लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। बहुजन समाज पार्टी 16वीं लोकसभा के चुनाव को अकेले दम पर लड़ेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने किसी भी पार्टी से चुनावी गठबंधन की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की तिकड़ी लालकृष्ण आडवानी, नरेन्द्र मोदी व राजनाथ सिंह अपने-अपने स्वार्थ में एक-दूसरे को काटने में लगे हैं जिसका फायदा लोकसभा चुनाव में बसपा को मिलेगा। सूबे की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठाते हुए उन्होंने राज्यपाल से राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग की है। साथ ही सपा की सामाजिक न्याय यात्रा को नाटकबाजी करार दिया है।
तकरीबन तीन माह बाद शुक्रवार को राजधानी लखनऊ पहुंचीं बसपा प्रमुख ने शनिवार को माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से कहा कि लोकसभा चुनाव में गठबंधन की बातें हवाई व बेबुनियाद हैं। साजिश के तहत विरोधियों द्वारा ऐसी अफवाह फैलायी जा रही है ताकि पार्टी का नुकसान हो। सपा से भी मिलने का सवाल नहीं उठता।
मायावती ने बसपा के संस्थापक कांशीराम के निधन पर राज्य की सपा व केंद्र की कांग्रेस सरकार द्वारा शोक न घोषित करने का जिक्र करते हुए कहा कि कांशीराम को आदर सम्मान न देने वालों से बसपा का नाम जोड़ना ठीक नहीं। केंद्र की सत्ता से भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी को रोकने को ही वह यूपीए को बाहर से समर्थन दे रही हैं।
बहराइच रैली में नरेन्द्र मोदी द्वारा सपा, कांग्रेस व बसपा गठजोड़ की बात करने पर उन्होंने कहा कि यह उनकी अज्ञानता व शरारतपूर्ण शैतानी को प्रदर्शित करने वाला है। भाजपा नेताओं को दूसरी पार्टियों से मुकाबला करने से पहले आपसी लड़ाई व अंतर्विरोध से मुक्ति पाना चाहिए। भाजपा नेता देश की समस्याओं के समाधान को बड़ी-बड़ी बातें कहते हैं पर छह वर्ष तक केंद्र की सत्ता में रहने के दौरान उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? चुनाव में वोटों के ध्रुवीकरण को सपा व भाजपा मिलीभगत से सांप्रदायिक जहर फैलाकर माहौल खराब कर सकते हैं जिससे जनता सावधान रहे।
मायावती ने कहा कि सूबे में अपराध बढ़ रहे हैं। नए उद्योग लगना दूर, पुराने भी पलायन कर रहे हैं। प्रदेश पूरी तरह से पिछड़ा प्रदेश बन जाएगा। ऐसे में यहां राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने को लेकर सपा की सामाजिक न्याय यात्रा को बसपा प्रमुख ने नाटकबाजी व छलावा करार देते हुए कहा कि विहिप की तरह ऐसी यात्राएं निकालने से पहले सपा ओबीसी समाज के लोगों से सार्वजनिक माफी मांगें क्योंकि उसकी सरकार के आदेश से इन्हें आरक्षण नहीं मिल सका था। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा बसपा में दलित लीडरशिप को न उभरने देने के बयान पर मायावती ने कहा कि उनको दलित नेतृत्व पैदा करने से किसने रोका है?
धनंजय पर कानूनी कार्रवाई देखने के बाद ही निर्णय
नौकरानी की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जौनपुर के बसपा सांसद धनंजय सिंह के संबंध में मायावती ने कहा है कि अभी यह देखा जा रहा है कि उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई होती है? इसके बाद ही पार्टी कोई फैसला करेगी। धनंजय को पार्टी ने एक बार फिर जौनपुर से चुनाव लड़ाने का निर्णय कर रखा है।
दलित विरोधी मानसिकता नहीं तो और क्या
दिल्ली में कई बंगलों को जोड़कर बनाए गए बहुजन प्रेरणा केंद्र और भाई की संपत्ति को लेकर मीडिया में आ रही खबरों पर भी बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रेरणा केंद्र पूरी तरह से उचित व नियमानुसार बनाया गया है। भाई-बहन की संपत्ति से भी उनका कोई संबंध नहीं है।
उनकी छवि को धूमिल करने के लिए जान-बूझकर इस तरह की खबरें दिखाई व छापी जा रही हैं। दिल्ली में तो कई हस्तियों के स्मारक व संग्रहालय 5-6 एकड़ के सरकारी बंगलों में बने हैं लेकिन उनके बारे में खबर नहीं दिखाई जाती है। जबकि तीन बंगलों को जोड़कर मात्र डेढ़-पौने दो एकड़ में ही प्रेरणा केंद्र बनाया गया है, जिसका पूरा खर्च उनका ट्रस्ट ही उठाता है। दलित विरोधी मानसिकता रखने वाले ही सरकारी नियमों के उल्लंघन की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं।
Source- News in Hindi
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