पटना, जागरण संवाददाता। पटना जंक्शन पर गिरफ्तार दोनों आतंकी तारिक व इम्तियाज फिदाइन हैं। दोनों पहले बस से उतरकर स्टेशन परिसर पहुंचे थे। वहां से चाय पीने के बाद वे जंक्शन के दस नंबर प्लेटफार्म के यात्री प्रतीक्षालय में एक घंटे तक बैठे थे। परंतु कुछ और यात्रियों के बैठे रहने के कारण बम को शरीर से बांध नहीं पा रहे थे। इसी बीच आरपीएफ के दो जवान प्रतीक्षालय पहुंचे। दोनों की जांच किए बगैर बाहर भगा दिया।
जक्शंन प्रतीक्षालय से हटने के बाद तारिक व इम्तियाज ने पूरे जंक्शन परिसर का मुआयना किया। बाद में सबसे महफूज जगह उन्हें शौचालय ही मिली। जिस वक्त दोनों शौचालय पहुंचे उस वक्त वहां काउंटर पर एक ही व्यक्ति बैठा था। एक अन्य यात्री अंदर जा ही रहा था तो दोनों ने उसे बाहर कर दिया। इसके बाद दोनों अपने-अपने शरीर में बम फिट करने चले गए। शरीर से बम बांधने के पहले उन्हें बैट्री सेट करनी थी। बैट्री सेट करने के दौरान ही बम विस्फोट हो जाने से उनकी पूरी योजना धरी की धरी रह गई।
पूछताछ के दौरान इम्तियाज ने बताया कि पहले से ही गांधी मैदान के आसपास मोहम्मद वकास, तहसीन, हैदर अली उर्फ अब्दुल्ला एवं उसके दो और साथी मौजूद थे। दोनों को बम के साथ मंच के आसपास पहुंचना था। जैसे ही वे दोनों मंच के पास पहुंचते सौ मीटर दूर खड़ा मोहम्मद वकास रिमोट से उड़ा देता। एक बड़ी घटना को अंजाम देने ही दोनों आए थे। बम विस्फोट का मकसद था कि लोगों के बीच भगदड़ मचे और अधिक से अधिक लोग मारे जाएं।
इम्तियाज ने जांच टीम को कई अहम जानकारियां दी है। तहसीन के साथ ही लगभग एक दर्जन आतंकियों की सूची सौंपी है। हालांकि इस घटना का मास्टर माइंड भटकल को बताया जा रहा है, जिसके इशारे पर पाकिस्तान से आया आतंकी मोहम्मद वकास काम कर रहा है। तहसीन व वकास के साथ मिलकर इम्तियाज ने ही बोधगया बम विस्फोट की घटना को अंजाम दिया था। उस घटना में भी इसी लोटस कंपनी का टाइमर व चाइनिज बैट्री का उपयोग किया गया था। जांच टीम के समक्ष इम्तियाज ने इसके अलावा बोधगया से जुड़े मामले में कई अहम जानकारी दी है।
Source- News in Hindi
No comments:
Post a Comment