Tuesday, 5 November 2013

Folk singer Reshma famous in Pakistan and Indian film Industry

रेशमा तो इस जहान से रुखसत हो गईं। रह गईं उनकी बातें और जादू बिखेरने वाले उनके नगमे। आइए नजर डालते हैं उनके दिल से जुबां पर आए कुछ लब्ज जो कम ही लोगों को मालूम हैं:
- पाकिस्तान में भौंडे गीतों की होड़ है, गायक अश्लीलता परोस रहे हैं, मुझे कोई करोड़ रुपये दे तो भी न ऐसा गीत गाऊं।
- नौशाद मेरे गुरु हैं, मैं उनकी पूजा करती हूं।
- मैं तो अनपढ़ हूं, मैं क्या जानूं नए संगीत की बातें। 

लंबी जुदाई से मिली पहचान
बॉलीवुड के फिल्म निर्माता सुभाष घई की फिल्म हीरो में गाए गीत 'लंबी जुदाई' से चमकी रेशमा ने भारत में कुल 103 कार्यक्रम दिए। कला व थिएटर के कद्रदान व प्रमोटर डॉ. एसके पूनिया ने तीन दशक तक रेशमा के प्रोग्राम अरेंज करवाए। 

शादी में आने के मिलते थे 5 लाख
डॉ. एसके पूनिया (16, पंचकूला) ने कहा कि रेशमां की शोहरत का अंदाजा इसी से लग जाता है कि उन दिनों शादी में आने और गाने के वह 5 लाख रुपये लेती थी मगर अपने भतीजे भवेश की शादी में उसने कुछ लेना तो दूर उल्टा सभी रस्में निभाईं, शगुन भी दिया। दो घंटे सिर्फ और सिर्फ बधाइयां गाईं सो अलग। मैं अपनी बहन का यह प्यार-दुलार कभी नहीं भूल सकता।

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