Tuesday, 2 September 2014

IS video claims beheading of another American journalist

इराक में खौफ का पर्याय बन चुके आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने अपनी कैद में मौजूद दूसरे अमेरिकी पत्रकार स्टीवन जोएल सोटलॉफ (31) की भी हत्या कर दी है। उनकी हत्या का वीडियो इंटरनेट पर डाल दिया गया है। वीडियो में ब्रिटिश बंधक को मार देने की धमकी दी गई है। अमेरिका वीडियो की सत्यता का पता लगा रहा है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता ने कहा, खुफिया अधिकारी इसकी सत्यता का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

आतंकियों ने इससे पहले अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोले का सिर कलम कर दिया था। उस वीडियो में सोटलॉफ को भी दिखाया गया था। आतंकियों ने धमकी दी थी कि यदि इराक में उनके ठिकानों पर अमेरिका ने हमले बंद नहीं किए तो सोटलॉफ को भी मौत के घाट उतार दिया जाएगा। सोटलॉफ टाइम और फॉरेन पॉलिसी मैगजीन के लिए फ्रीलांसिंग करते थे। उनका अपहरण अगस्त, 2013 में कर लिया गया था।

इंटरनेट पर आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले साइट इंटेलीजेंस समूह ने बताया कि आतंकियों ने मंगलवार को 2.46 सेकेंड का नया वीडियो जारी किया, जिसका नाम 'अ सेकेंड मैसेज टू अमेरिका' रखा गया है। इस वीडियो में सोटलॉफ को उसी नारंगी रंग के सूट में दिखाया गया। सोटलॉफ से कहलवाया गया, 'मैं ओबामा प्रशासन द्वारा इराक में किए जा रहे हमलों की कीमत चुका रहा हूं।' फोले की हत्या करने वाला ब्रिटिश नकाबपोश इस वीडियो में कहता है, 'मैं वापस आ गया हूं ओबामा। मुझे आइएस के खिलाफ तुम्हारी घमंडी विदेश नीति के चलते वापस आना पड़ा।' इसके बाद आतंकियों ने उनका सिर कलम कर दिया। वीडियो में कहा गया है कि ब्रिटेन का डेविड केथॉर्न हाइंस भी आइएस के कब्जे में है और उसे भी जल्द ही मार दिया जाएगा।

सोटलॉफ की मां ने कुछ दिनों पहले आइएस सरगना अबू बकर अल बगदादी को दिए भावपूर्ण संदेश में अपने बेटे को छोड़ने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा अमेरिकी सरकार की नीतियां नहीं तय करता। इसलिए उसे बख्श दिया जाना चाहिए। 

Pakistan Origin Scot Emerges As Poster Girl of Terror in UK

स्कॉटलैंड निवासी 20 साल की पाकिस्तान मूल की एक लड़की ब्रिटेन में आतंकवाद की पोस्टर गर्ल बनकर उभरी है। वह स्कॉटलैंड में रहने वाले एक पाकिस्तानी बिजनेसमैन की बेटी है।

ग्लासगो में जन्मी अक्सा महमूद नवंबर 2013 से ही अपने घरवालों को छोड़ चुकी है। सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) लड़ाकों के साथ शामिल होने के लिए बीते साल यूनिवर्सिटी कोर्स बीच में ही छोड़ दिया। खबरों के अनुसार, इस लड़की ने इस्लामिक स्टेट के (आईएसआईएस) ही एक सदस्य से शादी कर ली है।
'इवनिंग स्टैंडर्ड' की खबर के अनुसार, सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर वह नियमित रूप से पोस्ट करती है और लोगों से पश्चिमी देशों में ज्यादती करने का आह्वान करती है। स्कॉटलैंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को अक्सा महमूद के बारे में पता है लेकिन उसके परिजनों व दोस्तों को उसके सीरिया जाने व इस तरह की आतंकी वारदातों में संलिप्तता पर हैरानी है।

