Thursday, 14 November 2013

No Qualms About Talking to Modi: Cameron

David Cameron
नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। चुनावी मौसम में भारत की सियासी हवा का रुख भांपकर पश्चिमी मुल्कों ने भी मन बदलना शुरू कर दिया है। गुजरात दंगों के बाद कभी नरेंद्र मोदी के नाम से कतराने वाले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने भारत यात्रा में साफ किया कि उन्हें किसी भी चुने नेता से बात करने में परहेज नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह मोदी से मिलने की इच्छा रखते हैं।

बीती रात एक दिनी भारत दौरे पर आए कैमरन ने गुरुवार सुबह भारतीय उद्योगपतियों से मुलाकात में एक सवाल के जवाब में कहा कि ब्रिटेन ने गुजरात सरकार के साथ संपर्क की प्रक्रिया शुरू की है। राज्य के मुख्यमंत्री से हमारे विदेश मंत्री ने मुलाकात की है और मुझे लगता है कि संपर्क का सिलसिला जारी रहना चाहिए। भाजपा के प्रधानमंत्री पद उम्मीदवार व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री का कहना था कि समय आने पर जरूर मिलेंगे। मुलाकात करना अच्छा है।

अपना नेता चुनने का अधिकार भारत की जनता के पास है, लेकिन हमें किसी भी निर्वाचित नेता से मिलने में परहेज नहीं है। महत्वपूर्ण है कि ब्रिटेन ने 2002 में गुजरात दंगों के बाद से राज्य के साथ रोकी गई संवाद प्रक्रिया को फिर से शुरू किया है। बीते साल अक्टूबर में उसने गुजरात सरकार के प्रति अपने नजरिये को बदलते हुए ब्रिटिश राजदूत को अहमदाबाद भेजा था। बीते दो सालों के दौरान पश्चिमी मुल्कों और विदेशी मीडिया ने नरेंद्र मोदी को लेकर नजरिये में बदलाव दिखाया है।

राष्ट्रकुल शासनाध्यक्ष सम्मेलन के लिए कोलंबो जाने से पहले भारत आए ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उनकी बहुत छोटी यात्रा है। यहां उनकी प्राथमिकता प्रधानमंत्री व दोनों देशों के बीच सरकारों के स्तर पर संवाद की है। कैमरन गुरुवार दोपहर ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने के लिए कोलकाता रवाना हो गए। उनका कहना था कि कोलकाता उन्होंने कभी नहीं देखा, इसलिए वहां जाने की उनकी इच्छा थी।
गुजरात में मोदी की तीसरी चुनावी जीत के बाद फरवरी 2013 में दोपहर भोज पर यूरोपीय संघ के राजदूतों ने रुख में बदलाव का एलान किया था। इतना ही नहीं गत एक साल के दौरान कई देशों के राजदूतों ने गांधीनगर में मोदी से मुलाकात की है। उल्लेखनीय है कि गुजरात दंगों को लेकर ब्रिटेन, अमेरिका व कई पश्चिमी मुल्कों ने नरेंद्र मोदी व सूबे के साथ अपने आधिकारिक संपर्क काट लिए थे।

Source- News in Hindi

No comments:

Post a Comment