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Saturday, 6 September 2014

Dutchman Ed Houben has fathered 98 children

आपने 'विक्की डोनर' के बारे में तो जरूर सुना होगा। इस फिल्म में एक इंसान अपना स्पर्म डोनेट कर कई बच्चों का पिता बन जाता है। लेकिन रील लाइफ की ये स्टोरी रीयल लाइफ में सुनने को मिलने लगे हैं। जी हां, शायद आपको ये जानकर हैरानी होगी कि यह शख्स ऐसा भी है जो इस मामले में 'विक्की डोनर' का भी बाप है। स्पर्म डोनेट कर ये इंसान ने अब तक 90 से ज्यादा बच्चों का पिता बन चुका है और इसका ये काम अभी भी जारी है।

डेली मेल के मुताबिक ये कारनामा करने वाले इंसान हैं एड हुबन। 34 वर्षीय नीदरलैंड्स के रहने वाले एड बच्चा पैदा करने के मामले में 'विक्की डोनर' को भी मात दे रहे हैं। इन्हें स्पर्म डोनेट करने का अजीबोगरीब शौक है जो अभी भी जारी है। एड का कहना है कि शुरूआती दिनों में वो अपने स्पर्म डोनेट कर 25 बच्चों के पिता बने। इसके बाद उन्होंने नीदरलैंड्स के सरकारी अस्पताल में ही कई बार स्पर्म डोनेट किए। इसके बाद ये सिलसिला यूं ही चलता रहा। हुबन का कहना है कि स्पर्म डोनेट कर कई बच्चों का पिता बनने की भावना खासी पसंद है। हालांकि वो किन माताओं को अपने स्पर्म डोनेट कर रहें हैं, इसका रिकॉर्ड भी रखते हैं। उनके पास बाकायदा एक पूरा डाटाबेस बना हुआ है जिसमें उन बच्चों की फोटो समेत पूरी जानकारी है जो उनके डोनेट किए हुए स्पर्म से पैदा हुए हैं।

स्पर्म डोनेट कर एड अब तक 98 बच्चों के पिता बन चुके हैं। इसके अलावा वे इन बच्चों के बारे में पूरी जानकारी भी रखते हैं कि वो क्या कर रहें हैं और अपने माता-पिता के साथ कहां हैं। वो इन बच्चों से मिलने भी जाते हैं। उनके 98वें बच्चे का नाम मेदिता है जो एक 28 वर्षीय महिला नर्स की बेटी है। स्पर्म डोनेट करने वाले ज्यादातर लोग इन सब बातों को गुप्त रखते हैं। लेकिन ऐड को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि उन्हें स्पर्म डोनेट करते हुए 12 साल बीत चुके हैं और ये काम आगे भी जारी रखेंगे।

फोटो साभार : बारक्रॉफ्ट मीडिया 

Columbia student carrying mattress with her everywhere she goes

जब इरादे बुलंद हो तो इंसान कुछ भी कर गुजरता है। लंदन में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां एक छात्रा ने इंसाफ पाने का एक अनोखा तरीका ढूंढ़ निकाला है।

डेलीमेल के अनुसार बुलंद हौंसलों वाली एमा सुखोविज नाम की यह लड़की कोलंबिया यूनीवर्सिटी की छात्रा है। यह जहां भी जाती है इसका बिस्तर उसके साथ होता है। हर वक्त विस्तर अपने साथ रखने का एमा का फैसला किसी गलत इरादे से नहीं है, बल्कि इंसाफ पाने के लिए है। एमा का कहना है कि दो साल पहले उसी कॉलेज के एक शख्स ने उसके साथ रेप किया था। हादसे के बाद पुलिस और कॉलेज प्रशासन से शिकायत के बाद भी मदद नहीं मिलने पर एमा ने विरोध का ये नया तरीका ढूंढ़ निकाला है। एमा सुखोविज का कहना है कि हादसे के दो साल गुजरने के बाद भी उस रेपिस्ट के खिलाफ मामला तक दर्ज नहीं किया गया। इतना ही नहीं बल्कि वो शख्स आज तक उस कॉलेज में खुला घूम रहा है।

रेपिस्ट को सजा दिलाने के लिए एमा ने ये अनोखा तरीका तलाश किया है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी की सीनियर छात्रा एमा ने अपनी थीसिस के लिए जो टॉपिक चुना है उसका नाम है मेट्रेस परफॉर्मेस या कैरी दैट वेट। अपने इस प्रोजेक्ट के तहत एमा जहां कहीं भी जाती है वहां अपने बिस्तर को भी साथ ले जाती हैं। उसके अनुसार यह बिस्तर एमा के साथ किए गए रेप का सूचक है।

