नई दिल्ली। अगले साल भारतीय कर्मचारियों के वेतन में औसतन 11 फीसद बढ़ोतरी की उम्मीद है। यह लगातार दूसरा साल है, जब यहां की कंपनियों ने सैलरी में इतनी बढ़ोतरी का भरोसा दिलाया है। मगर महंगाई की दर को इससे घटाकर देखा जाए तो इस हिसाब से सैलरी में वास्तव में दो फीसद की ही वृद्धि होगी। वर्ष 2014 में खुदरा महंगाई के नौ फीसद के करीब रहने की आशंका जताई जा रही है। अगर आपकी सैलरी दहाई फीसद से कम बढ़ी तो समझिए कि महंगाई के मुकाबले आपका वेतन असल में घट गया है।
ईसीए इंटरनेशनल के ताजा सैलरी ट्रेंड सर्वे में यह बात कही गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एशियाई कर्मचारियों के वेतन में वास्तव में दुनिया में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होगी। महंगाई की दर को छोड़कर और इसे जोड़कर देखा जाए तो चीन इस मामले में सबसे अव्वल रहेगा।
सर्वे में चीन की कंपनियों ने अगले साल वेतन में आठ फीसद वृद्धि की बात कही है। इस लिहाज से महंगाई के मुकाबले यहां के कर्मियों के वेतन में पांच फीसद की वास्तविक बढ़ोतरी होगी। असल सैलरी से ही कर्मचारी की बाजार में कुछ भी खरीदने की क्षमता तय होती है। ईसीए दुनिया भर में मैनजमेंट व असाइनमेंट कर्मियों को आइटी और नॉलेज सेवा मुहैया कराती है। ईसीए ने 64 देशों में 316 बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर किए सर्वे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।
चीन के बाद एशिया में पाकिस्तानी कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी में सबसे ज्यादा वृद्धि होगी। यहां की कंपनियों ने औसतन 13 फीसद वेतन बढ़ोतरी का मन बनाया है। पाक में महंगाई दर आठ फीसद से कुछ अधिक रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है। जापानी कर्मचारियों के असल वेतन में तो इस दौरान एशिया में सबसे कम वृद्धि की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आइएमएफ) ने इस देश में महंगाई की दर के 2.9 फीसद रहने की उम्मीद जताई है। अगर यह दर इससे अधिक रही तो यहां के लोगों की खरीदारी क्षमता घट सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला की कंपनियां वेतन में सबसे ज्यादा 26 फीसद की वृद्धि करेंगी, मगर यहां महंगाई दर के 38 फीसद रहने का मुद्राकोष ने अनुमान लगाया है। इस लिहाज से यहां के कर्मचारियों की खरीदारी क्षमता 12 फीसद कम रहेगी। अमेरिका और कनाडा की कंपनियां 2014 में तीन फीसद तो यूरोप की 3.5 प्रतिशत सैलरी बढ़ाएंगी। स्विट्जरलैंड और ग्रीस में यह बढ़ोतरी करीब दो फीसद रहेगी।
Source- News in Hindi
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