स्कोपजे। मेसेडोनिया के ऑर्थोडॉक्स चर्च ने अपने पादरियों और ननों पर सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। चर्च के अधिकारियों ने बताया कि आदेश का पालन नहीं करने वालों को अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
चर्च के प्रवक्ता बिशप टीमोटेज ने कहा, फेसबुक का इस्तेमाल करने पर सभी पादरियों और ननों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने फेसबुक पर रोक लगाए जाने संबंधी कारणों का उल्लेख नहीं किया। चर्च के सूत्रों का कहना है कि यह कदम उन लोगों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है जो फेसबुक पर अपना व्यक्तिगत दृष्टिकोण व्यक्त करते हैं। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला वरिष्ठ बिशप पीटर ने प्रस्तावित किया गया था। बिशप ने यह कहते हुए इस कदम का बचाव किया है कि आस्थावान लोगों को पथभ्रष्ट होने से बचाने के लिए ही फेसबुक पर रोक लगाई गई है। फिलहाल वरिष्ठ और कनिष्ठ पादरियों के बीच इस फैसले के बाद से तनाव बढ़ गया है। कनिष्ठ पदाधिकारियों का कहना है कि वे फेसबुक का इस्तेमाल युवाओं को चर्च से जोड़ने के लिए कर रहे हैं, ताकि उन्हें धार्मिक शिक्षा और सलाह दी जा सके। द मेसेडोनिया ऑर्थोडॉक्स चर्च साइबेरिया के ऑर्थोडोक्स चर्च से वर्ष 1967 में अलग हो गया था। इसके बाद से इसे किसी भी ऑर्थोडॉक्स चर्च ने मान्यता नहीं दी है।
Source: News in Hindi
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