defends Modi, challenges Omar for debate on Article 370

farooq abdullah
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कश्मीर और कश्मीरियों के विकास में अनुच्छेद 370 की उपयोगिता पर नरेंद्र मोदी के सवाल और बहस की अपील ने राजनीति गर्म कर दी है। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की ओर से छेड़ी गई इस बहस को कांग्रेस के साथ ही नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने जहां सिरे से खारिज कर दिया है, वहीं भाजपा मोदी के पीछे खड़े हो गई है। सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने संविधान के अनुच्छेद 370 पर नरम रुख को नकारते हुए आरोप लगाया कि इसी के सहारे कुछ लोग अभी भी भारत से 'आजादी' जैसी भावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।

नरेंद्र मोदी ने रविवार को जम्मू की रैली में यह कहकर पार्टी के अंदर और बाहर बहस छेड़ दी थी कि अनुच्छेद 370 पर चर्चा होनी चाहिए कि यह जम्मू-कश्मीर की आम जनता के लिए कितना फायदेमंद रहा। भाजपा अनुच्छेद 370 को किसी भी शर्त पर समझौते का मुद्दा नहीं मानती। ऐसे में मोदी की ओर से बहस की अपील ने कुछ नरमी का शुरुआती संकेत भले ही दिया हो, लेकिन कांग्रेस समेत दूसरे दलों ने इसे खारिज कर दिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने चुटकी लेते हुए पूछा, 'क्या मोदी की अगुआई में भाजपा ने वाजपेयी और आडवाणी की विरासत को रुखसती दे दी है? कश्मीर पर यू टर्न ले लिया है?'

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद के अलावा कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह भी मोदी पर बरसे। तीनों नेताओं ने इसे भाजपा की विभाजनकारी नीति करार देते हुए कहा कि इस पर कोई पुनर्विचार और बहस नहीं हो सकती है। उमर ने जहां मोदी के ज्ञान पर सवाल खड़ा किया तो सईद ने दावा किया कि केंद्र सरकार चाहकर भी इस अनुच्छेद से छेड़छाड़ नहीं कर सकती। पार्टी ने आगाह किया कि इससे छेड़छाड़ की कोशिश हुई तो उसका व्यापक असर दिखेगा।

उमर की आलोचना के बावजूद मोदी ने सोमवार को भी बहस जारी रखी और उसमें दूसरे नेता भी शामिल हो गए। मोदी ने ट्वीट पर कहा कि उन्हें खुशी है कि अनुच्छेद 370 पर बहस तो शुरू हुई। ट्वीट में उन्होंने यह भी जोड़ा कि अनुच्छेद 370 के साथ-साथ कश्मीरी पंडितों जैसे समाज के दूसरे वर्गो की दशा पर भी तार्किक चर्चा होनी चाहिए। कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर भाजपा लगातार सवाल उठाती रही है।

उमर और सईद पर पलटवार जेटली की ओर से हुआ। उन्होंने कश्मीर के लिए अलग दर्जे के निर्णय पर सवाल खड़ा किया और कहा कि देश से आजादी जैसी भावनाओं को बढ़ाने वाले प्रदेश के नेताओं ने इस सूबे को देश के दूसरे हिस्सों से नहीं जुड़ने दिया। अलग दर्जा देश के साथ जुड़ाव की बजाय अलगाववाद की ओर बढ़ता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर रेजीडेंट विधेयक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं को संपत्ति के अधिकार से दूर करने की कोशिश हो रही है। कश्मीरियत को महिला अधिकार के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है।
पनुन कश्मीर ने किया स्वागत
जम्मू। पनुन कश्मीर की राजनीतिक मामलों की कमेटी ने जम्मू कश्मीर को मिले विशेष दर्जे वाली धारा 370 पर नरेंद्र मोदी के बयान का स्वागत किया है। कमेटी की बैठक प्रो. एमएल रैना की अध्यक्षता में हुई, जिसमें प्रधान अश्विनी कुमार चरंगु, वीरेंद्र रैना, जेएल कौल, उपेंद्र कौल, कमल भगती, विजय काजी व अन्य शामिल हुए।
कश्मीर पंडितों के इस संगठन की बैठक को संबोधित करते हुए अश्विनी कुमार चरंगु ने कहा कि ललकार रैली में नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रवादी ताकतों का मनोबल बढ़ाया है।
-''अलग दर्जा भारत में कश्मीर के जुड़ाव की बजाय अलगाववाद को दे रहा है बढ़ावा, भाजपा के रुख से नरम नहीं पड़े हैं मोदी''
- अरुण जेटली, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष
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-''2004 में भाजपा ने नहीं किया था अनुच्छेद 370 का उल्लेख, अब चर्चा के लिए हो गए तैयार.यह भाजपा का यू टर्न''
-मनीष तिवारी, सूचना एवं प्रसारण मंत्री
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Wednesday, 13 November 2013