हालांकि बिस्तर का बोझ उठाने पर एमा को परेशानी भी होती है, लेकिन कोई चाहकर भी उसकी मदद नहीं कर सकता। उसके प्रोजेक्ट का रूल है कि वह किसी से भी मदद नहीं मांग सकती। एमा कहती हैं कि विरोध के इस तरीके के साथ वे इंसाफ की मांग तब तक जारी रखेंगी जब तक कि उनके आरोपी को सजा नहीं मिल जाती। उनका कहना है कि वे इस विरोध के जरिए अपनी आपबीती को पूरी दुनिया के सामने रखना चाहती हैं।

Untethered, autonomous soft robot developed

शोधकर्ताओं ने आकार बदलने वाला, चार पैरों पर चलने वाला ऐसा रोबोट विकसित किया है, जो बिना किसी बाधा के बर्फीले तूफान और कीचड़ भरे पानी में चल सकेगा। यही नहीं, यह एक सीमा तक आग झेलने में भी सक्षम होगा।

इस रोबोट को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रसायन और रासायनिक जीव विज्ञान, कार्नेल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैकेनिकल एंड ऐरोस्पेस इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले शोधकर्ताओं की टीम ने मिलजुलकर तैयार किया है।

एक शोधकर्ता के मुताबिक हमने कई ऐसे तत्वों से इस रोबोट का यांत्रिक डिजाइन तैयार किया है, जो किसी ठोस संरचना से बंधा नहीं होगा। यह रोबोट आठ किलो तक का वजन उठा सकेगा। इसमें लगे एक हल्के उपकरण के चलते यह कई घंटों तक काम कर सकेगा। इसे किसी यंत्र या जंजीर से बांधने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यह प्रयोगशाला के बाहर के वातावरण में काम करने का भी अभ्यस्त होगा। इस रोबोट के बारे में सॉफ्ट रोबोटिक्स जर्नल में विस्तार से प्रकाशित किया गया है।

22 thousand text messages and call made by ex boyfriend, arrested

 फ्रांस के एक 33 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी पूर्व प्रेमिका को 21,807 बार फोन और मैसेज किया। उसकी इस हरकत के लिए उसे जेल भेज दिया गया। इस अनाम प्रतिवादी को दस महीने की सजा के साथ हजार यूरो का जुर्माना भी लगाया गया।

मामले से जुड़े वकील ने बताया कि उसे मानसिक चिकित्सा के लिए भी भेजा जाएगा। साथ ही उसे संबंधित महिला से किसी भी तरह का संपर्क करने से रोक दिया गया है। वकील ने कहा कि उसकी सजा के छह महीने माफ किए गए हैं। दक्षिणी फ्रांस के रोन क्षेत्र का यह प्रतिवादी पिछले दिनों तनाव के कारण अस्पताल में भी भर्ती रहा था। 2011 में प्रेमिका से संबंध विच्छेद के बाद उसे उबरने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा था। प्रतिवादी ने अपनी प्रेमिका के फ्लैट के अंदरूनी रखरखाव और व्यवस्था में सहयोग किया था। वह चाहता था कि उसकी प्रेमिका उसे धन्यवाद कहे या व्यवस्था में किए गए उसके सहयोग के बदले भुगतान करे। इसके लिए वह महिला के घर और कार्यालय में फोन करता था। औसतन हर दिन उसने अपनी पूर्व प्रेमिका को 73 बार फोन या मैसेज से संपर्क करने की कोशिश की। बाद में एक मध्यस्थ द्वारा कराई गई बैठक में महिला द्वारा धन्यवाद कहे जाने के बाद प्रतिवादी ने उसे फोन और मैसेज से परेशान करना बंद कर दिया। 

India gets urenium from Australia

भारत के आर्थिक विकास दर की रफ्तार बढ़ाने और ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की कवायद में अस्ट्रेलिया से यूरेनियम हासिल करने का रास्ता बन गया है। भारत आए ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट और मेजबान पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में दोनों मुल्कों के बीच नाभिकीय ईंधन कारोबार के करार पर दस्तखत हो गए। साथ ही दोनों देशों ने रक्षा व सैन्य सहयोग के अलावा व्यापार, शिक्षा, ढांचागत विकास समेत कई मोर्चो पर साझेदारी का दायरा बढ़ाने का एलान किया।

