मुंबई। वानखेड़े स्टेडियम पर अपना आखिरी व 200वां टेस्ट खेल रहे सचिन तेंदुलकर की पारी 74 रनों से आगे नहीं जा सकी। जब पूरा देश एक आखिरी शतक की आस लगाए बैठा था तब नरसिंह देवनारायण ने एक बेहतरीन गेंद पर सचिन को स्लिप पर कप्तान डेरेन सैमी के हाथों कैच आउट करा दिया लेकिन उनके योगदान के बाद चेतेश्वर पुजारा (113) व रोहित शर्मा (नाबाद 111) ने शतक जड़ते हुए वेस्टइंडीज को पूरी तरह से बैकफुट पर ढकेल दिया। भारत ने 313 रनों की बढ़त हासिल की और दिन के अंत तक दूसरी पारी में 43 के स्कोर पर तीन कैरेबियाई बल्लेबाजों को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। अब भारत सचिन की विदाई सीरीज में जीत से 7 विकेट दूर है, जबकि वेस्टइंडीज अभी भी भारत से 270 रन पीछे है।
दूसरे दिन की शुरुआत पूरी तरह से सचिनमय रही। 38 के निजी स्कोर पर पहले दिन नाबाद रहने वाले सचिन ने दूसरे दिन की सुबह अपना पचासा पूरा करके फैंस को झूमने का मौका दिया। उन्होंने 91 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और इस दौरान 9 चौके लगाए। यह सचिन के टेस्ट करियर का 68वां अर्धशतक रहा, हालांकि वह अपनी पारी को 74 रन से आगे नहीं ले जा सके। सचिन ने 118 गेंदें खेलीं और इस दौरान 12 चौके लगाए।
इससे पहले, पहले दिन दूसरे सत्र में ही वेस्टइंडीज की पारी समेटने के बाद भारतीय टीम ने सधी हुई शुरुआत की थी और पहले विकेट की साझेदारी में शिखर धवन (33) और मुरली विजय (43) ने 77 रन बनाए। धवन को शिलिंगफोर्ड ने चंद्रपॉल के हाथों आउट कराया। धवन ने 28 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके लगाए। धवन के बाद विजय भी उसी ओवर में डेरेन सैमी को कैच थमा बैठे। विजय ने 55 गेंदों में आठ चौके लगाए।
दूसरे दिन सचिन की 74 व विराट कोहली के 57 रनों की पारी के बाद चेतेश्वर पुजारा ने अपने करियर का पांचवां टेस्ट शतक लगाया, वो 113 की शानदार पारी के बाद शिलिंगफोर्ड का शिकार बने, जबकि धौनी महज 4 रन बनाकर बेस्ट की गेंद पर स्लिप में कैच हो गए। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन (30) ग्रेब्रियाल का शिकार बने, फिर भुवनेश्वर कुमार (4) के रूप में 8वां झटका लगा और ओझा (0) के रूप में नौवां झटका लगा, लेकिन अंत होते-होते रोहित शर्मा ने भी कमाल दिखा दिया। पहले टेस्ट में अपने टेस्ट करियर का आगाज शतक के साथ करने वाले रोहित ने दूसरे टेस्ट में भी जानदार शतक जड़ डाला। उन्होंने नाबाद 111 रनों की पारी खेली। रोहित का यह लगातार दूसरा शतक रहा। अजहरुद्दीन और गांगुली के बाद वो लगातार दो टेस्ट शतक लगाने वाले तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। जिसके दम पर मुंबई टेस्ट में भारत 313 रनों की बड़ी बढ़त हासिल करने में सफल रहा।
दूसरी पारी में जवाब में उतरे कैरेबियाई टीम के बल्लेबाज शुरू से ही लड़खड़ाते दिखे और आते ही विकेटों की झड़ी लगना शुरू हो गई। पहले 15 रन के कुल स्कोर पर अश्विन ने पॉवेल (9) को आउट किया। इसके बाद नाइटवॉचमैन की भूमिका निभाने पिच पर उतरे टीनो बेस्ट (9) को ओझा ने अपना शिकार बनाया और एलबीडब्ल्यू करते हुए पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। वहीं, दिन खत्म होते-होते कैरेबियाई टीम के इन फॉर्म बल्लेबाज डेरेन ब्रावो (11) भी अश्विन की गेंद पर विजय के हाथों कैच होकर पवेलियन लौट गए और वेस्टइंडीज को तीसरा झटका लगा। अब भारत को जीत के लिए महज 7 विकेटों की दरकार है।
इससे पहले, पहले दिन, टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण चुनने के अपने निर्णय को कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने सही साबित करते हुए प्रज्ञान ओझा और रविचंद्रन अश्रि्वन ने वेस्टइंडीज की पहली पारी सस्ते में समेट दी। वेस्टइंडीज के लिए कीरेन पॉवेल (48) ने सर्वाधिक रन बनाए, जबकि अपना 150वां टेस्ट मैच खेल रहे शिवनारायण चंद्रपॉल 25 रन पर आउट हुए। वेस्टइंडीज के लिए शुरुआत में सब ठीक लग रहा था क्योंकि पॉवेल और क्रिस गेल लय में दिख रहे थे। लेकिन समी ने कोलकाता के अपने शानदार सफर को जारी रखते हुए 25 के कुल योग पर गेल को अपने जाल में फंसा लिया। गेल 11 रन के निजी योग पर स्लिप में रोहित शर्मा के हाथों लपके गए। वेस्टइंडीज के लिए यह बड़ा झटका था, लेकिन डेरेन ब्रावो (29) और पॉवेल ने दूसरे विकेट के लिए 61 रनों की साझेदारी करते हुए इसकी भरपाई करने की कोशिश की। दोनों काफी अच्छा खेल रहे थे, लेकिन अश्रि्वन की फिरकी पर ब्रावो बल्ला लगा बैठे और धौनी ने उन्हें लपकने में कोई कोताही नहीं बरती। ब्रावो ने 63 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया। उनका विकेट 86 के कुल योग पर गिरा।
लंच तक दो विकेट गंवाने वाले वेस्टइंडीज ने पहले दिन के दूसरे सत्र में आठ विकेट गंवा दिए। पॉवेल ने 80 गेंदों में चार चौके और एक छक्का लगाया। चंद्रपॉल और सैमुअल्स के बीच दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी हुई। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 43 रन जोड़े। सैमुअल्स के जाने के बाद तो जैसे वेस्टइंडीज की पारी ताश के पत्तों का महल साबित हुई और आखिरी छह बल्लेबाज मिलकर 42 रन और जोड़ सके। वेस्टइंडीज के आखिरी चार बल्लेबाजों में तो तीन बिना खाता खोले लौट गए। भुवनेश्वर कुमार और मुहम्मद शमी को एक-एक विकेट हासिल हुए। दो मैचों की सीरीज में भारत 1-0 से आगे है।
Source- Cricket Hindi News
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