चेन्नई। भारतीय धुरंधर विश्वनाथन आनंद को शनिवार से शुरू हो रही बहुप्रतीक्षित विश्व शतरंज चैंपियनशिप में अपना खिताब बरकरार रखने के लिए नॉर्वे के युवा मैग्नस कार्लसन की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, लिहाजा इस बार मुकाबला आनंद के अनुभव और कार्लसन जोश के बीच होगा। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद और 22 वर्षीय कार्लसन के बीच मैच की तुलना बॉबी फिशर और बोरिस स्पास्की के बीच 1972 के मुकाबले से की जा रही है।
चैंपियनशिप में सभी 12 बाजियां क्लासिकल प्रणाली के तहत खेली जाएंगी। इसमें दोनों खिलाड़ियों को पहली 20 चालों के लिए 120 मिनट, अगली 20 चाल के लिए 60 मिनट और बाकी खेल के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा। 61वीं चाल के बाद प्रत्येक चाल के साथ 30 सेकेंड का समय बढ़ जाएगा। जो भी खिलाड़ी पहले 6.5 अंक बनाएगा वह चैंपियन बनेगा और ऐसा यदि 12 बाजियों से पहले हो जाता है तो फिर बाकी की बाजियां नहीं खेली जाएंगी। विजेता को पुरस्कार राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इस मुकाबले के लिए कुल पुरस्कार राशि 14 करोड़ रुपये है। अगर 12 बाजियों के बाद स्कोर बराबर रहता है तो फिर विजेता का निर्धारण करने के लिए छोटी अवधि की बाजियां खेली जाएंगी। मुकाबला टाईब्रेकर में जाने से विजेता को कुल पुरस्कार राशि का 55 प्रतिशत ही मिलेगा।
पहली बाजी शनिवार को होटल हयात में खेली जाएगी। दसवीं बाजी तक दो बाजियां लगातार दो दिन खेली जाएंगी और उसके बाद विश्राम का दिन होगा। आखिरी दो बाजियों में प्रत्येक बाजी के बाद विश्राम का दिन होगा। यदि जरूरत पड़ी तो टाइब्रेक की बाजियां 28 नवंबर को खेली जाएंगी जिसके बाद समापन समारोह होगा। तमिलनाडु सरकार इस मुकाबले की आधिकारिक प्रायोजक है और उसने इसके लिए 29 करोड़ रुपये दिए हैं।
Source- Sports News in Hindi
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