भारत में नरेंद्र मोदी सरकार के पहले राजकीय अतिथि के तौर पर आए प्रधानमंत्री एबॉट के दौरे में बीते पांच सालों से नाभिकीय ईंधन आपूर्ति के लिए चल रही समझौते की कवायद पूरी हो गई। विश्व में सबसे बड़े यूरेनियम भंडार वाले मुल्कों में से आस्ट्रेलिया के साथ हुए नाभिकीय ईंधन करार को प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच सहयोग का नया अध्याय बताया। एबॉट ने नाभिकीय क्षेत्र में बेदाग भारतीय रिकार्ड की तारीफ करते हुए कहा कि विश्व बिरादरी में भारत एक आदर्श नागरिक है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए ऑस्ट्रेलिया को एक भरोसेमंद साझेदार के तौर पर देख सकता है। भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए ऑस्ट्रेलिया यूरेनियम, कोयला, एलएनजी गैस के अलावा लोहा, तांबा, जस्ता समेत अन्य धातुएं भी मुहैया कराएगा।

रक्षा और सैन्य सहयोग

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन की नई इबारत लिखते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सैन्य साझेदारी भी बढ़ाने का एलान किया। अगले साल दोनों देशों के बीच पहला द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास होगा। साथ ही दोनों पक्षों ने साइबर सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक कार्रवाई तथा समुद्री डकैती जैसे मुद्दों पर भी आपसी संवाद और सहयोग बढ़ाने का एलान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया को भारतीय लुक ईस्ट नीति का नया खंबा बताया। वहीं प्रधानमंत्री एबॉट ने भारत को विश्व की नई उभरती शक्ति करार दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी साझेदारी बढ़ाने की घोषणा की। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी नवंबर में जी-20 बैठक में शिरकत के बाद ऑस्ट्रेलिया का द्विपक्षीय दौरा भी करेंगे। यह 1986 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी।

गंगा सफाई और जल प्रबंधन

ऑस्ट्रेलिया नदी बेसिन प्रबंधन पर अपने अनुभव भारत के साथ साझा करने पर सहमत हो गया है। वह गंगा के सफाई अभियान में भी तकनीकी सहयोग देगा। दोनों देश जल प्रबंधन संबंधी मुद्दों पर एक संयुक्त कार्यदल भी बनाएंगे। एबॉट के दौरे में दोनों मुल्कों के बीच कुल चार समझौतों पर दस्तखत किए गए। इसमें खेल प्रबंधन व दक्षता विकास संबंधी समझौते भी शामिल हैं।

Angry kejriwal wiil meet president today

दिल्ली सरकार के गठन को लेकर चल रही सियासी उठापठक के बीच शनिवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे। वह यहां पर उपराज्यपाल द्वारा उठाए गए कदम का विरोध करने के मकसद से जा रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग द्वारा सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना संविधान के खिलाफ है। भाजपा दिल्ली में खरीदफरोख्त से सरकार बनाना चाहती है और भाजपा को सरकार बनाने के लिए कहना लोकतंत्र की हत्या होगी। भाजपा के पास तो इतने विधायक भी नहीं हैं और दूसरा यह कि इससे पहले सरकार बनाने के लिए वह साफ तौर पर मना भी कर चुकी है।

सूत्रों की मानें तो भाजपा भी अब दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर तैयार दिखाई दे रही है। माना जा रहा है कि प्रोफेसर जगदीश मुखी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। आप का कहना है कि जबकि भाजपा के पास सरकार बनाने के लिए मौजूदा संख्या नहीं हैं तो ऐसे में विधायकों की खरीद फरोख्त को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दूसरी ओर निर्दलीय उम्मीदवार शौकीन ने बिना शर्त भाजपा को समर्थन देने की बात कही है। कांग्रेस ने भी भाजपा में चल रही सरकार गठन को लेकर गतिविधियों पर चुटकी लेते हुए कहा है कि मैं अमित शाह से सहमत हूं कि मोदी लहर खत्म हो चुकी है, अच्छी बात है कि उन्हें समय पर इसका अहसास हो गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा नेता सत्ता में आना चाहते हैं लेकिन खतरा नहीं उठाना चाहते, इसलिए चुनावों में नहीं जाना चाहते है।

