Thursday, 21 November 2013

Kidnapping and Assault Case: Relief to Baba Ramdev Brother

kidnapping and assault case
नैनीताल, जागरण संवाददाता। युवक के अपहरण के आरोप में फंसे योगगुरु बाबा रामदेव के भाई रामबरत यादव के मामले का बृहस्पतिवार को पटाक्षेप हो गया। कथित तौर पर पीड़ित युवक ने हाई कोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि उस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। इस पर न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकल पीठ ने उसे कहीं भी आने-जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया।

दरअसल, 18 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के रेई गांव निवासी सोमदत्त ने हरिद्वार के थाना कनखल में तहरीर देकर बाबा रामदेव के भाई रामबरत पर उसके पोते नितिन त्यागी के अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस प्राथमिकी को झूठा करार देते हुए रामबरत ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर इसे निरस्त करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आग्रह किया था। सुनवाई के दौरान सोमदत्त ने अदालत में शपथ-पत्र दिया कि नितिन अपनी मर्जी से दोस्तों के साथ नौकरी की तलाश में गया था। उसका अपहरण नहीं हुआ। अदालत ने कनखल पुलिस को नितिन को पेश करने का निर्देश दिया। बृहस्पतिवार को कनखल पुलिस नितिन त्यागी के साथ नैनीताल हाई कोर्ट पहुंची। जहां नितिन ने अदालत को बताया कि उस पर कोई दबाव नहीं है और वह घर जाना चाहता है।

रामबरत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
हरिद्वार। अपहरण के मामले में राहत पाए योगगुरु बाबा रामदेव के भाई रामबरत नई मुश्किल में फंस गए हैं। उनके खुद के द्वारा दर्ज कराए चौथ वसूली के मामले में पेश नहीं होने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सागर ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसकी अगली सुनवाई चार दिसंबर को होगी। रामबरत ने कनखल थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि 13 अक्टूबर की सुबह उनके मोबाइल पर जान की धमकी देकर 15 लाख रुपये मांगे गए थे। पुलिस ने आरोपी दीपू भट्ट पुत्र सुरेंद्र निवासी शिवपुरी कनखल के खिलाफ आरोप पत्र भी अदालत में दाखिल किया था। लेकिन इसके बाद रामबरत अदालत में पेश नहीं हुए।

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