नई दिल्ली [जेएनएन]। देश का उत्तरी हिस्सा रविवार एक बार फिर कोहरे की घनी चादर में लिपट गया। तेज बर्फीली हवाओं के प्रकोप के बीच ज्यादातर शहरों में तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। कई इलाकों में हुई बारिश ने ठिठुरन बढ़ा दी। दिल्ली-एनसीआर में वर्ष 2010 के बाद सबसे भयानक कोहरा पड़ा। शून्य दृश्यता की वजह से पालम एयरपोर्ट रात आठ बजे ही बंद कर देना पड़ा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड से जनजीवन ठप सा पड़ गया। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली समेत अन्य मैदानी राज्यों में कोहरे का कहर सोमवार को भी जारी रह सकता है।
इससे पहले दिन में करीब 206 उड़ानों में विलंब हुआ और छह रद करनी पड़ी। यात्री घंटों एयरपोर्ट पर परेशान रहे। सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा। महानंदा एक्सप्रेस तो 36 घंटे की देरी से चल रही थी। पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कुहासे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते रहे। उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर रविवार की रह-रहकर हुई बारिश ने लोगों को बिस्तर न छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।
पहाड़ों पर भारी बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्यों में मौसम अचानक से बदल गया। उत्तराखंड में चारधाम समेत गढ़वाल मंडल की ऊंची पहाड़ियों पर जमकर हिमपात हुआ। पौड़ी समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। हेमकुंड साहिब, गौरसों बुग्याल, उत्तरकाशी, धनोल्टी और नई टिहरी समेत विभिन्न स्थानों पर शाम तक रुक-रुककर बर्फबारी चलती रही। हिमाचल प्रदेश की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर हिमपात का दौर जारी है।
कोकसर में एक तो रोहतांग में चार फुट बर्फ गिरी। केलंग में 11, कल्पा में 2 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के कारण रोहतांग दर्रा अगले चार महीनों तक शेष दुनिया से कट गया। जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग, टंगडार, केरन, करनाह, जोजिला, पवित्र गुफा, शेषनाग, पहलगाम और जवाहर सुरंग पर भीषण हिमपात हुआ। श्रीनगर में करीब दो इंच बर्फबारी रिकॉर्ड की गई।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के दोबारा वाहनों के आगमन के लिए बंद होने के साथ एक बार फिर कश्मीर का शेष देश से जमीनी संपर्क कट गया। कारगिल सबसे ठंडा रहा। यहां पारा शून्य से 16 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया।
ठंड, कोहरे ने ली 21 की जान
कोहरे के कारण कहीं-कहीं दृश्यता 10 मीटर तक सिमट गई। इस वजह से हरियाणा में कई सड़क हादसे हुए, जिनमें सात लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड ने छह की जान ले ली। वहीं कश्मीर में शीतलहर के चलते एक बुजुर्ग और सात बच्चे काल के गाल में समा गए।
Source : Hindi News
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