Government Denied to Infiltrition in Keran Sector

infiltrition
नई दिल्ली। केरन सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से घुसपैठियों की लंबे समय तक हुई कोशिश के दौरान वहां क्या हुआ, इस पर उठे सवालों के बीच सरकार ने सेना के दावे को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया है। सरकार ने कहा है कि वहां ऐसा कोई सुबूत नहीं है जिससे लगे कि घुसपैठ का कोई प्रयास हुआ।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि हाल में यहां हुई उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक के दौरान यह भी महसूस किया गया कि जिस 'रिसेप्शन एरिया' में सेना को आतंकवादी मिले और जहां से आतंकी भाग गए वहां उनकी घेराबंदी करने के लिए सेना को उन स्थानों की किलेबंदी करनी चाहिए। सरकार का मानना है कि नियंत्रण रेखा से चार-पांच किलोमीटर तक अंदर भारतीय क्षेत्र में सेना उन आतंकवादियों को पकड़ सकती है जो यह दूरी तय कर पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं।

रिसेप्शन एरिया आमतौर पर नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर अंदर होता है जिसे सेना उन आतंकियों के घुसपैठ के प्रयासों को निष्क्रिय करने के लिए बनाती है जो सीमा पर बच निकलने में सफल रहते हैं। सूत्रों ने कहा कि बैठक में जम्मू-कश्मीर और गुलाम कश्मीर के बीच में बंटे शालभटू गांव में पाकिस्तान के विशेष बलों की तरफ से घुसपैठ के प्रयास को सरकार ने संदिग्ध माना क्योंकि किसी अन्य एजेंसी के पास इसके साक्ष्य मौजूद नहीं थे। 

पिछली सदी के आखिरी दशक में शालभटू गांव घुसपैठ के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों में से एक था। सूत्रों ने कहा कि बैठक में सेना के एक प्रतिनिधि ने भी शिरकत की थी और इसमें तकनीक खुफिया जानकारी को भी ध्यान में रखा गया जो सेना के किसी भी दावे से मेल नहीं खाती थी। अगस्त के अंतिम हफ्ते में शुरू हुआ केरन अभियान करीब दो सप्ताह बाद खत्म हुआ था। केरन में घुसपैठ के बारे में सेना का दावा निगरानी के दायरे में आ गया था क्योंकि इसमें दावा किया गया था कि करीब 30 आतंकियों ने घुसपैठ की थी और उन्हें घेर लिया गया था।

 Source- News in Hindi

Wednesday, 6 November 2013

Rahul Gandhi addresses rally in Jammu

Rahul Gandhi

जम्मू [जागरण ब्यूरो]। जम्मू-कश्मीर के पंच-सरपंचों को अधिकार दिलाने का वादा करने जम्मू पहुंचे राहुल गांधी ने कहा कि
गुटबाजी करने वाले नेताओं की सुलह करवाते समय मन करता है कि उन्हें डंडे मारूं। गुटबाजी खत्म करने के लिए जो छत्तीसगढ़ में किया है वह कांग्रेस की एकजुटता के लिए जम्मू-कश्मीर में भी करेंगे। राहुल गांधी पंच-सरपंचों के सम्मेलन में हिस्सा लेने से पूर्व बुधवार दोपहर को यहां कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। राहुल गांधी ने चुनाव में बार-बार हारने के बाद भी टिकट की दावेदारी जताने वाले नेताओं के दिन लद जाने के संकेत भी दिए। उन्होंने कहा कि दो बार चुनाव में नाकाम रहे नेताओं को अब टिकट नहीं दी जाएगी।

