नई दिल्ली, संतोष कुमार सिंह। महिला व युवा मतदाताओं की संख्या बढ़ाने पर चुनाव आयोग विशेष ध्यान दे रहा है। इसके लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके बावजूद दिल्ली के कई इलाकों में महिलाओं की भागीदारी संतोषजनक नहीं है। मतदाता सूची में उनकी संख्या औसत से काफी कम है।
दक्षिणी दिल्ली में स्थिति ज्यादा खराब है। यहां पुरुष व महिला मतदाताओं का अनुपात महज 729 है, जबकि औसत अनुपात 804 है। लगभग 40 फीसद विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां महिला मतदाताओं का अनुपात आठ सौ से नीचे है। कम अनुपात वाले विधानसभा क्षेत्र दक्षिणी जिले में ज्यादा हैं। यहां के सात विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या आठ सौ से कम है। इनमें से तुगलकाबाद, संगम विहार, छतरपुर तथा बदरपुर की स्थिति ज्यादा दयनीय है। नई दिल्ली जिले में भी महिला मतदाताओं का अनुपात महज 780 ही है।
परंपरा बन रही बाधा
अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी दिल्ली के कई क्षेत्रों में बाहर से आने वाले मजदूर रहते हैं। वह यहां अकेले अपने परिवार से दूर रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में परंपरा की वजह से महिलाएं मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हो रही हैं।
बढ़ा कुल औसत
दिल्ली में पिछले विधानसभा चुनाव में जहां प्रति एक हजार पुरुष मतदाता पर 788 महिला मतदाता थीं। वहीं इस बार यह अनुपात बढ़कर 804 हो गया है। पहली बार महिला मतदाताओं का अनुपात आठ सौ के पार हुआ है।
Source: News in Hind
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