स्कॉटलैंड पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक इस लड़की के घरवालों ने नवंबर 2013 में इसके लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई थी। इस लड़की के ठिकाने का पता लगाया जा रहा है। महमूद उन 500 ब्रिटिश नागरिकों में है जो माना जा रहा है कि आईएसआईएस में शामिल होने के लिए सीरिया गए हैं।

Militant killed in Kashmir encounter

दक्षिण कश्मीर के हाजन बाला (पुलवामा) में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया। सुरक्षा बलों और बाकी बचे एक आतंकी के बीच अभी भी मुठभेड़ जारी है।

सुरक्षा बलों ने कल शाम से ही जैश-ए-मुहम्मद के जिला कमांडर फारूक अहमद समेत तीन आतंकियों को मुठभेड़ में उलझा रखा था। घेराबंदी में फंसे आतंकियों में 12 दिन पहले ही जैश में शामिल होने वाला शौकत अहमद भी है। देर रात तक दोनों तरफ से रुक-रुककर कर गोलीबारी जारी रही। इसमें दो आतंकी मारे गए। सुरक्षाबलों और बाकी बचे एक आतंकी के बीच मुठभेड़ अभी भी जारी है। उधर, उत्तरी कश्मीर के कलारूस में लगातार नौवें दिन भी आतंकियों के खिलाफ सेना अभियान जारी रहा।

जानकारी के अनुसार, शाम करीब छह बजे सेना की 44 आरआर, राज्य पुलिस के एसओजी दस्ते और सीआरपीएफ की 182वीं व 183वीं वाहिनी के जवानों के संयुक्त कार्यदल ने हाजन बाला गांव की घेराबंदी कर ली। सुरक्षाबलों को पता चला था कि जैश के तीन आतंकी फारूक अहमद, अल्ताफ अहमद और शौकत अहमद अपने किसी संपर्क सूत्र के पास आकर छिपे हैं। जवानों ने गांव की तलाशी शुरू की तो वली मुहम्मद नेंगरू के मकान में छिपे आतंकियों ने फायर कर दिया। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान सुरक्षाबलों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी भी दी, लेकिन आतंकियों ने इन्कार कर दिया। सुरक्षाबलों ने आतंकियों का ठिकाना बने मकान के साथ सटे घरों से ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए। इस बीच, सुरक्षाबल 19 अगस्त को जैश में शामिल हुए शौकत अहमद के पिता को भी मुठभेड़ स्थल पर लाए। शौकत के पिता ने अपने बेटे व उसके साथियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। देर रात तक दोनों तरफ से गोलीबारी जारी रही। जिसमें दो आतंकी मारे गए।

इस बीच, लगातार नौवें दिन भी लोलाब और कलारूस में सेना ने तलाशी अभियान को जारी रखा। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बारिश और धुंध के चलते कलारूस में जारी अभियान में कुछ मुश्किल पेश आ रही है, लेकिन वहां छिपे आतंकियों को मार गिराने तक अभियान जारी रहेगा।

सूत्रों के अनुसार कश्मीर में इस साल अब तक 60 आतंकी घुस चुके हैं, जिनमें से 15 मारे जा चुके हैं।

Fire in chatargee international building in kolkata

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आज सुबह एक हादसा हो गया। शहर के दिल कहे जाने वाले पार्क स्ट्रीट में मौजूद एक कॉमर्शियल बिल्डिंग में आग लग गई। आग लगने से वहां अफरा-तफरी मच गई। फिलहाल कई घंटों की मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने बिल्डिंग में फंसे कई लोगों को बाहर निकाल लिया है और आग पर काफी हद तक काबू पा लिया है।

