नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज पर एक और महिला इंटर्न वकील ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिये आरोप लगाने वाली पीड़िता ने रिटायर्ड जज का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। इससे पहले छह नवंबर को एक इंटर्न वकील द्वारा इसी रिटायर्ड जज पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद मामले की जांच के लिए तीन जजों की समिति गठित की गई है।
'लीगली इंडिया' वेबसाइट के मुताबिक दूसरी इंटर्न वकील ने 11 नवंबर को अपने नाम से फेसबुक पर यौन उत्पीड़न की घटना का विवरण दिया। दूसरी महिला वकील भी कोलकाता के एनयूजेएस (नेशनल यूनिवर्सिटी ज्यूरिडिकल साइंसेज, कोलकाता) की छात्रा रह चुकी है।
वेबसाइट के अनुसार, अपनी टिप्पणी में इस इंटर्न ने कहा कि उन्हें कई बार यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा है। हालांकि, बाद में इस टिप्पणी को फेसबुक से हटा दिया गया। वेबसाइट के मुताबिक टिप्पणी में कहा गया था, 'गत वर्ष ही तीन अलग-अलग मौकों पर मेरे साथ यौन दुर्व्यवहार किया गया। महिलाओं को अपने बॉस या प्रभावशाली लोगों द्वारा अक्सर इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।'
इंटर्न ने आगे लिखा, जब महिला वकील (6 नवंबर की घटना) द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया तो मैंने उनसे (आरोपी जज) से इस संबंध में बात की। उन्होंने वादा किया कि भविष्य में वह किसी और महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेंगे।
इस इंटर्न के मुताबिक उन्होंने उस समय अन्य महिला वकीलों को इस घटना के बारे में बताया तो पता चला कि रिटायर्ड जज अतीत में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पीड़िता ने एनयूजेएस, कोलकाता के प्रशासन से मामले की त्वरित जांच कराने की भी मांग की है।
इनका दावा है कि जज के व्यवहार को लेकर उन्होंने संस्थान के वरिष्ठ प्रोफेसरों को सतर्क भी किया था। इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की लॉ फैकल्टी के पूर्व डीन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने आरोपी जज के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
Source- Hindi News
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