Friday, 15 November 2013

Sebi to introduce Tighter Disclosure Norms for Companies

Sebi
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कॉरपोरेट सेक्टर में और ज्यादा पारदर्शिता लाने और हर तरह के निवेशकों के हितों की बेहतरीन तरीके से रक्षा करने के लिए बाजार नियामक सेबी अगले हफ्ते एक विस्तृत दिशानिर्देश लाने जा रहा है। इसके तहत शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अपनी गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं को सार्वजनिक करने के मौजूदा नियमों में व्यापक बदलाव किया जाएगा। सूचना छिपाने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का रास्ता भी इसके साथ साफ हो जाएगा।

वैसे, तो सेबी चेयरमैन यूके सिन्हा ने शुक्रवार को मुंबई में इस बात का एलान किया। लेकिन इसकी तैयारियों को पिछले दिनों ही वित्त मंत्रालय के साथ उच्चस्तरीय बैठक में अंतिम रूप दिया गया। नए नियम का मसौदा सेबी की तरफ से गठित उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। कॉरपोरेट गवर्नेस पर इस समिति ने जनवरी, 2013 में ही रिपोर्ट दे दी थी। उसके कुछ हिस्से को नए कंपनी कानून में शामिल किया गया है।
कुछ अहम हिस्से मसलन, शेयर होल्डिंग पैटर्न, कम हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों, वित्तीय सलाहकार फर्मो के साथ रिश्ते आदि के संबंध में नए नियमों की घोषणा अब की जाएगी। नए नियम में कायदे कानून के मुताबिक सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाली कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों को दोषी ठहराने और उनके दायित्व तय करने के प्रावधान होंगे।
मुंबई में एक सेमिनार में सेबी चेयरमैन ने इस संभावित घोषणा को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तक जैसा चल रहा है, वैसा अब नहीं चलेगा। दुनिया भर में निवेशकों के हितों की रक्षा को लेकर तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। भारत भी इसकी अनदेखी नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि अभी तक नियामक एजेंसियां गलती होने पर कंपनियों को दोषी ठहराती थी। मगर अब सीईओ और सीएफओ के खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है। भारतीय संदर्भ में उन्होंने बताया कि 1100 कंपनियों ने अपने शेयरहोल्डिंग पैटर्न के बारे में गलत जानकारी दी है, जबकि 900 कंपनियों ने कॉरपोरेट गवर्नेस के बारे में सही सूचनाएं नहीं दी है। सूत्रों के मुताबिक, हाल के दिनों में अमेरिका और यूरोप में निवेशकों के हितों को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। कई भारतीय कंपनियां इन देशों में काम कर रही हैं और इन देशों के बाजार में सूचीबद्ध कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। ऐसे में भारतीय कानून को भी उसी हिसाब से बदलना चाहिए। अगले हफ्ते सेबी की तरफ से उठाया गया कदम इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण होगा।

 Source- Hindi News

No comments:

Post a Comment