पुलिस ने बताया कि आग जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित चटर्जी इंटरनेशनल बिल्डिंग की 12वीं और 15वीं मंजिल पर लगी थी। वाणिज्यिक बिल्डिंग होने की वजह से इस इमारत की सभी मंजिलों पर कई सरकारी, निजी व कॉर्पोरेट दफ्तर हैं। अधिकारी ने बताया कि आग लगने की वजह से कई लोग इमारत में ही फंस गए थे। वे लोग कहीं से नहीं निकल पाने की वजह से इमारत की सबसे ऊंची मंजिल पर पहुंच कर कपड़े दिखा मदद की गुहार लगा रहे थे। इन सभी को दमकलकर्मियों ने हाइड्रोलिक सीढि़यों की मदद से बाहर निकाल लिया है।

पश्चिम बंगाल के फायर मंत्रालय के एक अधिकारी जावेद अहमद खान ने बताया कि चार लोगों को इमारत के भीतर से बाहर निकाल लिया गया है और अब वहां किसी के भी फंसे होने की संभावना नहीं है।

आग किन कारणों से लगी अभी तक इसका पता नहीं चल पाया है। फिलहाल दमकलकर्मियों ने आग पर बहुत हद तक काबू पा लिया है। आस पास के इलाकों को सील कर आग पर पूरी तरह से काबू पाने की कोशिशें जारी हैं। इस हादसे में किसी के भी हताहत होने की खबर नहीं है। 

New Sultan of terror in West UP

दुनिया भर के लिए चुनौती बनते जा रहे इराक व सीरिया में फैले आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) की विषबेल भारत खासकर वेस्ट यूपी में फैलती जा रही है। इंडियन मुजाहिदीन के लिए रंगरूट उपलब्ध कराने वाला भटकल (कर्नाटक) निवासी 39 वर्षीय सुल्तान अब्दुल कादिर अरमार इस संगठन के लिए भारतीय नवयुवकों में जेहाद का जहर घोल रहा है। सुल्तान के बारे में खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि वह देवबंद के एक इस्लामिक संस्थान से पढ़ा है। हालांकि संस्थान ने इस बात से इन्कार किया है।

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने कर्नाटक व उप्र गृह विभाग को बकायदा इस बाबत अलर्ट जारी किया है। सूत्रों के अनुसार, आइएस के लिए अंसार उल तौहीद नामक वेबसाइट पर भारतीय अल्पसंख्यकों से वैश्रि्वक जेहाद में शामिल होने की अपील करता एक वीडियो अपलोड हुआ है, इसमें एक नकाबपोश, जिसकी पहचान इंडियन मुजाहिदीन के लिए रंगरूट उपलब्ध कराने वाले कर्नाटक के सुल्तान अब्दुल कादिर अरमार के रूप में हुई है। खुफिया विभाग का दावा है कि सुल्तान देवबंद के एक इस्लामिक शिक्षण संस्थान से पढ़ा है। वह वेस्ट यूपी से वह भली-भांति परिचित है। गुप्तचर विभाग ने संकेत दिए हैं कि बड़ी संख्या में सुल्तान नवयुवकों को इराक में लड़ाई के लिए वेस्ट यूपी के युवकों को उकसा रहा है।

महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल और कश्मीर के बाद पिछले 15 दिन से सुल्तान ने वेस्ट यूपी के कई नवयुवकों से संपर्क किया है। गुप्तचर विभाग के अनुसार, हाल ही में कट्टरवादी इस्लाम को दर्शाते कई वीडियो सामने आए। इनमें अमेरिकी पत्रकार जेम्स फोले का सिर कलम करने का वीडियो भी शामिल है। गुप्तचर विभाग ने इस पत्र में 20 जुलाई 2014 को दिल्ली के सराय काले खां बस अड्डे से दिल्ली पुलिस के विशेष सेल द्वारा गिरफ्तार किए गए लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल सुभान का भी जिक्र किया है, जिसमें कहा गया कि मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान सुभान देवबंद आया था। गुप्तचर विभाग को अभी तक सुल्तान व सुभान में आपस में संबंध की पुष्टि नहीं हुई है, पर दिल्ली पुलिस की विशेष सेल से इस बाबत सुभान से पूछताछ करने के लिए कहा गया है। डेढ़ माह पहले कमिश्नर तनवीर जफर अली की बैठक में सहारनपुर मंडल में ऐसे 102 लोग चिन्हित किए गए थे, जिन पर आइएसआइ एजेंटों को शरण देने का शक था। उनके मोबाइल सर्विलांस पर रखकर नजर रखी जा रही है।

