सुल्तानपुर [जासं]। बालिका का अपहरण और रेप के आरोप पर गुरुवार को सत्तारुढ़ समाजवादी पार्टी के विधायक अरुण वर्मा ने सफाई दी। बोले 'मैं अठारह सितंबर को विधानसभा की कार्यवाही में भाग ले रहा था। सीसी फुटेज में जिसके प्रमाण हैं। अभिलेखों में भी मेरी उपस्थिति दर्ज है। मेरे खिलाफ राजनीतिक साजिश के तहत चरित्र हनन का आरोप लगाया गया है। अदालत पर मुझे पूरा भरोसा है।'
जयसिंहपुर क्षेत्र के चोरमा गांव के एक व्यक्ति ने बुधवार को अदालत में अर्जी देकर कहा कि उसकी पुत्री 18 सितंबर को अपनी मां के साथ शहर में इलाज कराने गई थी। वहीं से उसी गांव का एक युवक बहला-फुसला कर गोलाघाट स्थित एक निजी अतिथिगृह लेकर गया था। अतिथि गृह में पहले से ही विधायक अरुण वर्मा मौजूद थे। दोनों लोगों ने उसकी बेटी के साथ रेप किया। पूरी घटना में विधायक व महिला सिपाही सहित आठ लोग शामिल हैं।
अर्जी में यह भी कहा गया कि नगर कोतवाली में दर्ज इस मामले में पीड़िता ने कलमबंद बयान में इन सारी बातों का उल्लेख किया है, लेकिन पुलिस सही विवेचना नहीं कर रही है। मजिस्ट्रेट ने विवेचक को केस डायरी सहित अदालत में तलब किया है।
सपा कार्यालय में गुरुवार को विधायक ने पत्रकारों से कहा कि समाचार पत्रों से मुझे जानकारी मिली। उसमें अन्य जिन लोगों के नाम हैं, उनको भी मैं नहीं जानता। मेरी किसी से कोई रंजिश भी नहीं है, यह सब कौन कर रहा है, जल्द पता चल जाएगा।
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