कांग्रेस के ही दूसरे नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि अगर भाजपा को जनता के पास जाने का डर नहीं है तो क्यों एलजी अन्य राज्यों के साथ दिल्ली में भी चुनावों की घोषणा नहीं करते हैं। फिलहाल हाल दिल्ली विधानसभा में भाजपा के 29 विधायक हैं, जबकि आप के पास 27, कांग्रेस 8, तीन निर्दलीय, चार अन्य के पास हैं। 

who will be next CM of delhi? professor jagdish mukhi, smriti irani or meenakshi lekh

भाजपा ने दिल्ली में सरकार बनाने का मन बना लिया है और इसकी तैयारी पूरी हो चुकी है। संभव है कि उपराज्यपाल की ओर से निमंत्रण मिलते ही भाजपा सरकार गठन की घोषणा कर देगी। गृह मंत्रालय ने भी साफ कर दिया है कि वह सरकार बनाने के लिए भाजपा को आमंत्रित करने के उपराज्यपाल की रिपोर्ट से सहमत है। संभव है कि सोमवार तक इसकी घोषणा हो जाए।

इसके साथ ही दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री के लिए कई नाम सामने आ रहे हैं। विधायकों के साथ ही कई अन्य नेताओं की नजर इस पद पर है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान को लेना है। आम सहमति नहीं बनने से भाजपा तीन माह बाद भी विधायक दल के नेता नहीं चुन सकी है। इसलिए सरकार बनाने की स्थिति में उसके सामने मुख्यमंत्री का चुनाव करना बड़ी चुनौती है। इस समय जनकपुरी के विधायक प्रोफेसर जगदीश मुखी, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी तथा नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया जा रहा है।

मुखी सबसे मजबूत दावेदार समझे जा रहे हैं, क्योंकि वरिष्ठ होने के साथ ही मई में इन्होंने बदरपुर के विधायक रामबीर सिंह बिधूड़ी के साथ मिलकर दिल्ली में सरकार बनाने की मुहिम शुरू की थी। पार्टी के कई विधायकों का भी इन्हें समर्थन है। इसके बावजूद इनके नाम पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी है। अब स्मृति ईरानी व मीनाक्षी लेखी का नाम भी इस दौड़ में शामिल होने से मुखी की परेशानी बढ़ सकती है। सभी की निगाहें पार्टी हाईकमान पर टिकी हैं।

दिल्ली में सरकार बनाने के पीछे एक वजह यह भी है कि नौ सितंबर को दिल्ली विधानसभा भंग करने की आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। पार्टी एक तरह से सरकार बनाने का मन भी बना चुकी है और इसके लिए तैयारी भी पूरी कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार पूरी संभावना है कि जल्द ही मुख्यमंत्री का फैसला कर लिया जाएगा। उनके अनुसार सरकार गठन में आंकड़ा कोई बाधा नहीं होगा। दरअसल दूसरे दलों के ऐसे कई विधायक भाजपा के संपर्क में हैं जो यह मानते हैं कि दिल्ली में औपचारिक सरकार न होने की वजह से जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। 

Sena leader held for rape after minor girl delivers baby

नाबालिग से रेप के मामले में शिवसेना के एक स्थानीय नेता को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया। इस हादसे की शिकार पीड़िता 61 वर्षीय शिवसेना नेता द्वारा संचालित स्कूल में पढ़ती है।

इस मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार बासुदेव नांबियार शिवसेना के जिला उप प्रमुख के साथ ही थाणे स्थित काशीमीरा में एक स्कूल का संचालन और मंदिर का देखरेख भी करता है।

इस घटना की जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर अनिल कदम ने बताया कि पीड़िता आरोपी द्वारा संचालित स्कूल में नौवीं क्लास की छात्रा है जिसके साथ मंदिर घुमाने के बहाने कई बार रेप किया गया। साथ ही इसकी किसी को जानकारी न देने की धमकी भी दी गई। 

Lalu Prasad Yadav's Heart Surgery Ends Successfully

राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद यादव दिल का ऑपरेशन होने के बाद उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। आज वह करीब छह मिनट चले एवं साइकिल चलाने का व्यायाम भी किया।

