Friday, 1 November 2013

OM baba wrote new letter to DM

Unnao Daundiya Kheda

लखनऊ। उन्नाव के डौंडियाखेड़ा में राव राजा राम बक्स सिंह किले की खोदाई मामले में संत शोभन सरकार के शिष्य ओम बाबा ने शुक्रवार को एक नया पत्र जारी किया। इसमें दैवीय-असुरी शक्तियों से रक्षित स्वर्णकोष निकालने के लिए इसकी विद्याओं को विधिक मान्यता देने सहित कई मांगें रखीं। इन्हें नहीं मानने पर परिणामों की जिम्मेदारी से खुद को अलग कर लेने की बात कही है। 

संत शोभन सरकार के शिष्य ओम बाबा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, चरणदास महंत तथा उन्नाव फतेहपुर व कानपुर के डीएम को लिखे पत्र में कहा कि उन्नाव के डौंडियाखेड़ा, फतेहपुर के आदमपुर व कानपुर नगर के भूगर्भ स्थित यह सोना किसी सामान्य व्यक्ति को नहीं प्राप्त हो सकता। अगर कोई प्रयास भी करता है तो असामान्य घटनाएं हो जाती हैं। इसके लिए भारत में प्रचलित दस महाविद्याओं का ज्ञान होना जरूरी है और इस विद्या के जानकार सीमित लोग हैं। पहले देश के जिम्मेदार लोग आश्रम आकर विद्या का परीक्षण कर लें। यदि यह सही है तो राष्ट्रहित में मान्यता दी जाए। इसके अलावा ऐसा कानून बने कि निकलने वाले कुल खजाने का बीस फीसद उस गांव को दिया जाये। तीस फीसद प्रदेश विकास निधि को और पचास फीसद खजाना रिजर्व बैंक में रखा जाए। ऐसा करने पर वह दावे के अनुरूप धन राष्ट्र को दे सकेंगे। 

पांच बिंदुओं के इस पत्र में उन्होंने कहा कि हमारा प्रस्ताव यदि स्वीकार नहीं है तो यहां की खोदाई के परिणामों की जिम्मेदारी हमारी नहीं होगी। जीएसआइ की रिपोर्ट के आधार पर काम जारी रहे या बंद कर दिया जाये। ओम बाबा ने अपने साथ आए एक युवक के माध्यम से एसडीएम विजय शंकर दुबे को बंद लिफाफा दिलाया बाद में इसे मीडिया को भेजा गया। 
Source- News in Hindi

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