जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में गणित विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर सपना जैन ने अपने सभी स्वर्ण पदक विश्वविद्यालय को लौटा दिए हैं। शिक्षिका ने यौन शोषण के मामले में न्याय न मिलने, विभाग में अवैध रूप से डिग्री बांटने व पैसे लेकर अंक बढ़ाए जाने का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है।
शिक्षिका का कहना है कि उन्होंने कुलपति से भी मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाया। सपना जैन ने सभी स्वर्ण पदक कुलपति कार्यालय के रिसेप्शन पर लौटा दिए।
डीयू के गणित विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सपना जैन ने वर्तमान विभागाध्यक्ष पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। सपना जैन दिल्ली विश्वविद्यालय में 1994 में एमएससी गणित विषय में टॉपर रही हैं। वह सांख्यिकी और विज्ञान के सभी विषयों में भी टॉपर रही हैं।
उनका कहना है कि अब वे ऐसे संस्थान का सम्मान अपने पास नहीं रख सकतीं, जहां पर खुलेआम पैसे लेकर डिग्रियां बांटी जाती हैं और यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाने पर कोई सुनवाई नहीं होती। इसलिए विरोध स्वरूप उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। शिक्षिका का आरोप है कि वर्तमान विभागाध्यक्ष मीटिंग में इसके खिलाफ आवाज उठाने पर मीटिंग से बाहर जाने को कहते हैं और अपमानजनक शब्दों का भी प्रयोग करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष ने पैसे लेकर कई छात्रो के अंक बढ़ाए हैं। शिक्षिका का कहना है कि विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग ने उनसे कक्षा में अनुपस्थिति संबंधी स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन विभागाध्यक्ष ने बिना अनुमति के उस गोपनीय पत्र को खोल लिया और इसे विभाग वाले लिफाफे में डालकर उन्हें भेजा। शिक्षिका ने इसकी शिकायत डीयू प्रशासन से भी की। शिक्षिका ने मॉरिस नगर थाने में विभागाध्यक्ष के खिलाफ मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की शिकायत भी दर्ज कराई है।
शिक्षिका ने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सहित दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी पत्र भेजा है।
Source- News in Hindi
No comments:
Post a Comment