मुंबई के एशियन हाटर््स इंस्टीटयूट कार्डियक रिहैबिलिटेशन सेंटर में पिछले सप्ताह उनके दिल के दो वॉल्व बदले गए थे एवं दिल में मौजूद छेद को भी ठीक किया गया था। करीब एक सप्ताह आइसीसीयू में रहने के बाद बुधवार शाम उन्हें सामान्य कक्ष में स्थानांतरित किया गया। तब से वह सामान्य रूप से सांस ले रहे हैं। आज उन्हें बिस्तर से उठाकर कुर्सी पर बैठाया गया। साथ ही कुछ मिनट चलाकर साइकिल चलाने का व्यायाम भी करवाया गया। उनका इलाज कर रहे डॉ. नीलेश गौतम के अनुसार उनकी नब्ज ठीक चल रही हैं और उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।

एशियन हार्ट इंस्टीटयूट के एमडी डॉ. रमाकांत पांडा के अनुसार सामान्यत: इस प्रकार के ऑपरेशन के बाद मरीजों को 15 दिनों के आराम के बाद ही इस प्रकार के व्यायाम शुरू करवाए जाते हैं। लेकिन लालू यादव की सकारात्मक सोच के कारण उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। इसलिए उनके व्यायाम ऑपरेशन के नौ दिनों बाद ही शुरू करवा दिए गए हैं।

Sukna land scam: Tribunal clean chit to Lt Gen Rath

पूर्व थलसेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह को लगभग दोषी ठहराते हुए सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने लेफ्टिनेंट जनरल पीके रथ का कोर्ट मार्शल रद्द कर दिया। लेफ्टिनेंट जनरल पीके रथ को पश्चिम बंगाल में एक जमीन सौदे में कथित भूमिका की खातिर सजा दी गई थी।

साल 2011 में एक कोर्ट मार्शल ने कथित घोटाले में रथ को दोषी करार दिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के सुकना में सैन्य छावनी से सटे 70 एकड़ के एक जमीन के टुकड़े पर एक शैक्षणिक संस्थान बनाने के लिए एक निजी बिल्डर को अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी किया था।

यह जमीन सौदा साल 2008 के मध्य में तब सामने आया, जब पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह पूर्वी थलसेना कमांडर थे और उन्होंने कथित जमीन घोटाले में कोर्ट ऑफ एन्क्वॉयरी शुरू की थी।

न्यायाधिकरण ने इस मामले में रथ की 'प्रताड़ना और उनके सम्मान को हुए नुकसान' के लिए थलसेना पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद रथ तीन सितारा रैंक वाले ऐसे पहले अधिकारी बन गए थे, जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।

न्यायमूर्ति सुनील हाली की अध्यक्षता वाली न्यायाधिकरण की एक पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। वह 12 फीसदी ब्याज के साथ सभी लाभ की बहाली के हकदार हैं। न्यायाधिकरण ने रथ की याचिका को मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जनरल वीके सिंह ने मामले को अनुचित महत्व दिया था, क्योंकि उन्हें तत्कालीन सैन्य सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अवधेश प्रकाश के खिलाफ गंभीर खुन्नस थी।

वीके सिंह ने प्रकाश को अपने जन्म-तिथि के मुद्दे पर प्रतिबद्धता के लिए जिम्मेदार ठहराया था। जन्म-तिथि विवाद के कारण ही थलसेनाध्यक्ष के पद पर वीके सिंह को सेवा विस्तार नहीं मिल सका था। न्यायाधिकरण ने कहा कि इस मामले के कुछ गवाहों को चूक के लिए दोषी पाया गया है, पर थलसेना ने उन्हें मामूली सजाएं दी हैं।

न्यायाधिकरण ने कहा, तथ्य यह है कि उनमें से कुछ को तो थलसेनाध्यक्ष के तौर पर तरक्की दे दी गई। उनकी सजाएं दरकिनार करने के बाद जनरल कोर्ट मार्शल द्वारा उनके बयान दर्ज करने के बाद ऐसा किया गया।

Rajnath singh in kashimr to observe the flood area

बाढ़ के कहर से बिगड़े हालात का जायजा लेने के लिए आज केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। केंद्रीय गृहमंत्री बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वे करेंगे। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में बारिश और बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को राजौरी जिले की थन्नामंडी तहसील में मकान पर मलबा गिरने से 13 लोगों की मौत के साथ पूरे राज्य में 50 लोगों की जान चली गई। पिछले तीन दिन में जम्मू-कश्मीर में मरने वालों का आंकड़ा 120 के पार पहुंच गया है।

