Friday, 1 November 2013

आतंकी ताबिश रिमांड पर, घायल तारिक की मौत



पटना : राजधानी पुलिस ने आतंकी ताबिश उर्फ अरशद को सात दिन की रिमांड पर लिया है। जंक्शन पर विस्फोट में घायल हुए दहशतगर्द तारिक की इलाज के दौरान गुरुवार की आधी रात के बाद मौत हो गई। डाक्टरों की टीम ने पीएमसीएच में उसका पोस्टमार्टम किया। परिजनों के न आने के कारण शव को 72 घंटे तक रखा जाएगा। इधर, एनआइए की टीम ने मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार मो. मोनू जाहिर के बिहटा स्थित मचहलपुर लई गांव में छापेमारी की। घर से ऐसे कागजात मिले हैं, जिनसे साबित होता है कि मो. मोनू इंडियन मुजाहिदीन से काफी लंबे अर्से से जुड़ा है।
गांधीमैदान में 27 अक्टूबर को हुंकार रैली के दौरान हुई सीरियल ब्लास्ट मामले में न्यायिक दंडाधिकारी प्रवाल दत्ता की अदालत ने अप्राथमिकी अभियुक्त ताबिश अंसारी उर्फ अरशद को 7 दिनों के लिये पुलिस रिमांड पर बेउर केन्द्रीय कारा अधीक्षक को गांधी मैदान पुलिस को सौंप देने का आदेश दिया। अंसारी 30 अक्टूबर से जेल में है। पुलिस ने अदालत से 15 दिनों के लिये पुलिस रिमांड की मांग की थी। गांधी मैदान पुलिस की ओर से आज अदालत को बताया कि अंसारी से गहन पूछताछ की आवश्यकता है। उससे देश में कोने-कोने में फैले आतंकवादियों की सुराग मिलने की संभावना है। अदालत को बताया गया कि अंसारी को अन्य राज्यों में भी ले जाने की आवश्यकता पड़ सकती है। सूत्रों के अनुसार अब गांधी मैदान पुलिस इस मामले से जुड़े जेल में बंद अन्य आरोपियों को प्रोडक्शन के लिये अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाने की तैयारी में लगी है।

उधर, पटना जंक्शन पर रविवार को हुए बम ब्लास्ट में घायल आतंकी तारिक उर्फ ऐनुल ने इलाज के दौरान गुरुवार की देर रात इलाज के दौरान आइजीआइएमएस में दम तोड़ दिया। शुक्रवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच पीएमसीएच में तारिक के शव का पोस्टमार्टम किया गया। कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई। मौत की खबर मिलने के बावजूद उसके पिता अताउल्लाह शव लेने नहीं पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव जंक्शन स्थित शीत शव गृह में रखा गया है। यदि, इस बीच उसके परिजन नहीं आए तो मुस्लिम कमेटी को बुलाकर अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। 

बताते चलें कि रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र का रहने वाला तारिक उर्फ ऐनुल रविवार की सुबह साथी इम्तियाज के साथ प्रियांशु ट्रेवल्स की बस से तीन बम लेकर पटना आया था। पटना जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दस के बाहर शौचालय में टाइमर सेट करने के दौरान सुबह करीब 9.30 में बम फटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके दाहिने घुटने के नीचे व सिर के पीछे गंभीर चोटें आई थी। साथ ही उसका चेहरा भी बुरी तरह जल गया था। मौके पर मौजूद पुलिस बल की मदद से उसे आटो द्वारा पीएमसीएच ले जाया गया। जंक्शन पर हुए विस्फोट के घंटाभर बाद गांधी मैदान में सीरियल बम ब्लास्ट हो गया। जिसके बाद पीएमसीएच में घायलों का तांता लग गया। जीआरपी के एसआइ गौतम कुमार ने बताया कि भीड़ का फायदा उठाकर तारिक को इंडियन मुजाहिदीन के सदस्य भगाकर ले ना जाएं, इसलिए उसे दोपहर 1 बजे एम्बुलेंस द्वारा आइजीआइएमएस में भेजा गया। घटना के बाद से वह कोमा में था। गुरुवार की देर रात करीब 1.30 बजे उसने अंतिम सांस ली। वह रांची के एक कालेज से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था। राजधानी में हुए सीरियल बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड तहसीन उर्फ मोनू उसकी पुरानी जान-पहचान थी। उसी के माध्यम से तारिक की दोस्ती इम्तियाज, तौफिक और नूमान से हुई। 

Source- News in Hindi

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