जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 'ले गई दिल गुड़िया जापान की.।' जी हां, व्यापार मेले में पहली बार शिरकत करने वाले जापान ने अपने देश के टेलीविजन बाल कलाकारों को इस तरह पेश किया कि यह मेले के आकर्षण का केंद्र बन गया है। जापानी पवेलियन को इस अंदाज में सजाया कि मेले का पहला दिन होने के बावजूद पूरे दिन बच्चे बड़े सभी यहां भटकते नजर आए। डेम्पागुमी गु्रप के लिए काम करने वाली जापानी बाल कलाकारों ने दर्शकों का इस तरह अभिवादन किया कि इनसे मिले बगैर कोई रह नहीं पाया।
इस पवेलियन के एनीमे कल्चर जोन में बच्चे अपने पसंदीदा एनीमेटेड दोस्तों शिनचेन, डोरीमोन, निंजा, हटोरी आदि से मिल सकते हैं। पवेलियन के बारे में जापान इंडिया इंडस्ट्री प्रोमोशन एसोसिएशन के महासचिव प्रशांत गोडघटे ने बताया कि जापान ऐसा देश है जिसे इसकी प्रौद्योगिकी के लिए जाना जाता है। अब यह अपनी संस्कृति एवं परंपरा को भी दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए प्रयासरत है।
महिला पाइप बैंड ने बांधा समांअंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के उद्घाटन समारोह में जब राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का आगमन व प्रस्थान हुआ तो उस समय सीआरपीएफ की महिला पाइप बैंड ने धुन बजाकर समां बांध दिया। राष्ट्रपति भी इसकी हौसला अफजाई किए बिना नहीं रह सके।
जूते का पतावा है असरदारअंतरराष्ट्रीय पवेलियन में 12 नंबर स्टॉल पर खास किस्म का पतावा पैर के नीचे रखने से शरीर का संतुलन सही रखने में मदद मिलती है। स्टॉल संचालकों का दावा है कि इस पतावे से शरीर का वजन रीढ़ की हड़्डी को प्रभावित नहीं करता है और कई बीमारियों की रोकथाम में यह मददगार साबित हो सकता है।
खस से बना सामानजूट से बने विभिन्न सामान तो बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन हॉल नंबर 12 ए में जूट की बजाय खस से बने सुगंधित सामान की भरपूर रेंज है। इसमें सजावटी सामान ही नहीं बल्कि सिर पर पहनने की टोपी, चप्पल आदि भी उपलब्ध है। इसके अलावा घर पर लगने वाली धान की झालर भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह विभिन्न कीमतों और डिजाइन में उपलब्ध है।
Source- Business Hindi News
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