घायलों व बह चुके लोगों की अभी पक्की संख्या ही किसी के पास नहीं है। जम्मू और कश्मीर संभाग में 300 से अधिक गांव जलमग्न हो चुके हैं। शहर की सड़कें नदी में तबदील हैं और कई इलाकों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। अनगिनत कच्चे-पक्के मकान, स्कूल, सरकारी इमारतें व अन्य भवन ढह चुके हैं। बिजली-पानी सहित बुनियादी ढांचे को भी काफी नुकसान पहुंचा है। चिनाब, झेलम सहित लगभग सभी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

सेना ने जम्मू में ऑपरेशन 'मेघ राहत' और कश्मीर में 'मिशन सहायता' शुरू किया है। इसके अलावा पुलिस के साथ दिल्ली व पंजाब से पहुंची नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीमों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। पूरे राच्य में विभिन्न अभियानों के तहत शुक्रवार को दो सौ पर्यटकों सहित 2000 से ज्यादा लोगों को बचाया गया।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार देर रात तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद शुक्रवार को भी दिनभर राहत अभियान का जायजा लिया और बाद रात को फिर डट गए।

वहीं राजौरी की नौशहरा तहसील में गत गुरुवार को बाढ़ में बही बारातियों की बस की तलाश कर 27 लोगों के शव बरामद कर लिए गए। इस हादसे में दूल्हे सहित 60 से अधिक बाराती बह गए थे।

Modi shouldn't be blamed for 2002 riots in Gujarat: Australian PM Abbott

भारत के दौरे पर आए आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने टोनी एबॉर्ट ने नरेद्र मोदी को गुजरात दंगों के विषय में क्लीन चिट दी है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि वह ऐसा मानते हैं कि गुजरात दंगों के लिए मोदी को दोष देना गलत है। उन्होंने कहा कि कई बार लोग ऐसा मानते हैं कि क्योंकि वह उस वक्त गुजरात के मुख्यमंत्री थे लिहाजा दंगों का दोष उन पर ही लगा दिया जाता है।

अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमें नहीं लगता है कि इस तरह के दंगे के लिए राज्य के शीर्ष नेतृत्व पर सवाल उठाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि मोदी को क्लीन चिट देने पर भी लोगों के हजारों सवाल उठ सकते हैं।

इंटरव्यू के दौरान उन्होंने उन दिनों को भी याद किया जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर दो बार आस्ट्रेलिया गए थे। उन्होंने मोदी को अलग तरह का नेता बताया, जो बेहद बिंदास छवि वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में सामने वाले को अपनी बातों से संतुष्ट और प्रभावित करने की अद्भुत कला है।

एबॉट ने मोदी को एक ऊर्जावान व्यक्ति बताया जो भारत के लिए हर लिहाज से अच्छा है। इस इंटरव्यू के दौरान एबॉट परमाणु करार पर भी खुल कर बोले। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि आस्ट्रेलिया भारत की ऊर्जा विकास में एक बड़ा सहयोगी बनें। 

No rule for officer's daughter

उत्तर प्रदेश में घोटाले के लिए बदनाम समाज कल्याण विभाग में साहब' की बेटी के सामने नियम-कानून ताक पर रख दिए गए। सम्भल के जिला समाज कल्याण अधिकारी की बेटी को बीडीएस में दादा की आश्रित दिखाकर छात्रवृत्ति के करीब आठ लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। कमिश्नर ने आइएएस अधिकारी से इस मामले की जांच कराई तो खुलासा हुआ।

सम्भल के जिला समाज कल्याण अधिकारी पजनेस कुमार की बिजनौर में तैनाती के दौरान का मामला हाल ही में खुला है। उनकी बेटी ने 2009 में मुरादाबाद के संस्थान में बीडीएस करने को प्रवेश लिया और शुल्क प्रतिपूर्ति के तहत छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया। संस्थान से नाम आने पर समाज कल्याण विभाग ने भी बिना जांच पड़ताल के ही छात्रवृत्ति स्वीकृत कर दी। छात्रा ने प्रवेश फार्म में पिता का व्यवसाय दर्ज करने के बजाय दादा सेवानिवृत्त उप डाकपाल प्यारे लाल का व्यवसाय दर्ज किया, जिनकी पेंशन से महज 97 हजार रुपये वार्षिक है।