Review plea of death convict be heard in open court: SC

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला देता हुए कहा है कि अब से पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई खुली अदालत में की जाएगी। इस तरह की याचिका पर सुनवाई के लिए तीन जजों की बैंच अंतिम निर्णय सुनाएगी। इससे पहले पुनर्विचार याचिका को जज अपने चैंबर में ही सुनते थे और निर्णय लेते थे।

कोर्ट ने एक फांसी की सजा पाए दोषी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह व्यवस्था दी है। कोर्ट ने कहा है कि फांसी की सजा पाया दोषी पुनर्विचार याचिका के खारिज होने के एक माह के भीतर मामले को री-ओपन करने के लिए याचिका दायर कर सकता है। लेकिन यह व्यवस्था सिर्फ फांसी की सजा पाए उन दोषियों पर लागू होगी जिन्होंने अभी तक क्यूरेटिव पेटिशन [उपचारात्मक याचिका] फाइल नहीं की है और जिनकी पुनर्विचार याचिका पिछले एक माह के अंदर खारिज हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता में बनी पांच न्यायाधीशों की एक बैंच ने यह अहम फैसला सुनाया है। लालकिला पर हमले के दोषी मोहम्मद आरिफ और 1993 के मुंबई हमले याकूब अब्दुल रज्जाक समेत कुल छह दोषियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है। 

Sheetal who born in red light area, will go to america

मुंबई के रेडलाइट एरिया कमाठीपुरा की एक सेक्स वर्कर की बेटी शीतल जैन ने ना सिर्फ सपना देखा, बल्कि अब वह उस ओर कदम भी बढ़ा चुकी है। आगामी 16 सितंबर को शीतल संगीत सीखने के अपने सपने के साथ अमेरिका के लिए उड़ान भरेगी।

सेक्स वर्करों के बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाले एनजीओ क्रांति की देखरेख में पल रही शीतल ने कहा कि उसका सपना था कि वह खूब पढ़े, खेले और आम बच्चों की तरह जिंदगी जिए। लेकिन एक रेडलाइट एरिया में पलने बढ़ने के चलते उसे कभी अपने सपने पूरे होने की उम्मीद नहीं थी। शीतल ने कहा, 'मुझे कहा जाता था कि एक सेक्स वर्कर की बेटी सेक्स वर्कर ही बन सकती है।' 19 वर्षीय शीतल दो साल पहले क्रांति से जुड़ी। क्रांति के सह संस्थापक रोबिन चौरासी ने कहा कि इन दो सालों में शीतल एक शर्मीली और उत्साहहीन लड़की से साहसी और आत्मविश्वास से परिपूर्ण युवती बन गई है। वह अब 10वीं कक्षा की छात्र है। उसने बच्चों के यौन शोषण से लेकर सेक्स वर्कर के अधिकारों तक विभिन्न मुद्दों पर हजारों लोगों के सामने अपने विचार रखे हैं। शीतल ढोल बजाना सीखना चाहती है। उसका कहना है कि संगीत में बहुत ताकत है। वह इसके जरिए अपने जैसी लड़कियों की आवाज को बुलंद करेगी। इस सपने को पूरा करने के लिए वह अमेरिका जा रही है।

एनजीओ से जुड़े लोग फेसबुक तथा अन्य माध्यमों से शीतल के इस सपने को पूरा करने के लिए फंड जुटा रहे हैं। यूएस ड्रम स्कूल की फीस, रहने और खाने समेत एक साल का कुल खर्च करीब 20,000 अमेरिकी डॉलर आएगा। क्रांति एनजीओ से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता हरीश अय्यर ने फेसबुक पर 'शीतल फॉर ए डे' अभियान भी चलाया है।