वहीं, दूसरी तरफ राहुल को कुछ पंचायत प्रतिनिधियों की खरी-खरी सुननी पड़ी। पंचायत सम्मेलन में एक सरपंच ने इतना हंगामा किया कि राहुल को अपना भाषण बीच में ही छोड़ना पड़ा। सम्मेलन में एक तरफ सरपंच परीक्षित सिंह ने पंचायतों को अधिकार न मिलने पर अपना गुस्सा निकालना शुरू किया तो कई अन्य पंच-सरपंचों ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। इस शोर-शराबे के कारण सम्मेलन में खलल पड़ गया। अंतत: राहुल कार्यक्रम समेटकर निकल गए।

हुआ यूं कि मौलाना आजाद स्टेडियम के पंचायत सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने जब पंचायतों को अधिकार दिलाने के लिए फिर से लड़ाई छेड़ने की बात कही तो ऊधमपुर जिला की रामनगर तहसील की पंचायत बुखतान के सरपंच परीक्षित सिंह व कुछ अन्य पंच भड़क गए। पंचायतों को अधिकार दिलाने के राहुल के वादे से गुस्साए परीक्षित ने कहा कि पिछले तीन साल से पंच-सरपंचों को बेवकूफ बनाया जा रहा है। हमें न्याय चाहिए। हमें आज तक अधिकार नहीं मिल पाए हैं। हमें अधिकार दिए जाने का दिन कब आएगा? परीक्षित के हंगामे के कारण राहुल को अपना भाषण में बीच में रोड़ना पड़ा।

इस बीच, कई सरपंचों व पंचों ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस शोर-शराबे के बीच ही राहुल ने कहा, 'मैं पंचायतों को अधिकार दिलाने के मुद्दे पर सरकार पर दवाब बनाने की बात कह चुका हूं। एक मिनट में कुछ नहीं होने वाला है। हमें दबाव डालना होगा। मैं बार-बार जम्मू-कश्मीर आऊंगा और पंचायतों को अधिकार दिलाकर ही रहूंगा।'

इतना कहकर राहुल मंच से उतर गए लेकिन वहां पर हंगामा होता रहा। इस बीच प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी मंच पर पहुंची और उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत को दस-दस लाख रुपये जारी करने का प्रस्ताव केंद्र के पास है और वित्तीय विभाग में यह फाइल अंतिम चरण में है। अंबिका सोनी ने कहा कि इस समय चुनाव नजदीक है, इसलिए राहुल गांधी ने यह घोषणा नहीं की। इससे पूर्व सम्मेलन में राहुल गांधी ने जम्मू-कश्मीर के पंच-सरपंचों को पूरा हक दिलाने का यकीन दिलाते हुए कहा कि वह भारतीय संविधान के 73 व 74 वें संशोधन को लागू करवाने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे।

करीब 16 मिनट के भाषण में राहुल ने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भोजन अधिकार कानून जम्मू-कश्मीर में लागू होना चाहिए। उनकी इस सिलसिले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बात हुई है। भोजन अधिकार कानून को लागू करने के लिए केंद्र सरकार कमियां पूरी करेगी।
Source- News in Hindi