इसकी जानकारी होने पर कमिश्नर शिवशंकर सिंह ने आइएएस अधिकारी व एसडीएम कांठ आंद्रा वामसी से जांच कराई। उन्होंने छात्रा, उसके दादा व संस्थान के पदाधिकारियों से पूछताछ कर 30 जून 2014 को रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी। अब कमिश्नर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

हो गई है फर्जीवाड़ा की पुष्टि

कमिश्नर मुरादाबाद शिवशंकर सिंह ने बताया कि बिजनौर में तैनात रहे जिला समाज कल्याण अधिकारी की बेटी ने तथ्यों को छिपाकर छात्रवृत्ति का लाभ लिया है। इसमें तत्कालीन अधिकारी को भी निर्दोष नहीं माना जा सकता है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जा रहा है। एसडीएम आंद्रा वामसी की रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई है।

बेटी दादा के पास रहती है

जिला समाज कल्याण अधिकारी तथा मामले के आरोपी पजनेस कुमार ने कहा क िमेरी बेटी अपने दादा के पास रहती है, इसलिए वह अभिभावक हैं। वह सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उनका व्यवसाय फार्म में भरा गया है।

ऐसे लिया लाभ

वर्ष 2009-10 में 1,60,000 रुपये की छात्रवृत्ति।

वर्ष 2010-11 में 1,64,000 रुपये की छात्रवृत्ति। ं

ंवर्ष 2011-12 में 2,44,000 रुपये की छात्रवृत्ति।

वर्ष 2012-13 में 2,40,000 की छात्रवृत्ति।

Almora cowboy Koli's made a vampire

मेरठ जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में इस समय मौत का सन्नाटा है। इस हाई सिक्योरिटी बैरक में इस समय देश का सबसे घृणित अपराधी और दरिंदगी का पर्याय सुरेंद्र कोली अपने मौत के दिन गिन रहा है। जेल सूत्रों का कहना है कि कोली ने पढ़ने के लिए धर्मग्रंथ मांगे हैं। भारत के कानून ने उसके लिए मौत की सजा सुना दी है, शायद धर्मग्रंथों में वो अपना पश्चाताप और कुछ दया तलाश रहा हो।

2006 की गर्मियों से पहले नोएडा के निठारी में गरीब परिवारों के बच्चे गायब होने शुरू हुए थे। जून 2006 में जब वहां नाले-नालियों में पॉलीथिन में बंद बच्चों के कंकाल बड़े पैमाने पर मिलने शुरू हुए तो दुनिया के आपराधिक नक्शे पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का यह निठारी गांव छा चुका था। पुलिस ने जांच शुरू की तो अपराध की वीभत्सता के दो किरदार सामने आ चुके थे। जांच जल्दी ही सीबीआइ को मिल गई और नोएडा के डी-5 में रहने वाले ये किरदार थे कोठी मालिक मोहिंदर सिंह पंधेर और उसका नौकर सुरेंद्र कोली। हालांकि बच्चों के साथ दुष्कर्म उनकी हत्या के ये दोनों आरोपी तमाम मामलों में दो किनारों पर खड़े थे।

एक उद्योगपति और एक चरवाहा

नोएडा के डी-5 में रहने वाला पंधेर सभ्य समाज की नुमाइंदगी करने वाला एक ऐसा शख्स था, जिसके इस कृत्य के बारे में उसके जानने वाले यकीन ही नहीं कर पा रहे थे। इन लोगों को यह बात पच नहीं रही थी कि पंधेर की कोठी में बच्चों का कत्ल-यौनाचार ही नहीं, बल्कि उनके मांस का भक्षण तक किया गया। गहरे चश्मे और रौबदार दाढ़ी-मूंछ वाले पंधेर की पारिवारिक पृष्ठभूमि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आजदी के बाद उसका परिवार ट्रक ट्रांसपोर्ट के बिजनेस में एक हैसियत रखता था। पंधेर की स्कूली शिक्षा-दीक्षा शिमला के प्रतिष्ठित बिशप काटन स्कूल में हुई थी। यह वही स्कूल है, जिसमें बॉलीवुड के अपने जमाने के जुबली स्टार राजेंद्र कुमार के बेटे लव स्टोरी फेम कुमार गौरव भी पढ़े थे। इतना ही नहीं, बाद में पंधेर ने कालेज की पढ़ाई दिल्ली के विख्यात सेंट स्टीफेंस कालेज में की। जाहिर है कि किसी स्टीफेनियन से ऐसी दरिंदगी की शायद ही कोई कल्पना करे।

