Tuesday, 29 October 2013

Dadasaheb Phalke Made India's first Animated Movie


Dadasaheb Phalke


आगरा। 'एक चिड़िया. अनेक चिड़िया.।' दिमाग में घूम गईं न बचपन की यादें। आगरा सहित देशभर में यादगार बनी यह एनिमेटेड शॉर्ट एजुकेशनल मूवी बच्चों को एनिमेशन के जरिए लुभाने की देश में पहली कोशिश थी। मगर, ये बात शायद कम लोग ही जानते होंगे कि भारत में पहली एनिमेशन फिल्म 1930 में दादा साहब फाल्के ने बनाई थी।

सोमवार को इंटरनेशनल एनिमेशन डे था। दो संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्त्रमों में युवाओं को एनिमेशन फिल्मों की जानकारी दी गई। उन्हें समझाया कि भविष्य में यह तकनीक कैसे जिंदगी के इर्दगिर्द घूमेगी। इसी दौरान एनिमेशन के जानकारों से बातचीत में भारतीय सिनेमा, टेलीविजन और एनिमेशन से जुड़ी रोचक बातें सामने आईं। दिलचस्प तथ्य है कि भारतीय सिनेमा के पितामाह दादा साहब फाल्के ने देशवासियों को 1930 में ही एनिमेशन तकनीक से रूबरू करा दिया था।

हालांकि यह गुमनाम फिल्म स्टॉप मोशन में थी। वर्ष 1956 में मुंबई में पहला एनिमेशन स्टूडियो शुरू हुआ। इसके बाद अमेरिका और भारत ने संयुक्त रूप में 1957 में एनिमेटेड फिल्म 'द बैनयन डीयर' बनाई। 11974 में दूरदर्शन पर प्रसारित एक अनेक और एकता शॉर्ट फिल्म के बाद पहला एनिमेटेड टीवी सीरियल 1986 में 'गायब आया' बनाया गया। वहीं, पहला इंडियन थ्री-डी और वीएफएक्स सीरियल था कैप्टन व्योम। पहली थ्री-डी एनिमेशन भारतीय फिल्म रोड साइट रोमियो थी। जुगल हंसराज द्वारा निर्देशित यह फिल्म वाल्टडिजनी कंपनी और यशराज फिल्म्स ने बनाई।

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