आगरा। प्रेम और सद्भावना की बातें। संकीर्ण मनोवृत्ति को त्याग मानवता के कल्याण की प्रेरणा। इन्हीं विषयों पर आधारित था निरंकारी संत बाबा हरदेव सिंह का प्रवचन, जिन्हें सुनने और ग्रहण करने के लिए रविवार को हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
कोठी मीना बाजार में हुए निरंकारी संत समागम की शुरुआत तो सुबह 11 बजे ही हो गई थी। तभी से जन सैलाब उमड़ने लगा था। सभी के मन बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास था। वहां गूंज रहा था- 'इंसान का इंसान से हो भाईचारा, यही पैगाम हमारा'। दोपहर तीन बजे प्रवचन देते हुए बाबा ने कहा कि देश को संकीर्ण मनोवृत्ति से काफी नुकसान हो रहा है। यहां भाईचारे और प्रेम की जरूरत है। जिसे सभी को अपनाना चाहिए। क्योंकि यह धरती ऐसे महापुरुषों की है, जिन्होंने अपना सर्वस्व त्याग कर समाज को ताकत दी है। बाबा के दर्शन के लिए मेयर इंद्रजीत आर्य, पूर्व सांसद प्रभुदयाल कठेरिया, विधायक योगेंद्र उपाध्याय आदि भी पहुंचे थे।
पांच हजार स्वयंसेवक-आयोजन की व्यवस्था को खाकी यूनिफॉर्म और सफेद टोपी पहने स्वयंसेवक तैनात थे। वे पूरे क्षेत्र में यातायात संचालन रहे थे। इसके अलावा अन्य स्थलों पर भी उनकी तैनाती थी। जिनकी संख्या पांच हजार से अधिक थी। ये आगरा के अलावा मैनपुरी, ग्वालियर से भी आए थे, जिनका नेतृत्व पुष्पेंद्र ओबराय, महेश चौहान और अजय कर रहे थे। अन्य व्यवस्थाएं सचिन ओबराय, रवि मल्होत्र आदि ने संभालीं।
लोगों ने कहा कि व्यक्ति हिमालय, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों में प्रभु की तलाश करता है। बाबा हरदेव सिंह उस परमेश्वर से रूबरू कराते हैं। बाबा सबके कष्टों को दूर कर सभी के मन को सुख, शांति देते हैं। जिसकी सभी को तलाश रहती है। बाबा हमें उस शक्ति का अहसास कराते हैं, जो हमें अल्लाह के याद करने पर होती है। इसलिए वे हमारी ताकत बने हुए हैं।
Source: Spiritual News in Hindi
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