उधर, दूसरी तरफ कोली का अल्मोड़ा का गांव वैसे ही दूसरे पहाड़ों के गांव की तरह था, जहां जीने के लिए पहाड़ से ज्यादा धैर्य चाहिए। गांव वालों और सीबीआइ सूत्रों के मुताबिक कोली ने कक्षा छह के बाद स्कूल को तौबा कर ली और बकरियां वगैरह चराने लगा था। प्रचलित शब्दावली का सहारा लेकर हम उसे स्कूल ड्राप आउट कह सकते हैं। एक स्कूल ड्राप आउट और स्टीफेनियन की मुलाकात से पहले भी कोली की एक बड़ी गुमनाम-सी, लेकिन अजीबोगरीब जिंदगी थी। एक अजीब से ठंडे व्यक्तित्व का शिकार कोली का मन गांव में बकरियां चराने में ज्यादा नहीं लगा और उसने दिल्ली के एक होटल में नौकरी कर ली। शुरू में उसका काम वाशरूम की सफाई वगैरह था। निठारी कांड के बाद दर्जनों बच्चों के कत्ल के इस आरोपी के बारे में गांव में पूछताछ की गई तो गांव वालों का कोली का ध्यान भी नहीं था। कुछ ने बताया कि गांव में कोली कभी-कभी अजीबोगरीब काम करता था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार गांव वालों ने बताया कि कभी-कभी वह जानवरों का कच्चा मांस खा लिया करता था और अपने में ही खोया रहता था। मतलब कि कच्चा मांस खाना कोली की मानसिक विकृति थी। उधर, इस विकृति के बीच कुदरत ने उसे बेहतरीन रसोइये का हुनर बख्श रखा था। इसी हुनर ने कोली को सफाई के काम से निकालकर नोएडा के सेक्टर-29 के एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर के यहां पहुंचाया। यहां उसे बावर्ची की नौकरी मिली। कोली ने यहां पांच साल गुजारे। 1998 में शादी करने के लिए कोली गांव लौटा। शादी हुई, लेकिन पत्नी में मन नहीं रमा। वह फिर नोएडा लौटा। इस बार वह सेना के एक रिटायर्ड मेजर का रसोइया बना। यहीं उसकी मुलाकात पंधेर से हुई। इसके बाद से कोली और पंधेर की जिंदगी ने दरिंदगी की राह पकड़ी। जल्द ही वह पंधेर की कोठी डी-5 का केयरटेकर बन चुका था। यहां तक पुलिस के किसी दस्तावेज में सुरेंद्र कोली का नाम तक नहीं था।

पिशाचों का संसार

2004 में पंधेर का परिवार पंजाब चला गया। पंधेर का अपनी पत्नी से अलगाव हो चुका था। कोली भी अपनी पत्नी को गांव में छोड़ चुका था। जून 2006 में जब इसकी केस की विवेचना शुरू हुई तो नए नए तथ्य सामने आने लगे। पता चला कि सेक्टर 31 के डी-5 में अक्सर कालगर्ल आती थीं। पंधेर की बुलाई कालगर्ल से कोली भी नजदीकी बढ़ाना चाहता था। इस दौरान मिली दुत्कार उसमें कुंठा भरने लगी। हालांकि निठारी कांड का पूरा घटनाक्रम सामने आने के बाद पुलिस और सीबीआइ की थ्योरी यह भी है कि सुरेंदर कोली 'नेक्रोफीलिया' नामक बीमारी का शिकार था। इस बीमारी में व्यक्ति लाश के साथ यौनाचार का आदी हो जाता है। कोली ने अपनी पूछताछ में बच्चियों-किशोरियों की लाशों के साथ सेक्स करने की बात कुबूल भी की थी। ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस में भी इसके संकेत मिले हैं कि वह मृत शरीर का मांस भी खाता था।

बच्चों के साथ दुष्कर्म और फिर उनका कत्ल करने के बाद उन्हें टुकड़े-टुकड़े कर नालियों में बहा देने के आरोपी कोली को फिलहाल रिंपा हलदर कांड में मौत की सजा हो चुकी है। अल्मोड़ा के एक गांव का अंतर्मुखी चरवाहा और आपराधिक इतिहास के घृणित चेहरों में से एक यह सुरेंद्र कोली आज मेरठ की चौ. चरण सिंह जेल में मौत के रास्ते अपनी 'मुक्ति' का इंतजार कर रहा है।