नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट से धमाकेदार विदाई के बाद देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न पुरस्कार मिलने की घोषणा पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अभी इस पुरस्कार पर ठीक से प्रतिक्रिया भी नहीं दे पाए थे कि इस पर बवाल मच गया।
जदयू नेता और सांसद शिवानंद तिवारी ने सचिन को भारत रत्न देने की घोषणा पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद को यह पुरस्कार देने की घोषणा क्यों नहीं की गई जबकि उनकी उपलब्धियां कहीं ज्यादा है।
तिवारी ने कहा कि मैं ''सचिन को भारत रत्न देने की घोषणा से सहमत नहीं हूं। दरअसल ऐसा करके भारत रत्न को ही मजाक बना दिया गया है। अब इस पुरस्कार का कोई महत्व नहीं रह गया है।''
उन्होंने कहा, ''सचिन तेंदुलकर ने कोई मुफ्त में क्रिकेट नहीं खेला है। उन्होंने इसी खेल से हजारों करोड़ों रुपये कमाएं हैं। ऐसे में उन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किये जाने की घोषणा समझ से परे है।'' तिवारी ने कहा कि भारत रत्न के लिए मेजर ध्यानचंद के नाम पर विचार क्यों नहीं किया गया, यह सवाल बनता है।
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