Monday, 4 November 2013

Modis Influence, but not Wave

Narendra Modi

नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। नरेंद्र मोदी की सेंध अब संप्रग सहयोगियों में भी दिखने लगी है। जदयू नेता शिवानंद तिवारी की प्रशंसा के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मान लिया कि मोदी का असर है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह पाला बदलने वाले नहीं हैं। बहरहाल, उनके बयान ने राजनीतिक दलों और लोगों में चिंतन-मंथन को जरूर तेज कर दिया है। उत्साहित भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने भी यह कहने में देर नहीं की कि मोदी के सुशासन की सुनामी आ गई है।
उमर नेशनल कांफ्रेंस के नेता और मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रशंसक और समर्थक हैं। ऐसे में उनके इस नए बयान ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस जहां मोदी के असर को 'कृत्रिम' करार देती रही है वहीं उमर का मानना है कि मोदी का असर है। लहर तो नहीं है, लेकिन उनको नकारना गलत होगा। उन्होंने अपनी ओर से यह साफ करने में देर नहीं लगाई कि वह खुद को कांग्रेस के ही नजदीक पाते हैं। लेकिन उनकी ओर से यह संकेत देना ही अहम है कि जम्मू-कश्मीर में बैठकर भी वह मोदी का असर देख रहे हैं। कुछ दिन पहले ही जदयू नेता शिवानंद तिवारी पार्टी मंच से ही मोदी का लोहा मान चुके हैं। जबकि खुद कांग्रेस के मंत्री जयराम रमेश ने भी आगाह किया था कि मोदी पार्टी के लिए एक चुनौती हैं। 

उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में व्यक्तिगत रूप से नेताओं में मोदी का असर दिखने लगा है। ऐसे में उमर के बयान का स्वागत करते हुए भाजपा ने कांग्रेस को आगाह किया कि उनकी अंतिम पारी का काउंटडाउन शुरू हो गया है। नकवी ने कहा, 'कांग्रेस के कुशासन के कहर के खिलाफ सुशासन की सुनामी आई हुई है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक इसका असर दिख रहा है। मोदी विश्वास और सुशासन के प्रतीक बन गए हैं। उन्हें कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता है।

मोदी का समर्थन करेगी नेकां: शेख मुस्तफा
जागरण ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा पाला नहीं बदलने के वक्तव्य के उलट उनके चाचा और नेशनल कांफ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव शेख मुस्तफा कमाल ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी को समर्थन देने की बात कही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा यदि केंद्र की सत्ता में आती है तो उनकी पार्टी उसे अपना समर्थन देगी।
कमाल ने कहा कि अगले साल आम चुनाव में मोदी जीत दर्ज कर प्रधानमंत्री बने तो नेशनल कांफ्रेंस उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखेगी। हालांकि हम अपने सिद्धांतों से कोई समझौता नहीं करेंगे।
हमारे वालिद शेख साहब (नेका के संस्थापक शेख मुहम्मद अब्दुला) कहा करते थे कि हमें नई दिल्ली में सत्तासीन होने वाले दल के साथ रहना है। 

Source- News in Hindi

Sunday, 18 August 2013

Pakistan Planning More Attacks at Border


Pak firing on LoC

जागरण न्यूज नेटवर्क, श्रीनगर। भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातार गोलीबारी के चलते माहौल तनावपूर्ण हुआ है। पिछले नौ दिनों से पाकिस्तान संघर्ष विराम संधि की धज्जियां उड़ा रहा है। वहीं, भारतीय सेना का कहना है कि पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम सीमा पर और हमले की योजना बना रही है। इसके चलते दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम संधि खतरे में पड़ गई है। बीएटी पाकिस्तानी सेना और आतंकियों से मिलकर बनी है। 

इसी ने जनवरी में भारतीय सीमा में घुसकर दो जवानों का सर कलम कर दिया था और हाल में पुंछ सेक्टर में पांच जवानों की हत्या की। पाकिस्तान ने रविवार को भी पुंछ में नियंत्रण रेखा पर तोप, रॉकेट व मोर्टार का इस्तेमाल करते हुए भीषण गोलीबारी की। केरन सेक्टर में घुसपैठ का प्रयास कर रहे तीन आतंकियों को जवानों ने मार गिराया।
120, ब्रिगेड के कमांडर ए सेनगुप्ता ने पुंछ सेक्टर स्थित भिंभर गली में पत्रकारों को बताया, सूचना मिली है कि इस इलाके में पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम हमले की योजना बना रही है। वे पुंछ में नियंत्रण रेखा पर हमले को अंजाम देने की कोशिश करेंगे। हालांकि, हम उसका सामना करने को तैयार हैं। सेनगुप्ता के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिक संघर्ष विराम संधि का बिल्कुल सम्मान नहीं कर रहे हैं। वे घुसपैठ करवाने के लिए लगातार हम पर फायरिंग कर रहे हैं। पाकिस्तान ने एक जनवरी से अब तक 75 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इसमें कारगिल क्षेत्र में 14 साल के बाद हुई गोलाबारी भी शामिल है। 

