Tuesday, 29 October 2013

Elle abram will be seen in Mickey virus


Mickey virus

मुंबई। अभिनेत्री एली अबराम आने वाली फिल्म 'मिकी वायरस' के साथ हिंदी सिने जगत में एंट्री कर रही हैं। वे स्वीडन की रहने वाली हैं और कुछ ही समय पहले मुंबई आई हैं। एली इन दिनों 'बिग बॉस' के घर में हैं। उनसे बातचीत पहले ही हो चुकी थी। इस फिल्म से जुड़े अनुभव उन्होंने शेयर किए थे हमारे साथ, प्रस्तुत हैं उन्हीं की जुबानी। 

मैं मुंबई आ गई थी कि मुझे अभिनय करना है, लेकिन मुझे यहां के संघर्षो के बारे में पता नहीं था। इस शहर का अपना एक समीकरण है, जो दुनिया के अन्य शहरों से बिल्कुल अलग है। मुझे यहां आकर मॉडलिंग और कास्टिंग के बारीक पहलुओं के बारे में जानकारी हुई। मैंने उसके बाद से अपनी तस्वीरों को फोटोग्राफर के साथ कास्टिंग एजेंसियों में देना प्रारंभ कर दिया था, लेकिन शुरुआती दौर में कहीं से भी कोई रेस्पॉन्स नहीं आया। थोड़ी निराशा हो रही थी, लेकिन साथ ही यह भी लग रहा था कि कहीं से कोई तो उम्मीद बन सकती है।

लगभग तीन महीने बाद मेरे एक फोटोग्राफर दोस्त ने मुझे कॉल करके एक फिल्म के बारे में बताया। अगले दिन मैं फिल्म के दफ्तर गई और वहां पर मुझे चार पन्ने की स्क्रिप्ट दी गई, जिसके पूरे संवाद हिंदी में थे। मैं उस दिन घबरा गई थी और रात भर सो नहीं सकी। उससे अधिक हिंदी मैंने अपनी पूरी लाइफ में नहीं पढ़ी थी। मैंने तैयारी की और अगले दिन आकर ऑडिशन दिया और 200 लड़कियों के बीच मेरा सेलेक्शन हो गया। फिर मुझे पता चला कि फिल्म में मनीष पॉल भी मेरे साथ काम कर रहे हैं और फिल्म का नाम 'मिकी वायरस' है। 

मैं रहती भले विदेश में थी, लेकिन हिंदी फिल्मों को लेकर मेरे मन में बचपन से क्रेज था और मेरा संबंध अभिनय की दुनिया से पहले से ही है। मेरी मां स्वीडिश अभिनेत्री हैं और मेरी चाची भी अभिनय की दुनिया से जुड़ी हुई हैं। मैं चाहती तो वहां भी अभिनय कर सकती थी, लेकिन इंडिया को लेकर मेरे मन में सम्मान बहुत पहले से रहा है। सो मैंने हिंदी सिनेमा में ही अभिनय करने की बात सोची। आपको एक और मजे की बात बताती हूं कि डांसिंग का मेरे करियर में बहुत बड़ा योगदान रहा है। मैं पूरी तरह से प्रशिक्षित डांसर और स्पो‌र्ट्स वुमेन हूं। मैंने अपने कॉलेज के जमाने में सॉकर और फुटबाल खेलने के साथ ही बेली डांस और भारतीय परंपरा की लगभग सभी नृत्य शैलियों की शिक्षा ली है। कई बार मेरे परिवार के लोगों के साथ ही मेरी मां को भी लगता था कि मैं स्वीडन में रहकर नृत्य में कुशलता हासिल करूं, लेकिन मेरा सपना तो अभिनय करने का था, सो मैंने बाद के दिनों में उन्हें इसके बारे में बताया। मेरी मां की चिंता वाजिब थी। वे जानती थीं कि भारत में विदेश से गई अभिनेत्रियों में कट्रीना कैफ को छोड़कर किसी की भी सफलता का प्रतिशत अच्छा नहीं है। ऐसे में मेरा करियर भी पूरी तरह से दांव पर लग सकता है, लेकिन अब सपने को पाने के लिए थोड़ा रिस्क तो लेना ही पड़ता है। मैंने भी वही किया।

 Source- News in Hindi

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