नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए एक न्यायाधीश पर इंटर्नशिप के दौरान शोषण का आरोप लगाने वाली महिला ने सोमवार को शीर्ष अदालत के तीन न्यायाधीशों के समक्ष दो घंटे से अधिक समय तक अपना बयान दर्ज कराया। न्यायमूर्ति आरएम लोढा की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति इस आरोप की जांच कर रही है।
इस महिला इंटर्न ने दो घंटे से अधिक समय तक अपना बयान दर्ज कराने के साथ ही समिति से इसकी गोपनीयता बनाए रखने का अनुरोध भी किया। शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल रविंद्र मैथानी ने बताया कि समिति की अगली बैठक 20 नवंबर को होगी। उससे अगली बैठक में फिर से उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
मैथानी इस जांच समिति के सदस्य सचिव हैं। जिसमें न्यायमूर्ति लोढा के अलावा न्यायमूर्ति एचएल दत्तू और रंजना प्रकाश देसाई को शामिल किया गया है। मैथानी ने इस मामले में आगे के घटनाक्रम पर कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
जांच समिति ने इस इंटर्न से सोमवार को पेश होकर बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इस इंटर्न ने न्यायाधीश के खिलाफ यह आरोप लगाए हैं जिसकी जांच यह समिति कर रही है। प्रधान न्यायाधीश पी सदाशिवम ने 12 नवंबर को महिला द्वारा लगाए गए आरोप की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय न्यायाधीशों की समिति गठित की थी। समिति का गठन करते समय उन्होंने टिप्पणी की थी कि न्यायपालिका का मुखिया होने के नाते वह चिंतित हैं और यौन शोषण के मामलों को हल्के से नहीं लिया जा सकता है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि यह समिति 12 नवंबर से ही अपना काम शुरु कर देगी। यह समिति इस मामले के सारे तथ्यों का पता लगाकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
Source- News in Hindi
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