अगस्त माह में पाकिस्तानी गोलीबारी के दौरान छह भारतीय सैनिक मारे जा चुके हैं और दस जवान घायल हुए हैं। कमांडर सेनगुप्ता ने कहा कि जवाबी कार्रवाई में हमने भी भारी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए मुंहतोड़ जवाब दिया है। 

ताजा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने पुंछ में नियंत्रण रेखा पर फिर शनिवार मध्यरात्रि को तीन घंटे और रविवार दोपहर को भारी गोलीबारी की। पाकिस्तानी सेना ने पुंछ के कृष्णा घाटी, बालाकोट व हमीरपुर में शनिवार रात बारह बजे भारतीय चौकियों पर बड़ी तोपों, रॉकेटों व मोर्टार से हमला किया। दोपहर दो बजे फिर पाकिस्तान की ओर से तोपों से हमला किया गया। दूसरी घटना में सेना ने कुपवाड़ा के केरन में घुसपैठ का प्रयास कर रहे तीन आतंकियों को मार गिराया। तीनों के शव नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सैनिकों की सीधी फायरिंग रेंज में पडे़ हैं। अधिकारियों ने घुसपैठियों के मारे जाने की पुष्टि की। केरन सेक्टर में एक सप्ताह में घुसपैठ का यह दूसरा प्रयास है। 14 अगस्त को इसी इलाके में जवानों ने घुसपैठ को नाकाम बनाते हुए चार घुसपैठियों को मार गिराया था। हंदवाड़ा के राजवार जंगल में हुई मुठभेड़ में बच निकले आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान चला रखा है। 

गंभीर गलती कर रहा पाकिस्तान: सेना
लगातार संघर्ष विराम संधि का उल्लंघन और पाकिस्तानी बॉर्डर एक्शन टीम के हमले के बाद पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए सेना की ओर से कहा गया है पाकिस्तान गंभीर गलती कर रहा है। समय आने पर पूरी ताकत के साथ मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। राजौरी में सेना की 25 डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीपी सिंह ने लगातार गोलीबारी और ताजे हमले की योजना पर पाकिस्तान को संबोधित करते हुए कहा, 'तुम गंभीर गलती कर रहे हो। यह मत करो। जो तुम कर रहे हो, उससे न हम प्रभावित होंगे, न ही हम कमजोर होंगे।' जनरल सिंह ने कहा कि हर हरकत का सही समय पर सही जवाब दिया जाएगा। सीमा पर अभी तोप खाना तैनात करने की स्थिति नहीं है। सीमा पर स्थिति गंभीर है, लेकिन सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। 

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-pakistan-planning-more-attacks-at-border-10653416.html

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Monday, 12 August 2013

Pak Again Violates Ceasefire, Nighlong Firing in LOC

Indo pak relation

जम्मू,(राजौरी)। पाकिस्तानी सेना बार-बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर सीमा पर तनाव बढ़ाने से बाज नहीं आ रही है। पुंछ क्षेत्र में पांच भारतीय जवान की मौत पर मचे बवाल के बाद भी पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। पुंछ जिले में शनिवार को सात हजार गोलियां दागने के बाद रविवार को फिर पाकिस्तान ने पुंछ की मेंढर तहसील के बालाकोट व मंकोट सेक्टर की एक दर्जन चौकियों पर जमकर गोलीबारी कर रॉकेट दागे।

