
वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने सोमवार को कहा कि वह आगामी सप्ताह में मिस्र की यात्रा कर सकते हैं। मिस्र की सेना द्वारा गत तीन जुलाई को देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी को अपदस्थ किए जाने के बाद उनकी यह पहली यात्रा होगी।
लंबे समय तक सहयोगी रहे मिस्र के साथ अमेरिका के रिश्ते मुर्सी को बेदखल किए जाने के बाद खराब होने शुरू हुए। मुर्सी फरवरी, 2011 में तानाशाह होस्नी मुबारक को अपदस्थ किए जाने के बाद हुए चुनाव में निर्वाचित हुए थे। गत नौ अक्टूबर को अमेरिका ने कहा था कि वह लोकतंत्र और मानवाधिकारों के उल्लंघन के चलते मिस्र को लंबित टैंक, फाइटर एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति सहित 26 करोड़ डॉलर (करीब 162 करोड़ रुपये) की आर्थिक सहायता पर रोक लगा देगा। केरी ने टॉउन हाल में विदेश मंत्रालय के कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में मिस्र के आगामी दौरे की संभावनाओं के संकेत दिए। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता जेन सैकी ने कहा किकेरी की आगामी यात्रा को मंत्रालय ने अभी अंतिम रूप नहीं दिया है।
मुर्सी के खिलाफ सुनवाई चार से मिस्र के अपदस्थ राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी और उनके समर्थकों के खिलाफ हत्या के मामले में यहां की एक अदालत आगामी चार नवंबर से सुनवाई शुरू करेगी। हालांकि मुर्सी ने इस अदालत को मान्यता देने से इन्कार किया है। 62 वर्षीय मुर्सी और मुस्लिम ब्रदरहुड के 14 अन्य सदस्यों पर दिसंबर, 2012 में हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने और हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है। पिछले साल दिसंबर में मुर्सी द्वारा अपनी ताकतें बढ़ाने के लिए लाए जा रहे कानून और संविधान के प्रस्तावित मसौदे में जोड़े गए कुछ प्रावधानों को लेकर यहां पर राष्ट्रपति भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान ब्रदरहुड समर्थकों और विरोधियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
Source- World News in Hindi
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