पणजी। गोवा में नाइजीरिया नागरिकों के उत्पात के बाद अब अफ्रीकी देश के दूतावास के अधिकारी ने भारत धमकी दी है। इसके मुताबिक यदि उसके लोगों को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया तो नाइजीरिया में रहने वाले लाखों भारतीयों को इसका अंजाम भुगतान पड़ेगा।
दो दिन के दौरे से नई दिल्ली वापस लौटते हुए नाइजीरियाई दूतावास के अधिकारी जैकब नवडाडिया ने सोमवार को गोवा सरकार को रात नौ बजे तक नाइजीरिया के नागरिकों के कथित अवैध निष्कासन पर रोक लगाने की चेतावनी दी
जैकब के मुताबिक भारत में 50 हजार नाइजीरियाई रह रहे हैं, लेकिन उनके देश में 10 लाख से ज्यादा भारतीय हैं। यदि उनके नागरिकों के निष्कासन को नहीं रोका गया तो वहां के भारतीयों को उठाकर सड़कों पर फेंक दिया जाएगा। नाइजीरिया का समय भारतीय मानक समय से पांच घंटे पीछे है। इस तरह से यह समय सीमा रात दो बजे समाप्त हो जाएगी।
गौरतलब है कि अपने साथी की कथित हत्या से उत्तोजित नाइजीरियाई नागरिकों ने एनएच 17 को जाम कर उत्पात मचाया था। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद गोवा सरकार ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान चलाया है।
नवडाडिया ने बताया कि यहां पुलिस घर-घर जाकर नाइजीरियाई लोगों को ढूंढ़ रही है और उन्हें जबरन बाहर कर रही है। यहां कानून का राज नहीं है। उन्होंने भाजपा विधायक की पत्नी की अध्यक्षता में हुई पंचायत में लिए गए फैसले को वापस लेने की मांग की। इसके तहत गांव में उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रताड़ना तुरंत बंद की जाए।
इस बीच, पार्रिकर ने कहा है कि गोवा में रह रहे ज्यादातर नाइजीरियाइयों के पास नागरिकता प्रमाण के तौर पर मात्र पासपोर्ट और वीजा की फोटोकॉपी है।
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