बेंगलूर। इसरो के पूर्व प्रमुख जी माधवन नायर इस दावे से सहमत नहीं है कि मंगल मिशन अभियान का मकसद लाल ग्रह पर जीवन की संभावना तलाशने को लेकर प्रयोग किए जाएंगे। उन्होंने इस संबंध में इसरो प्रमुख के राधाकृष्णन और पूर्व प्रमुख कस्तूरीरंगन के बयान पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मिशन के दौरान जीवन की संभावना तलाशने की बात करना मूर्ख बनाने जैसा है। एक छोटे से मीथेन सेंसर के जरिये आप जीवन के लक्षण नहीं खोज सकते हैं, क्योंकि अगर आप इस लघु उपकरण से जीवन की संभावना के लिए जरूरी मीथेन गैस खोजने की कोशिश करेंगे तो निराशा ही हाथ लगेगी। यह सेंसर गैस की मौजूदगी को नहीं तलाश कर सकता है।
उन्होंने कहा, 'मार्स रोवर के आकलन के आधार पर नासा की ओर से सार्वजनिक तौर पर यह दावा किया जा चुका है कि मंगल पर जीवन की रबी भर भी संभावना नहीं है। इस सच्चाई के बाद जब कोई जीवन तलाशने की बात करता है तो वह देश को मूर्ख ही बना रहा है।'
Source- News in Hindi
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