Sunday, 17 November 2013

Delhi is a City of Migrants, Rahul Gandhi Says

delhi assembly election
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की दिल्ली में रविवार को आयोजित दूसरी चुनावी रैली भी फीकी रही। दक्षिणपुरी की रैली में बमुश्किल मैदान में लगी कुर्सियां भर पाई। इतना ही नहीं, उनसे पहले रैली को जब मुख्यमंत्री शीला दीक्षित संबोधित कर रहीं थीं तो कुछ महिलाएं उठकर जाने लगीं। ऐसे में उन्हें कहना पड़ा कि 'आप लोग कम से कम राहुल जी की आवाज तो सुनते जाइए।' कुछ दिनों पहले मंगोलपुरी में हुई रैली भी अपना असर छोड़ने में नाकामयाब रही थी।
महज साढ़े छह मिनट के अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पद के भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का एक बार भी नाम नहीं लिया और न ही विपक्ष पर कोई धारदार हमला बोला। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि भाजपा के लोग बातें बड़ी-बड़ी करते हैं, भाषण खूब देते हैं लेकिन उनके रिकार्ड के बारे में सभी जानते हैं। दिल्ली को प्रवासियों का शहर बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका खुद का परिवार कश्मीर से आकर पहले उत्तर प्रदेश में बसा और फिर दिल्ली आया। एक बार फिर शीला दीक्षित की तारीफ करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में हुए विकास को विपक्ष भी स्वीकार करता है। उत्तर प्रदेश के लोग महाराष्ट्र जाते हैं तो शिवसेना उन्हें भगाने का काम करती है लेकिन दिल्ली में शीला दीक्षित ने बेहतर सरकार चलाई है। रैली खत्म होने पर आसपास के इलाकों में रहने वाले विभिन्न लोगों से राय पूछे जाने पर उन्होंने यह तो कहा कि वे पारंपरिक रूप से कांग्रेस के समर्थक हैं लेकिन रोजमर्रा की चीजों की लगातार बढ़ती कीमतों ने उनका बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में समझा जा रहा है कि कांग्रेस के विकास के नारे पर महंगाई की हकीकत भारी पड़ रही है।

Source- Hindi News

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