जागरण संवाददाता, अलीगढ़। मुजफ्फरनगर में दंगे को लेकर चौतरफा आलोचना झेल रही सपा सरकार को अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी (एएमयू) ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन ने भी कठघरे में खड़ा किया है। एसोसिएशन ने दंगों के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री आजम खां को भी जिम्मेदार ठहराया है। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से घटना की सीबीआइ जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एएमयू के ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन के दफ्तर में मंगलवार को हुई प्रेसवार्ता में जनरल सेक्रेटरी एसएम साजिद हसन ने कहा कि मुजफ्फरनगर के दंगे ने जाट-मुस्लिम के भाईचारे को छीन लिया है। यहां जाट-मुस्लिम एक दूसरे के तीज- त्योहारों के साथ ही गम में भी शरीक होते थे। लेकिन शरारती तत्वों ने दंगा भड़काया और सरकार मौन बनी रही। निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद भाजपा विधायकों के नेतृत्व में महापंचायत हुई और निर्दोष लोग मारे गए। हसन ने आरोप लगाया कि आजम खां निजी स्वार्थ के लिए राजनीति कर रहे हैं। उनका कौम से कोई मतलब नहीं है। एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि भाजपा और आरएसएस ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार और अमित शाह जैसे सांप्रदायिक नेता को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर देश और प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द व गंगा-जमुनी तहजीब को तोड़ने का काम किया है। एसोसिएशन ने घटना के लिए दोषी अफसरों पर कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने सपा सरकार में हुए दंगों की फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई करने की मांग भी उठाई।
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