इसके अलावा पाकिस्तान ने जम्मू के कानाचक सेक्टर में भी घंटों फायरिंग की, जिससे बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया। भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान शांत हुआ। वहीं, रात 11 बजे पाक ने फिर पुंछ के देगवार क्षेत्र में गोलाबारी की।

जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने सुबह करीब साढ़े सात बजे अखनूर तहसील के कानाचक सेक्टर की अल्फा मचैल पोस्ट पर फायरिंग शुरू कर दी। इसमें बीएसएफ की 122 बटालियन का कांस्टेबल पवन कुमार पुत्र मुल्ख राज निवासी अरनिया घायल हो गया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक हुई गोलीबारी का भारत ने भी जवाब दिया। इस बीच,घायल जवान पवन कुमार को इलाज के लिए पहले जम्मू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बाद में उसकी गंभीर हालत को देखते हुए एम्स दिल्ली रेफर कर दिया गया।

कुछ दिनों पहले सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में पाक गोलीबारी में घायल जवान रामविलास मीना ने एम्स दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उधर, मेंढर के बालाकोट व मंकोट सेक्टर की एक दर्जन चौकियों पर पाक सेना ने सुबह 11 बजे से लेकर दो बजे तक जमकर गोलीबारी की। इस गोलीबारी की आड़ में पाक सेना ने घुसपैठ कराने का प्रयास किया, जिसे भारत ने नाकाम बना दिया।

Original Found Here.. http://www.jagran.com/news/national-pak-again-violates-ceasefire-nighlong-firing-in-loc-10640726.html

Sunday, 11 August 2013

Arson and Violence in Jammu and Rajouri Districts, Curfew Imposed


jammu kashmir violence


जम्मू [जागरण न्यूज नेटवर्क ]। किश्तवाड़ में हुई हिंसा के बाद सरकार ने जम्मू संभाग के चार और जिलों में एहतियातन क‌र्फ्यू लगा दिया। राज्य सरकार ने प्रदेश में सभी स्थानीय चैनलों का प्रसारण तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। मोबाइल पर इंटरनेट सेवा ठप हो गई है। लेकिन राष्ट्रीय चैनलों पर खबरों का प्रसारण जारी है।

इस प्रकार से सांप्रदायिक हिंसा के चलते किश्तवाड़ के साथ जम्मू, राजौरी, ऊधमपुर, सांबा, कठुआ, रियासी और डोडा भी क‌र्फ्यू की चपेट में आ गए हैं। हिंसाग्रस्त किश्तवाड़ का दौरा करने के लिए हवाई जहाज से जम्मू पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण जेटली को एयरपोर्ट पर ही रोक लिया गया और उन्हें दिल्ली जाने वाले विमान में बैठाकर वापस भेज दिया गया। जबकि भाजपा सांसद अविनाश राय खन्ना को ढाई सौ लोगों के साथ जम्मू में प्रवेश करते ही हिरासत में लेकर वापस पंजाब लौटा दिया गया।

Original Found Here... http://www.jagran.com/news/national-arson-and-violence-in-jammu-and-rajouri-districts-curfew-imposed-10640698.html

Tuesday, 6 August 2013

Pak Attack: Martyrs family Asks for Justice

नई दिल्लीपाकिस्तानी सेना की ओर से भारतीय सीमा पर किए गए हमले में मारे गए शहीदों के शव बुधवार को उनके घर भेजे जाएंगे। इधर, शहीदों के परिजनों ने पाक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जवानों की अंतिम यात्रा मंगलवार शाम पुंछ से शुरू हुई। सेना के अधिकारियों ने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया उसके बाद उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। खबर है कि आज सेना प्रमुख बिक्रम सिंह पुंछ का दौरा करेंगे। सुबह 10 बजे वह वहां पहुंच जाएंगे।

इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने हमले में शहीद हुए बिहार के जवानों के परिवार को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। 
Source.. http://www.jagran.com/news/national-pak-attack-martyrs-family-asks-for-justice-10628366.html