वाशिंगटन। भारतीय मूल की नीना दावुलुरी के मिस अमेरिका चुने जाने पर जहां एक तरफ उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर नस्ली टिप्पणियां हो रही है वहीं एक अमेरिकी सांसद ने इसे भारतीय समुदाय के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि नीना की जीत भारतीय अमेरिकियों के लिए ठीक वैसी ही थी, जैसी यहूदी समुदाय के लिए बेस मेरसन की जीत थी। मेरसन वर्ष 1945 में मिस अमेरिका का खिताब जीतने वाली यहूदी समुदाय की पहली महिला थी।
न्यूयॉर्क से सासंद ग्रेस मेंग ने कहा, 'नीना की जीत सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका में रहने वाले पूरे भारतीय समुदाय के लिए गौरव की बात है। यह ठीक वैसा ही पल है, जैसा बेस मेरसन की जीत पर यहूदी समुदाय के लिए था। नीना का सफर आसान नहीं था। भविष्य में वह डॉक्टर बनना चाहती हैं या कोई और करियर अपनाना चाहती हैं, इसमें उन्हें सफलता जरूर मिलेगी।' मेंग अमेरिकी संसद पहुंचने वाली एशियाई मूल की पहली सदस्य हैं।
वहीं खुद पर सार्वजनिक रूप से की गई नस्ली टिप्पणियों को नजरअंदाज करते हुए नीना ने सोमवार को अटलांटिक सिटी वाटर में पारंपरिक डुबकी लगाई। उनकी जीत पर विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर अभद्र नस्ली टिप्पणियां की गई थीं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नीना ने कहा,'मैंने सबसे पहले खुद को एक अमेरिकी के रूप में देखा है। मैं मेरी भारतीय विरासत को लेकर हो रही आलोचनाओं से बेपरवाह हूं।' सोमवार को 53 अमेरिकी सुंदरियों को पछाड़कर नीना ने मिस अमेरिका का खिताब जीता था। यह ताज पहनने वाली वह भारतीय मूल की पहली महिला हैं। इससे पहले नीना मिस न्यूयॉर्क का खिताब भी अपने नाम कर चुकी हैं।
टीना बनीं मिस अमेरिका वेजिटेरियन रनर अप
नीना की तरह टीना ने भी भारतीय मूल के लोगों का गौरव बढ़ाया है। वह मिस अमेरिका वेजिटेरियन प्रतियोगिता में दूसरे नंबर पर रहीं। उन्हें मिस वेजिटेरियन रनर अप खिताब से नवाजा गया। जबकि भारतीय मूल के ही हर्षिल पारिख मिस्टर वेजिटेरियन चुने गए हैं। इस प्रतियोगिता में रनर अप का खिताब भी भारतीय मूल के मेघव पारिख के नाम रहा।
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