लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। मुरादाबाद में एसएसपी रहते हुए तीन फालोवरों की गंभीर पिटाई के आरोप में करीब एक माह तक निलंबित रहे 2003 बैच के आइपीएस मोदक राजेश डी राव को सत्ता के करीबी होने का इनाम मिल गया है। बहाली के चार दिन में ही उन्हें वाराणसी का एसएसपी बना दिया गया है, जबकि एसपी यातायात से विवाद की वजह से वाराणसी के एसएसपी अजय कुमार मिश्र को हटाकर भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ भेजा गया है।
शासन ने आज दो पीपीएस और चार आइपीएस अफसरों के तबादले किये, जिसमें सहारनपुर के एसएसपी डीके चौधरी को उपनिदेशक यातायात और सीबीसीआइडी लखनऊ में तैनात उपेन्द्र अग्रवाल को एसएसपी सहारनपुर बनाया गया है। मुजफ्फरनगर से पुलिस उपाधीक्षक मोहम्मद तारिक को इसी पद पर खीरी भेजा गया है, जबकि वाराणसी के एसएसपी के उत्पीड़न की शिकायत कर सुर्खियों में आये एएसपी ट्रैफिक गोपेश नाथ खन्ना को बरेली पीएसी में उप सेनानायक बनाया गया है। मोदक राजेश डी राव को वाराणसी का एसएसपी बनाकर उन्हें महत्वपूर्ण तैनाती दी है। विशेष सचिव गृह अरुण मिश्रा से पत्रकारों ने उनके खिलाफ कार्रवाई के संदर्भ में सवाल किया तो उनका कहना था कि उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार हो गया है। इसे उन्हें दिया जायेगा, जबकि जांच अधिकारी के बाबत पत्रावली शासन में भेज दी गयी है। अब तक मोदक को आरोप पत्र न देने वाली सरकार ने मीडिया में मामला उछलने के बाद जहां आरोप पत्र तैयार कराया है, वहीं अभी तक जांच अधिकारी की तैनाती न होने से पूरा मामला संशय में है।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि इस मामले को सियासी रंगढंग से ना देखते हुए इस संबंध में अपनी अंतरात्मा की आवाज पहचानते हुए उन तीनों गरीब और कमजोर फालोवरों की मदद करने और मोदक को महत्व देने के स्थान पर उन्हें नियमानुसार दंडित करने का अनुरोध किया है।
Source: News in Hindi
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