नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजनीतिक पार्टियां अपने नाम व चुनाव चिन्ह वाली टोपी तो अपने समर्थकों को पहना सकती हैं, लेकिन किसी के घर पर पार्टी का झंडा या पोस्टर लगाने से उन्हें परहेज करना होगा। इसका पालन नहीं करना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा।
राजनीतिक पार्टियों द्वारा टोपी बांटने व पहनने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इस पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। दिल्ली विधानसभा के नोडल ऑफिसर [चुनाव आचार संहिता] अंकुर गर्ग ने बताया कि भारतीय चुनाव आयोग की ओर से प्राप्त दिशा-निर्देश के अनुसार पार्टी के नाम व चिन्ह अंकित टोपी पहनने पर रोक नहीं है, लेकिन इसका खर्च पार्टी के खाते में जुड़ेगा। इसी तरह से पार्टी खर्च पर टोपी, स्टीकर, बैज, स्टार, हेडबैंड व रिस्टबैंड के वितरण पर भी रोक नहीं है, लेकिन टी शर्ट, शर्ट, पैंट, साड़ी बांटने पर पूरी तरह से रोक है। पार्टी के नाम व चिन्ह वाले वस्त्र पहनने पर भी पाबंदी है। उक्त का वितरण तथा पहनना घुस की श्रेणी में आता है। इसलिए ऐसा करने वाले व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता या वोलेंटियर्स के टोपी या बैज लगाकर इकट्ठा होने या सभा करने पर तो मनाही नहीं है, लेकिन मतदान के लिए मतदान केंद्र से से एक सौ मीटर के दायरे में ऐसा नहीं कर सकते हैं। वाहन मालिक की अनुमति से आम व्यक्ति या पार्टी कार्यकर्ता के वाहन पर पार्टी के छोटे स्टीकर लगाए जा सकते हैं, लेकिन इस पर आने वाला खर्च पार्टी के खर्चे में शामिल किया जाएगा।
गर्ग ने बताया कि हाईकोर्ट का आंतरिक आदेश है कि ऑटो रिक्शा के पीछे पोस्टर लगाया जा सकता है। इसलिए ऑटो रिक्शा के पीछे राजनीतिक दलों के पोस्टर लगाने पर रोक नहीं है, लेकिन इसके एवज में ऑटो रिक्शा के मालिक को दी गई राशि को पार्टी खर्च में दिखाना होगा।
Source: News in Hindi
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