चेन्नई। भारत का मंगल अभियान अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसे हम भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का मील का पत्थर भी कह सकते हैं।
भारतीय अंतरिक्ष संगठन (इसरो) के एक प्रवक्ता ने बताया, प्रक्षेपण के लिए रविवार को शुरू हुई उल्टी गिनती लगातार जारी है। यह काउंटडाउन मंगलवार दोपहर दो बजकर 38 मिनट पर खत्म होगा। इस वक्त पर भारत मंगलग्रह के लिए अपना अंतरिक्ष यान लॉन्च करेगा। चीजें सामान्य हैं। हम तैयारियों के काम में व्यस्त हैं। रॉकेट की लंबाई 44.4 मीटर है और इसे स्पेसपोर्ट के फर्स्ट लॉन्च पैड पर लगाया गया है। यहां 76 मीटर लंबा एक मोबाइल सर्विस टावर लगा है, जो 230 किलोमीटर प्रति घंटा की गति वाली हवा में भी टिका रह सकता है। इस तरह यह चक्रवात की स्थिति से निपटने में सक्षम है। लॉन्च से पहले इसे हटा लिया जाएगा।
पीएसएलवी 25 मंगलवार को यहां से 100 किलोमीटर दूर स्पेसपोर्ट से दोपहर 2 बजकर 38 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा। इसरो सूत्रों ने कहा कि इस व्हीकल की स्थिति का लगातार निगरानी रखने वाले पोर्ट ब्लेयर, बेंगलूर के पास बाएलालू और ब्रूनेई के ट्रैकिंग स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं समुद्री टर्मिनलों (भारतीय जहाजरानी निगम के जहाजों) एससीआई नालंदा और एससीआई यमुना ने दक्षिणी प्रशांत महासागर में अपनी जगह ले ली है। ऐसा माना जा रहा है कि उड़ान के बाद रॉकेट को पृथ्वी की कक्षा में उपग्रह छोड़ने में 40 मिनट से ज्यादा समय लगेगा।
मंगलग्रह पर जाने वाला यान 1 दिसंबर को ग्रह के लिए अपनी यात्रा शुरू करने से पहले 20 से 25 दिन तक पृथ्वी के चारों ओर घूमेगा और 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुंच जाएगा। यदि 450 करोड़ की लागत वाला यह मंगल अभियान सफल रहता है तो मंगल पर अभियान भेजने वाली इसरो विश्व की चौथी अंतरिक्ष स्पेस एजेंसी होगी।
Source- News in Hindi
No comments:
Post a Comment