करीबी लोगों से मुलाकात के दौरान वे इस बात को जाहिर भी कर रहे हैं। दो-तीन दिनों से शांत लालू पहले की तरह दर्जनों लोग की जगह चुनिंदा लोगों से ही मुलाकात कर रहे हैं। उसमें भी लोगों को कद के हिसाब से तवज्जो दे रहे हैं। मिलनेवाला अगर बड़ा नेता नहीं होता है तो उसे खिड़की से ही दर्शन देते हैं। बड़े लोगों से मुलाकाती कक्ष में मिलते हैं।
लालू के करीबी लोगों की बात करें तो उनके पीए भोला यादव को छोड़ कोई और लगातार उनसे नहीं मिलने आ रहा। मंत्री सुरेश पासवान, अन्नपूर्णा यादव और विधायक संजय यादव जरूर पाली-पाली से राजद अध्यक्ष के समक्ष हाजिरी बनाने जेल पहुंच रहे हैं।
लालू से मिलने के लिए जेल में बेटे तेजस्वी और तीन दामाद ही जेल पहुंचे। पत्नी राबड़ी, बेटा तेज और सात बेटियों में से कोई भी मिलने नहीं आया। हालांकि राबड़ी ने दुर्गापूजा से पूर्व लालू से मिलने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन लालू ने उन्हें मना कर दिया था।
वार्ड तक की सिमट गए
खूंखार कैदियों के बीच लालू को अपनी सुरक्षा की चिंता भी सता रही है। उन्हें जेल प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराया है। इसके करण वे अपने वार्ड तक ही सिमट गए हैं।
कई से की मुलाकात
बिरसा केंद्रीय कारा में लालू से रविवार को भी कई लोग मिले। इनमें बिहार के पूर्व एमएलसी कपिलदेव शर्मा, बिहार राच्य प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष ब्रजनंदन शर्मा, सचिव विष्णुदेव प्रसाद यादव के अलावा विनय कुमार, रमेश रतन, अनामूल हक आदि शामिल हैं।
Source- News in Hindi
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