मुंबई। रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एसएंडपी) की चेतावनी बृहस्पतिवार को दलाल स्ट्रीट की तेजी पर भारी पड़ गई। बंबई शेयर बाजार के सूचकांक सेंसेक्स ने न सिर्फ 248 अंक की शुरुआती बढ़त गंवाई, बल्कि 72 अंक गिरकर 20,822.77 अंक के एक सप्ताह के निचले स्तर पर बंद हुआ। एसएंडपी ने कहा है कि यदि आम चुनाव के बाद नई सरकार विकास का बेहतर एजेंडा पेश करने में विफल रही तो देश की रेटिंग में कमी की जाएगी। रेटिंग एजेंसी की इस चेतावनी के बाद शेयर बाजार में भारी बिकवाली शुरू हो गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 27.90 अंक गिरकर 6,187.25 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले बुधवार को भी शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी।
बीएसई का 30 शेयरों वाला सूचकांक बढ़त के साथ खुला और जल्दी ही 21,142.85 अंक के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। लेकिन कारोबार के आखिरी दो घंटों में बाजार 20,797.06 अंक के स्तर तक लुढ़क गया और 20,822.77 अंक पर बंद हुआ। रुपये में गिरावट और अमेरिकी विकास दर के आंकड़ों से पहले कमजोर विदेशी संकेतों के चलते बाजार पर दबाव और बढ़ गया। बीएसई पर रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल, बैंकिंग, ऊर्जा, पीएसयू, कैपिटल गुड्स और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। जबकि आइटी और धातु शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स 417 अंक की बढ़त गंवा चुका है। इससे पहले रविवार को दीवाली पर विशेष कारोबारी सत्र में सेंसेक्स ने 21,239.36 अंक का अब तक का सर्वोच्च स्तर छुआ था। सेंसेक्स में शामिल आरआइएल, एसबीआइ, आइसीआइसीआइ बैंक, भेल, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स सहित 17 शेयरों में बिकवाली हुई। जबकि निवेशकों ने टीसीएस, इंफोसिस, आइटीसी, एचयूएल और सन फार्मा की खरीददारी में दिलचस्पी दिखाई।
Source- Business News in Hindi
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